विनोद बंसल की प्रतिक्रिया: शोएब जमई की सड़क पर नमाज की मांग पर कानून का पालन करें

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विनोद बंसल की प्रतिक्रिया: शोएब जमई की सड़क पर नमाज की मांग पर कानून का पालन करें

सारांश

नई दिल्ली में विनोद बंसल ने शोएब जमई की सड़क पर नमाज अदा करने की मांग की आलोचना की। उन्होंने कानून का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया और यूपी पुलिस के दिशा-निर्देशों का स्वागत किया।

मुख्य बातें

कानून का पालन करना आवश्यक है।
सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा नहीं किया जा सकता।
यूपी पुलिस के दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।
धर्म स्वतंत्रता अधिनियम लोगों को लाभ पहुंचाएगा।

नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एआईएमआईएम के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई द्वारा सड़क पर 15 मिनट तक नमाज अदा करने की मांग की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा करने या उसे हथियाने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा। इस्लामी कट्टरपंथी दावा करते हैं कि जहां भी नमाज अदा की जाती है, वह अल्लाह का घर बन जाता है, लेकिन इसे कोई नहीं बदल सकता। आप कितने अल्लाह के घर बनाएंगे, और कहां?

उन्होंने कहा कि जो मस्जिदें खाली पड़ी हैं, वहां कोई नहीं जाता। वहां पर नमाज पढ़ने कोई नहीं आता। जब शक्ति प्रदर्शन करना होता है, लोगों को डराना होता है, तभी वहां नमाज पढ़ने की इच्छा होती है। उन्होंने कहा कि इस मानसिकता को छोड़ना पड़ेगा। यूपी पुलिस से सीखना चाहिए, जिसने हाल ही में नोटिफिकेशन जारी किया है कि किसी भी तरह से सड़क पर नमाज की अनुमति नहीं होगी।

विनोद बंसल ने आगे कहा कि कानून का पालन करना सीखिए। उन्होंने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपके जो नेता हैं, वे लंदन से बैरिस्टर की डिग्री लेकर आए हैं। वे देश के कानून और संविधान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन उनका पालन नहीं करते। उन्होंने कहा कि जब इतनी सारी मस्जिदें मौजूद हैं और घर पर भी नमाज पढ़ी जा सकती है, तो सड़क को घेरना क्यों जरूरी है? यूपी सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का विनोद बंसल ने स्वागत किया।

महाराष्ट्र कैबिनेट के धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी देने पर विनोद बंसल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। यहां के लोगों को धर्मांतरण के अभिशाप से मुक्ति मिलेगी। लव जिहाद से हिंदू समाज के अलावा अन्य समाज के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इसके लिए महाराष्ट्र की सरकार को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने भी यही कदम उठाया था। अब लगभग दर्जनभर से अधिक राज्य हो गए हैं, जहां धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के कानून बनाए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि समाज में शांति और कानून की व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। विनोद बंसल के विचारों को ध्यान में रखते हुए, हमें यह समझना चाहिए कि धार्मिक स्वतंत्रता के साथ-साथ कानून का पालन भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विनोद बंसल ने शोएब जमई की मांग पर क्या कहा?
विनोद बंसल ने शोएब जमई की सड़क पर नमाज अदा करने की मांग की कड़ी आलोचना की और कहा कि सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने का कोई प्रयास सफल नहीं होगा।
यूपी पुलिस ने सड़क पर नमाज के बारे में क्या निर्देश दिए हैं?
यूपी पुलिस ने हाल ही में नोटिफिकेशन जारी किया है कि किसी भी तरह से सड़क पर नमाज की अनुमति नहीं होगी।
धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 का क्या महत्व है?
यह अधिनियम लोगों को धर्मांतरण के अभिशाप से मुक्ति दिलाने और कानून का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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