बरेली में नमाज पर महंत राजू दास का बयान: 'सरकार को उठाना चाहिए कदम'
सारांश
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अयोध्या, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बरेली में नमाज अदा करने के मामले पर हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने बताया कि इन कठिन समय में, जहां हिंदू समुदाय की संख्या बहुत अधिक है, यदि वहां किसी मुसलमान का घर है, तो कुछ कट्टरपंथियों ने एक साजिश रचकर स्थानीय लोगों को भड़काने और उस घर में मुसलमानों को इकट्ठा करके नमाज पढ़ने का काम शुरू कर दिया है।
महंत राजू दास ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का जो निर्णय आएगा, उसे मान लेना चाहिए, लेकिन सरकार को भी इस मुद्दे पर सजग रहने की आवश्यकता है, और सामाजिक संगठनों को भी इस दिशा में आगे आना चाहिए।
बरेली में नमाज पढ़ने के मामले पर आर्य संत वरुण दास महाराज ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से घर पर प्रार्थना करना उचित है। यदि आप अपने घर पर हैं, तो आप उपासना कर सकते हैं; प्रार्थना कर सकते हैं। लेकिन यदि किसी के घर पर भीड़ एकत्र हो रही है और वहां नमाज अदा की जा रही है, तो इसका मतलब है कि आप एक अलग उद्देश्य की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे आस-पास के लोगों को परेशानी हो सकती है। इस मामले की उचित जांच होनी चाहिए।
अयोध्या धाम के साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा कि सबसे पहले, मैं कोर्ट के निर्णय की प्रशंसा करता हूं। और मैं यह पूछना चाहूंगा कि जो लोग अपने घरों में पूजा करना चाहते हैं, क्या आपके कुरान में ऐसा उल्लेख है? क्या आप सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करते हैं? क्या कुरान में इसकी कोई बात की गई है?
ज्ञात हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बरेली में एक घर में कथित तौर पर नमाज रोके जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। यह आश्वासन मिलने के बाद कि वहां कोई भीड़ नहीं होगी, कोर्ट ने डीएम और एसएसपी को कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया। डिवीजन बेंच ने इस याचिका का निपटारा करते हुए यह भी बताया कि हलफनामों में यह कहा गया था कि पहले नमाज किसी अन्य व्यक्ति के घर पर लोगों को इकट्ठा करके अदा की जाती थी।