सड़क पर नमाज पर BJP विधायक भूपेश चौबे का विवादित बयान, योगी के रुख का किया समर्थन

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सड़क पर नमाज पर BJP विधायक भूपेश चौबे का विवादित बयान, योगी के रुख का किया समर्थन

सारांश

रॉबर्ट्सगंज से BJP विधायक भूपेश चौबे का बयान — 'सड़क पर नमाज पढ़ने वाले ठोकाए जाएंगे' — सियासी बहस में तब्दील हो गया है। यह CM योगी आदित्यनाथ के उस रुख के बाद आया है जिसमें उन्होंने यातायात बाधित करने वाली किसी भी धार्मिक गतिविधि पर रोक की बात कही थी।

मुख्य बातें

रॉबर्ट्सगंज से BJP विधायक भूपेश चौबे ने 19 मई को कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने वालों को 'ठोकाया जाएगा।' चौबे ने CM योगी आदित्यनाथ के उस रुख का समर्थन किया जिसमें सार्वजनिक सड़कों पर यातायात बाधित करने वाली धार्मिक गतिविधियों पर रोक की बात कही गई।
CM योगी ने 18 मई को लखनऊ में कहा था कि कानून सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होता है।
चौबे का दावा — योगी और मोदी सरकार आने के बाद से सड़क पर नमाज की 'परंपरा' में कमी आई है।
आलोचकों का कहना है कि इस तरह की भाषा सांप्रदायिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है।

सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक भूपेश चौबे ने 19 मई को सड़क पर नमाज अदा करने को लेकर एक तीखी टिप्पणी की, जो अब सियासी हलकों में चर्चा का केंद्र बन गई है। चौबे ने कहा कि 'जो सड़क पर नमाज पढ़ेगा, वो ठोकाया भी जाएगा।' यह बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस सख्त रुख के बाद आया है जिसमें उन्होंने सार्वजनिक सड़कों पर किसी भी धार्मिक गतिविधि के कारण यातायात बाधित होने पर आपत्ति जताई थी।

मुख्य घटनाक्रम

BJP विधायक चौबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नमाज मस्जिद में अदा की जानी चाहिए, सार्वजनिक सड़कों पर नहीं। उन्होंने कहा, 'मस्जिद में नमाज पढ़िए, सड़क जाम करने के लिए कैसे बैठ सकते हैं? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फैसला बिल्कुल सही है।' चौबे ने यह भी दावा किया कि धीरे-धीरे सड़क पर नमाज पढ़ने की परंपरा समाप्त हो रही है।

योगी आदित्यनाथ का बयान — पृष्ठभूमि

18 मई को लखनऊ में आयोजित एक मीडिया कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक सड़कों पर नमाज को लेकर सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार किसी भी ऐसी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देगी जिससे यातायात बाधित हो। मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा था कि कानून सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होता है और सार्वजनिक सड़कें यात्रियों, कामकाजी लोगों तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए खुली रहनी चाहिए।

सरकार का रुख

BJP विधायक चौबे ने कहा कि जब से प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आई है, तब से इस स्थिति में सुधार देखने को मिला है। उनके अनुसार, सरकार कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है और सार्वजनिक स्थानों को आम नागरिकों की सुविधा के लिए खाली रखना आवश्यक है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

चौबे के इस बयान ने राजनीतिक विमर्श को तेज कर दिया है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की भाषा सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे सकती है, जबकि BJP समर्थकों का तर्क है कि यह यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों के उचित उपयोग से जुड़ा मुद्दा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर बहस पहले से ही जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विधायक स्तर पर उसकी यह व्याख्या उस संतुलन को बिगाड़ती है। उत्तर प्रदेश में जब सांप्रदायिक संवेदनशीलता पहले से ऊँची है, तब इस तरह के बयान राजनीतिक लाभ से अधिक सामाजिक नुकसान का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP विधायक भूपेश चौबे ने सड़क पर नमाज को लेकर क्या कहा?
रॉबर्ट्सगंज से BJP विधायक भूपेश चौबे ने 19 मई को कहा कि 'जो सड़क पर नमाज पढ़ेगा, वो ठोकाया भी जाएगा।' उन्होंने कहा कि नमाज मस्जिद में पढ़ी जानी चाहिए, सार्वजनिक सड़कों को जाम करके नहीं।
CM योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज पर क्या रुख अपनाया है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 मई को लखनऊ में कहा था कि उनकी सरकार किसी भी ऐसी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देगी जिससे यातायात बाधित हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होता है।
यह विवाद किस जिले से जुड़ा है?
यह विवाद उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ से भूपेश चौबे BJP विधायक हैं।
चौबे के बयान पर आलोचकों की क्या प्रतिक्रिया है?
आलोचकों का कहना है कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे सकती है। उनका तर्क है कि सार्वजनिक व्यवस्था की बात को इस तरह की भड़काऊ भाषा में नहीं कहा जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज का मुद्दा क्यों उठता रहा है?
उत्तर प्रदेश में कुछ इलाकों में शुक्रवार की नमाज के दौरान सड़कों पर भीड़ जमा होने और यातायात बाधित होने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। योगी सरकार ने इसे कानून-व्यवस्था का मुद्दा बताते हुए सख्त रुख अपनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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