12 अगस्त 2026
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चीनी जन बैंक की 15वीं पंचवर्षीय योजना जारी: आरएमबी अंतर्राष्ट्रीयकरण और डिजिटल वित्त पर ज़ोर

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चीनी जन बैंक की 15वीं पंचवर्षीय योजना जारी: आरएमबी अंतर्राष्ट्रीयकरण और डिजिटल वित्त पर ज़ोर

सारांश

चीन के केंद्रीय बैंक ने 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत वित्तीय सुधारों का रोडमैप जारी किया है — जिसमें आरएमबी का अंतर्राष्ट्रीयकरण, डिजिटल मुद्रा का विस्तार, हरित वित्त और मज़बूत मैक्रो-प्रूडेंशियल प्रबंधन शामिल हैं। यह योजना चीन की वैश्विक वित्तीय महत्वाकांक्षाओं की अगली कड़ी है।

मुख्य बातें

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने 11 अगस्त 2026 को 15वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत अपनी सुधार और विकास योजना जारी की।
योजना का लक्ष्य चीन को मज़बूत वित्तीय महाशक्ति बनाना और केंद्रीय बैंकिंग ढाँचे को आधुनिक बनाना है।
आरएमबी की विनिमय दर बाज़ार-आधारित तंत्र से संतुलित रखी जाएगी; आरएमबी अंतर्राष्ट्रीयकरण को प्राथमिकता दी गई है।
डिजिटल आरएमबी , हरित वित्त , समावेशी वित्त और पेंशन वित्तीय प्रणाली में सुधार योजना के प्रमुख स्तंभ हैं।
वित्तीय स्थिरता गारंटी प्रणाली के ज़रिए प्रमुख क्षेत्रों में वित्तीय जोखिम के उचित प्रबंधन का लक्ष्य रखा गया है।

चीन के केंद्रीय बैंक, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने 15वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत अपनी व्यापक सुधार और विकास योजना सार्वजनिक की है। इस योजना का मूल उद्देश्य चीन को एक सुदृढ़ वित्तीय महाशक्ति के रूप में स्थापित करना, केंद्रीय बैंकिंग ढाँचे को आधुनिक बनाना और उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को गति देना है। यह योजना 11 अगस्त 2026 को जारी हुई और इसे चीन की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

मौद्रिक नीति और वित्तीय स्थिरता

योजना में वैज्ञानिक एवं विवेकपूर्ण मौद्रिक नीति ढाँचे और एक सशक्त मैक्रो-प्रूडेंशियल प्रबंधन प्रणाली की स्थापना को प्राथमिकता दी गई है। मौद्रिक और ऋण नीति के साधनों का समग्र एवं संरचनात्मक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वित्तीय बाज़ार में स्थिरता बनी रहे।

इसके साथ ही, आरएमबी (रेनमिनबी) की विनिमय दर को बाज़ार की निर्णायक भूमिका के आधार पर मूल रूप से संतुलित और अनुकूल स्तर पर बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय जोखिम प्रबंधन को मज़बूत करने के लिए वित्तीय स्थिरता गारंटी प्रणाली का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रमुख क्षेत्रों में उभरते जोखिमों का समय पर निपटारा हो सके।

विज्ञान-प्रौद्योगिकी और हरित वित्त

योजना के अनुसार, वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी वित्तीय प्रणाली स्थापित की जाएगी। हरित विकास और कम कार्बन उत्सर्जन की दिशा में परिवर्तन को आर्थिक समर्थन देने की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, समावेशी वित्तीय प्रणाली और पेंशन वित्तीय प्रणाली में सुधार जारी रहेगा। डिजिटल वित्त के विकास को प्रोत्साहन दिया जाएगा और घरेलू खपत बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता तंत्र को और सुदृढ़ किया जाएगा।

आरएमबी का अंतर्राष्ट्रीयकरण और डिजिटल मुद्रा

योजना में आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण को एक प्रमुख लक्ष्य के रूप में रेखांकित किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, निवेश और वित्त पोषण में आरएमबी के उपयोग का विस्तार करने की योजना है, जो वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में चीन की भूमिका को और मज़बूत करेगी।

डिजिटल आरएमबी के विकास को भी इस योजना में शामिल किया गया है। साथ ही, क्रेडिट रिपोर्टिंग उद्योग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार होगा।

आधुनिक वित्तीय बाज़ार का निर्माण

योजना में एक खुले, समावेशी, जीवंत और लचीले आधुनिक वित्तीय बाज़ार के निर्माण पर बल दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में अनिश्चितता बनी हुई है और चीन अपनी अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने के लिए आंतरिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। गौरतलब है कि यह 15वीं पंचवर्षीय योजना चीन की उस दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा का हिस्सा है, जिसमें वह अपनी वित्तीय प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना चाहता है।

आने वाले वर्षों में इन नीतियों के क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता यह तय करेगी कि चीन अपने वित्तीय सुधारों के लक्ष्यों को किस हद तक हासिल कर पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठना स्वाभाविक है — आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण की राह में पूँजी नियंत्रण और पारदर्शिता की कमी जैसी बाधाएँ पहले भी रही हैं। डिजिटल आरएमबी की महत्वाकांक्षा और घरेलू वित्तीय नियंत्रण की प्रवृत्ति एक साथ चलना विरोधाभासी दिखती है। वैश्विक निवेशकों के लिए असली कसौटी यह होगी कि क्या 'खुले और लचीले बाज़ार' का वादा नीतिगत स्तर पर भी उतना ही खुला होगा।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी जन बैंक की 15वीं पंचवर्षीय योजना क्या है?
यह पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) द्वारा 11 अगस्त 2026 को जारी एक व्यापक सुधार और विकास योजना है, जिसका उद्देश्य चीन को वित्तीय महाशक्ति बनाना, केंद्रीय बैंकिंग प्रणाली को आधुनिक बनाना और उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास में योगदान देना है।
इस योजना में आरएमबी अंतर्राष्ट्रीयकरण पर क्या कहा गया है?
योजना में आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, निवेश और वित्त पोषण में उपयोग को विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ डिजिटल आरएमबी के विकास को भी प्रमुखता दी गई है, जो वैश्विक वित्तीय बाज़ार में चीन की भूमिका बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
इस योजना में हरित वित्त को कैसे शामिल किया गया है?
योजना में हरित विकास और कम कार्बन उत्सर्जन की दिशा में परिवर्तन को वित्तीय समर्थन देने की गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने का प्रावधान है। यह चीन की जलवायु प्रतिबद्धताओं को उसकी वित्तीय नीति से जोड़ने का प्रयास है।
मौद्रिक नीति और वित्तीय स्थिरता के लिए क्या उपाय प्रस्तावित हैं?
योजना में वैज्ञानिक मौद्रिक नीति ढाँचे और मैक्रो-प्रूडेंशियल प्रबंधन प्रणाली की स्थापना का प्रावधान है। आरएमबी विनिमय दर को बाज़ार-आधारित तंत्र से संतुलित रखा जाएगा और वित्तीय स्थिरता गारंटी प्रणाली के ज़रिए प्रमुख क्षेत्रों में जोखिम प्रबंधन किया जाएगा।
यह योजना चीन की अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह योजना ऐसे समय में आई है जब वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में अनिश्चितता है और चीन अपनी अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से सुरक्षित करना चाहता है। डिजिटल वित्त, समावेशी बैंकिंग और आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण के ज़रिए चीन अपनी वैश्विक आर्थिक उपस्थिति को मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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