चीनी जन बैंक की 15वीं पंचवर्षीय योजना जारी: आरएमबी अंतर्राष्ट्रीयकरण और डिजिटल वित्त पर ज़ोर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के केंद्रीय बैंक, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने 15वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत अपनी व्यापक सुधार और विकास योजना सार्वजनिक की है। इस योजना का मूल उद्देश्य चीन को एक सुदृढ़ वित्तीय महाशक्ति के रूप में स्थापित करना, केंद्रीय बैंकिंग ढाँचे को आधुनिक बनाना और उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को गति देना है। यह योजना 11 अगस्त 2026 को जारी हुई और इसे चीन की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
मौद्रिक नीति और वित्तीय स्थिरता
योजना में वैज्ञानिक एवं विवेकपूर्ण मौद्रिक नीति ढाँचे और एक सशक्त मैक्रो-प्रूडेंशियल प्रबंधन प्रणाली की स्थापना को प्राथमिकता दी गई है। मौद्रिक और ऋण नीति के साधनों का समग्र एवं संरचनात्मक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वित्तीय बाज़ार में स्थिरता बनी रहे।
इसके साथ ही, आरएमबी (रेनमिनबी) की विनिमय दर को बाज़ार की निर्णायक भूमिका के आधार पर मूल रूप से संतुलित और अनुकूल स्तर पर बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय जोखिम प्रबंधन को मज़बूत करने के लिए वित्तीय स्थिरता गारंटी प्रणाली का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रमुख क्षेत्रों में उभरते जोखिमों का समय पर निपटारा हो सके।
विज्ञान-प्रौद्योगिकी और हरित वित्त
योजना के अनुसार, वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी वित्तीय प्रणाली स्थापित की जाएगी। हरित विकास और कम कार्बन उत्सर्जन की दिशा में परिवर्तन को आर्थिक समर्थन देने की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, समावेशी वित्तीय प्रणाली और पेंशन वित्तीय प्रणाली में सुधार जारी रहेगा। डिजिटल वित्त के विकास को प्रोत्साहन दिया जाएगा और घरेलू खपत बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता तंत्र को और सुदृढ़ किया जाएगा।
आरएमबी का अंतर्राष्ट्रीयकरण और डिजिटल मुद्रा
योजना में आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण को एक प्रमुख लक्ष्य के रूप में रेखांकित किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, निवेश और वित्त पोषण में आरएमबी के उपयोग का विस्तार करने की योजना है, जो वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में चीन की भूमिका को और मज़बूत करेगी।
डिजिटल आरएमबी के विकास को भी इस योजना में शामिल किया गया है। साथ ही, क्रेडिट रिपोर्टिंग उद्योग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार होगा।
आधुनिक वित्तीय बाज़ार का निर्माण
योजना में एक खुले, समावेशी, जीवंत और लचीले आधुनिक वित्तीय बाज़ार के निर्माण पर बल दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में अनिश्चितता बनी हुई है और चीन अपनी अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने के लिए आंतरिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। गौरतलब है कि यह 15वीं पंचवर्षीय योजना चीन की उस दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा का हिस्सा है, जिसमें वह अपनी वित्तीय प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना चाहता है।
आने वाले वर्षों में इन नीतियों के क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता यह तय करेगी कि चीन अपने वित्तीय सुधारों के लक्ष्यों को किस हद तक हासिल कर पाता है।