पीपल्स बैंक ऑफ चाइना का बड़ा फैसला: 2026 की दूसरी छमाही में जारी रहेगी ढीली मौद्रिक नीति
सारांश
मुख्य बातें
पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के लिए अपनी नीतिगत दिशा स्पष्ट करते हुए घोषणा की है कि उचित रूप से ढीली मौद्रिक नीति को आगे भी जारी रखा जाएगा। हाल ही में आयोजित कार्य सम्मेलन में केंद्रीय बैंक ने वास्तविक अर्थव्यवस्था को मज़बूत वित्तीय समर्थन देने और बाज़ार में पर्याप्त तरलता बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
मौद्रिक नीति के मुख्य बिंदु
सम्मेलन के अनुसार, PBOC मौद्रिक नीति के विभिन्न उपकरणों का समग्र और समन्वित उपयोग करेगा तथा आवश्यकतानुसार समय पर समायोजन करेगा। बैंक का लक्ष्य है कि सामाजिक वित्तपोषण और मुद्रा आपूर्ति की वृद्धि दर आर्थिक विकास एवं मूल्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बनी रहे। वित्तीय संस्थानों को ऋण वितरण में बेहतर संतुलन बनाने के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन दिया जाएगा।
वित्तपोषण लागत घटाने पर ज़ोर
सम्मेलन में ऋण बाज़ार के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने और वित्तपोषण से जुड़े मध्यवर्ती खर्चों में कटौती पर विशेष बल दिया गया। सामाजिक वित्तपोषण की कुल लागत को निम्न स्तर पर बनाए रखना प्राथमिकता में रखा गया है। इसके साथ ही, ब्याज दर नीति के कार्यान्वयन और निगरानी को निरंतर सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया।
प्रौद्योगिकी और निजी उद्यमों को समर्थन
केंद्रीय बैंक ने बॉन्ड बाज़ार के माध्यम से प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार तथा निजी उद्यमों के बॉन्ड के लिए जोखिम साझा करने वाले तंत्र को सावधानीपूर्वक लागू किया जाएगा। छोटे और मध्यम निजी उद्यमों के लिए ऋण सहायता प्रणाली को और मज़बूत करने तथा उनकी वित्तीय सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
वित्तीय बाज़ार सुधार और जोखिम प्रबंधन
सम्मेलन में संस्थागत और व्यवस्था संबंधी सुधारों को गति देने का निर्णय लिया गया। वित्तीय बाज़ारों के लिए समष्टि आर्थिक विवेकपूर्ण प्रबंधन संकेतक प्रणाली को उन्नत किया जाएगा और आवश्यक नीतिगत उपकरण विकसित किए जाएंगे। वित्तीय बुनियादी ढाँचे से जुड़े नियमों एवं शासन प्रणाली में सुधार के साथ-साथ बाज़ार गतिविधियों की निगरानी और मूल्यांकन को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
स्थानीय सरकारी ऋण जोखिम पर नज़र
प्रमुख क्षेत्रों में जोखिम नियंत्रण के तहत स्थानीय सरकारों के वित्तपोषण मंचों से जुड़े ऋण जोखिमों के समाधान के लिए वित्तीय सहायता जारी रखने पर बल दिया गया। इन मंचों को बाज़ार आधारित तरीके से रूपांतरित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब चीन की अर्थव्यवस्था वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं और घरेलू माँग में सुस्ती के दोहरे दबाव से जूझ रही है।