पंचायती राज दिवस पर अमित शाह का बड़ा बयान — मोदी सरकार में सशक्त हुईं पंचायतें, कई नेताओं ने दी बधाई
सारांश
Key Takeaways
- 24 अप्रैल 2025 को देशभर में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया गया।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार में पंचायतें सशक्त और स्वावलंबी बनकर 'विकसित भारत' में योगदान दे रही हैं।
- नितिन गडकरी ने पंचायतों को आत्मनिर्भर भारत की नींव बताया और सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
- शिवराज सिंह चौहान ने पंचायतों को स्वच्छ, समृद्ध, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
- योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव और भजनलाल शर्मा ने ग्राम स्वराज और डिजिटल पंचायतों की दिशा में संकल्प दोहराया।
- 73वें संविधान संशोधन (1993) की वर्षगांठ पर यह दिवस मनाया जाता है, जिसने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2025 — देशभर में जश्न, नेताओं की बधाइयों की बाढ़
नई दिल्ली, 24 अप्रैल। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पूरे देश में ग्राम स्वराज की भावना को नए सिरे से जीवंत किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक — तमाम बड़े नेताओं ने देशवासियों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। शाह ने स्पष्ट कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पंचायतें अधिक सशक्त और स्वावलंबी बनकर 'विकसित भारत' के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं।
अमित शाह का संदेश — पंचायतें लोकतंत्र की मजबूत इकाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भारत की प्राचीनतम लोकतांत्रिक परंपराओं में से एक 'पंचायत व्यवस्था' हमारे लोकतंत्र की मजबूत इकाई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास, शासन-प्रशासन, सामाजिक न्याय, आपदा प्रबंधन से लेकर सांस्कृतिक संरक्षण तक — पंचायतें हर मोर्चे पर निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
शाह ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंचायतें और अधिक सशक्त व स्वावलंबी बनकर 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में सक्रिय योगदान दे रही हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पंचायती राज मंत्रालय के माध्यम से ग्रामीण डिजिटलीकरण और वित्तीय स्वायत्तता पर लगातार जोर दे रही है।
गडकरी, शिवराज और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के संदेश
केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए पंचायतों का सशक्त और विकसित होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास व राष्ट्र के उत्थान में पंचायती राज व्यवस्था का योगदान अतुलनीय है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और ग्रामवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पंचायती राज व्यवस्था जनभागीदारी की वह सशक्त धारा है जो लोकतंत्र को सींचती है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर संकल्प लें कि अपनी पंचायत को स्वच्छ, समृद्ध, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
मुख्यमंत्रियों के संदेश — योगी, मोहन यादव, भजनलाल और शर्मा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था भारत की लोकतांत्रिक परंपरा को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने 'ग्राम स्वराज' की भावना को सुदृढ़ करने और समृद्ध व आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि तभी 'विकसित भारत — विकसित उत्तर प्रदेश' का स्वप्न साकार होगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करने में लोकतंत्र की सशक्त आधारभूत इकाई हैं। उन्होंने स्थानीय स्वशासन, जनभागीदारी, पारदर्शिता, डिजिटल सशक्तिकरण और महिलाओं की भागीदारी को इस व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं बताया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अवसर पर अपनी पंचायतों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और डिजिटल बनाने का संकल्प लें, ताकि ग्रामीण भारत के विकास से स्वर्णिम राष्ट्र का निर्माण संभव हो सके।
पंचायती राज दिवस का महत्व और ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1993 में 73वां संविधान संशोधन लागू हुआ था, जिसने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया। इस संशोधन ने ग्रामीण स्वशासन को कानूनी आधार देते हुए महिलाओं और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया।
वर्तमान में देश में लगभग 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें कार्यरत हैं जिनमें करोड़ों निर्वाचित जनप्रतिनिधि सेवा दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और स्वामित्व योजना जैसे डिजिटल उपकरणों के जरिए पंचायतों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
आने वाले समय में केंद्र सरकार की योजना है कि पंचायतों को और अधिक वित्तीय स्वायत्तता दी जाए और 15वें वित्त आयोग के तहत आवंटित धनराशि का सीधा उपयोग ग्राम पंचायत स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। यह कदम ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में निर्णायक साबित हो सकता है।