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क्या मणिपुर का समावेशी और स्थायी विकास राष्ट्रीय प्राथमिकता है?

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क्या मणिपुर का समावेशी और स्थायी विकास राष्ट्रीय प्राथमिकता है?

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मणिपुर दौरा, स्थानीय विकास पर जोर। जानें कैसे केंद्र सरकार आदिवासी समुदायों के लिए स्थायी विकास सुनिश्चित कर रही है।

मुख्य बातें

समावेशी विकास पर जोर आदिवासी समुदायों के लिए योजनाएं सुरक्षा और शिक्षा में सुधार सरकार का विकास के प्रति प्रतिबद्धता संविधान की भावना को बनाए रखना

इंफाल, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को मणिपुर के नागा आदिवासी बहुल सेनापति जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एक सार्वजनिक समारोह में कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर के समावेशी और स्थायी विकास को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय नेताओं, नागरिक समाज संगठनों और विभिन्न समुदायों के साथ मिलकर कार्य कर रही है।

सेनापति जिले में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास देश के हर कोने तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में विकास को गति देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मणिपुर की ताकत उसकी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं में निहित है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “पहाड़ियां और घाटी हमेशा एक ही खूबसूरत भूमि के दो किनारों की तरह एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। मैं सभी समुदायों से शांति, समझ और सुलह के प्रयासों को जारी रखने की अपील करती हूं।”

उन्होंने कहा कि सरकार मणिपुर के लोगों की आकांक्षाओं को पहचानती है और आदिवासी समुदायों की गरिमा, सुरक्षा और विकास के अवसरों को प्राथमिकता देती है, जिससे राष्ट्र की प्रगति में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित होती है।

पीएम जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान) योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि इस मिशन के तहत की गई पहल आदिवासी समुदायों, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के जीवन में सुधार लाएगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि माराम नागा जनजाति मणिपुर में एकमात्र कमजोर जनजातीय समूह है। मैं आपकी चिंताओं और शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य की आपकी इच्छा को पूरी सहानुभूति के साथ समझती हूं। मैं मणिपुर के लोगों, जिनमें आदिवासी क्षेत्रों के लोग भी शामिल हैं, से कहना चाहती हूं कि आइए हम एक शांतिपूर्ण और समृद्ध मणिपुर के लिए मिलकर काम करते रहें।

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, उनसे इस क्षेत्र में सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी और सामुदायिक बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। हाल के वर्षों में, मणिपुर के पहाड़ी जिलों को नेशनल हाईवे, ग्रामीण सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं, पीने के पानी और बिजली की सप्लाई और शैक्षिक बुनियादी ढांचे में किए गए खास निवेश से फायदा हुआ है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कई आजीविका कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। ये प्रयास आदिवासी समुदायों को समर्थन देने और उनकी अनोखी पहचान और परंपराओं का सम्मान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

भारत के राष्ट्रपति के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा गया, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेनापति में कुछ आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों को शिक्षा देने, आजीविका को बढ़ावा देने, घरों के पुनर्निर्माण, लोगों को स्किल देने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कई कदम उठा रही है, खासकर युवाओं और अन्य लोगों के लिए। उन्होंने मणिपुर के लोगों की शांति और समृद्धि के लिए सद्भाव, एकता और लगातार बातचीत के महत्व पर जोर दिया।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश की सामाजिक तानेबाने को भी मजबूती देगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मुर्मू ने मणिपुर में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्थानीय नेताओं और संगठनों के साथ मिलकर मणिपुर के समावेशी और स्थायी विकास के लिए कार्यरत है।
कौन सी योजनाओं का उद्घाटन किया गया?
राष्ट्रपति ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में सुधार करने वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
आदिवासी समुदाय के लिए क्या योजनाएं हैं?
सरकार ने आदिवासी समुदायों की गरिमा और विकास के लिए कई आजीविका कार्यक्रम शुरू किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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