रावघाट तक पहली बार पहुंचेगी रेल: 20 अक्टूबर को ₹1,628 करोड़ की 95 KM लाइन का उद्घाटन, CM साय बोले — बस्तर के लिए नया युग
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में 20 अक्टूबर 2024 को ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन होने जा रहा है — और इसके साथ ही आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होगा। ₹1,628 करोड़ की लागत से निर्मित 95 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ और बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्य घटनाक्रम
दल्लीराझरा से रावघाट के बीच बिछाई गई 95 किलोमीटर की नई रेल लाइन का अंतिम चरण — ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर — का निर्माण पूर्ण होने के साथ यह परियोजना अब मूर्त रूप ले चुकी है। इसके साथ ही अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन कार्य भी पूरा हो गया है। शेष कुरूद-धमतरी सेक्शन में कार्य अभी प्रगति पर है।
उद्घाटन समारोह में रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद — दो नई यात्री रेल सेवाओं का शुभारंभ भी होगा। इसके अलावा रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास किया जाएगा, जो भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित करेगी।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि 'रावघाट तक रेल पहुंचना केवल रेल नेटवर्क का विस्तार नहीं, बल्कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'रावघाट तक रेल की सीटी अब केवल यात्रा की शुरुआत नहीं, बल्कि बस्तर में विकास, विश्वास और नई संभावनाओं के एक नए दौर का प्रारंभ है।'
साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में हो रहे रेल अधोसंरचना के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों तक भी आधुनिक परिवहन सुविधाएं पहुंचें।
आम जनता और उद्योग पर असर
यह रेल संपर्क बस्तर क्षेत्र के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को रायपुर से सीधी कनेक्टिविटी देगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
आर्थिक दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। रावघाट क्षेत्र अपने लौह अयस्क भंडारों के लिए जाना जाता है और रेल संपर्क स्थापित होने से भिलाई इस्पात संयंत्र सहित देश के इस्पात उद्योग को कच्चे माल की आपूर्ति सुगम होगी। इससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने के संकेत हैं।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ के आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे की कमी एक दीर्घकालिक चुनौती रही है। गौरतलब है कि रावघाट तक रेल लाइन बिछाने की योजना दशकों पुरानी थी और इसे कई बाधाओं — भूगोल, वित्त और क्षेत्रीय अशांति — के कारण बार-बार स्थगित किया जाता रहा। 20 अक्टूबर 2024 का यह उद्घाटन उन दशकों की प्रतीक्षा का समापन है।
क्या होगा आगे
अभनपुर-धमतरी परियोजना का शेष कुरूद-धमतरी सेक्शन अभी निर्माणाधीन है और उसके पूरा होने पर धमतरी तक पूर्ण ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी मिलेगी। रायपुर में प्रस्तावित इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी के विकसित होने पर क्षेत्र की माल परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। नई यात्री रेल सेवाओं के संचालन से यह भी स्पष्ट होगा कि ये लाइनें आम यात्रियों की जरूरतों को कितनी प्रभावी तरह से पूरा कर पाती हैं।