ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 75% काम पूरा, जून 2028 तक ब्यासी और दिसंबर 2029 तक कर्णप्रयाग पहुँचेगी ट्रेन
सारांश
मुख्य बातें
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 75 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के उप महाप्रबंधक ओमप्रकाश मालगुडी ने मंगलवार, 16 जून को ऋषिकेश में बताया कि ट्रेन सेवाएँ जून 2028 तक ब्यासी और दिसंबर 2029 तक कर्णप्रयाग तक पहुँच जाएंगी। यह उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
सुरंग खुदाई और निर्माण की स्थिति
मालगुडी के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत कुल 213 किलोमीटर में से 206 किलोमीटर सुरंग की खुदाई पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, 150 किलोमीटर से अधिक की लाइनिंग का काम भी संपन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना पर काम संतोषजनक गति से आगे बढ़ रहा है।
भूवैज्ञानिक चुनौतियाँ
उप महाप्रबंधक ने स्वीकार किया कि परियोजना में सबसे बड़ी बाधा भूवैज्ञानिक परिस्थितियाँ रही हैं। टनल नंबर 1, 5 और 14 में जटिल भूवैज्ञानिक संरचना के कारण अभी तक ब्रेकथ्रू हासिल नहीं हो सका है। इन सुरंगों का काम मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना जताई गई है।
रोज़गार और स्थानीय विकास
परियोजना ने स्थानीय रोज़गार सृजन में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। मालगुडी के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान करीब 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार मिला है, जबकि उत्तराखंड में लगभग 2,50,000 स्थानीय लोगों को अस्थायी कार्य के अवसर प्राप्त हुए। यह ऐसे समय में आया है जब पहाड़ी राज्यों में रोज़गार की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई श्रमिकों ने इस दौरान कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) भी किया, जिससे उन्हें भविष्य में अन्य स्थानों पर रोज़गार मिलने की संभावना बढ़ी है।
आगे का विस्तार
गौरतलब है कि फिलहाल यह रेल लाइन कर्णप्रयाग तक ले जाई जा रही है, लेकिन पीपलकोटी तक का अंतिम सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। यह संकेत देता है कि भविष्य में इस रेल नेटवर्क का विस्तार और आगे किया जा सकता है। मालगुडी ने यह भी बताया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाले ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है, जिसके चलते इसकी नियमित निगरानी होती है और राज्य सरकार का सहयोग भी सकारात्मक रहा है।