समाखियाली-भाचाऊ रेल सेक्शन का चार लाइन विस्तार पूरा, सीआरएस ने किया 17 किमी का निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
वेस्टर्न रेलवे ने गुजरात के समाखियाली-भाचाऊ रेल सेक्शन के क्वाड्रपलिंग (चार लाइन) प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 6 अगस्त 2026 को वेस्टर्न सर्कल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ने नवनिर्मित लगभग 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन का विस्तृत निरीक्षण किया। कानूनी मंजूरी मिलते ही इस मार्ग पर यात्री एवं मालगाड़ियों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
निरीक्षण की प्रक्रिया
वेस्टर्न सर्कल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ई. श्रीनिवास के नेतृत्व में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने नए रेल सेक्शन का बारीकी से जाँच की। श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण ट्रैफिक के लिए सेक्शन खोलने से पूर्व अनिवार्य सुरक्षा मंजूरी प्रक्रिया का हिस्सा है। सीआरएस अपनी रिपोर्ट रेलवे को सौंपेंगे, जिसके आधार पर परिचालन की अनुमति दी जाएगी।
प्रोजेक्ट का विवरण
इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 32.90 किलोमीटर नई रेलवे लाइन का निर्माण किया गया, जिसमें 16.398 किलोमीटर की 'डाउन लाइन' और 16.502 किलोमीटर की 'अप लाइन' शामिल हैं। निर्माण कार्य में लगभग 6.25 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी का काम (अर्थवर्क), 1.27 लाख क्यूबिक मीटर ब्लैंकेटिंग और 96,000 क्यूबिक मीटर बैलास्ट (गिट्टी) बिछाने का काम शामिल रहा। भारी रेल ट्रैफिक को संभालने के लिए इंजीनियरों ने 4 बड़े पुल और 25 छोटे पुल भी बनाए। साथ ही, समाखियाली, वोंध और भाचाऊ स्टेशनों पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी किया गया है।
रणनीतिक महत्व
समाखियाली-भाचाऊ सेक्शन पश्चिमी भारत के सबसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर में से एक है। यह कच्छ के औद्योगिक क्षेत्रों को कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों से राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क के माध्यम से जोड़ता है। भुज, गांधीधाम, वायोर और आसपास के इलाकों से बड़े पैमाने पर माल ढुलाई इसी रूट से होती है। यह ऐसे समय में आया है जब कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पादों, उर्वरकों, अनाज और नमक की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
वेस्टर्न रेलवे, अहमदाबाद के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (कंस्ट्रक्शन) प्रदीप गुप्ता ने कहा कि यह प्रोजेक्ट कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाएगा और बढ़ते माल ढुलाई ट्रैफिक को संभालने में मदद करेगा। अहमदाबाद के डिविजनल रेलवे मैनेजर वेद प्रकाश ने कहा कि अपग्रेड किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर से इस रूट पर परिचालन क्षमता बेहतर होगी।
क्या होगा आगे
सीआरएस की रिपोर्ट मिलने के बाद यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन की औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। वेस्टर्न रेलवे के अनुसार, इस क्वाड्रपलिंग प्रोजेक्ट के चालू होने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, जिससे कच्छ क्षेत्र के उद्योगों, व्यापार और निर्यात को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।