1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन: पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, ₹2,549 करोड़ की परियोजना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन: पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, ₹2,549 करोड़ की परियोजना

सारांश

बिहार में ₹2,549 करोड़ की विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन परियोजना आगे बढ़ी — पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक ने सीधे स्थल निरीक्षण किया। गंगा पर 2.44 किमी का वाई-आकार डबल रेल पुल कोसी-सीमांचल को अंग क्षेत्र से जोड़ेगा; डिज़ाइन तीन माह में, 180 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण जारी।

मुख्य बातें

पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने 15 जून 2026 को विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
परियोजना की कुल लागत ₹2,549 करोड़ ; कुल लंबाई 26 किमी ।
गंगा नदी पर 2.44 किमी लंबा वाई-आकार का डबल रेल पुल बनेगा; निविदा प्रक्रिया पूरी।
पुल का डिज़ाइन व ड्राइंग तीन महीनों में पूरा होगा, इसके बाद निर्माण शुरू होगा।
परियोजना के लिए 180 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण आवश्यक; इसमें से आधे से अधिक निजी भूमि, अधिग्रहण प्रक्रिया जारी।
परियोजना पूरी होने पर कोसी व सीमांचल क्षेत्र का अंग क्षेत्र से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।

पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने सोमवार, 15 जून 2026 को बिहार में विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण स्थल का सीधे जाकर निरीक्षण किया। इससे पहले उन्होंने पाटलिपुत्र-शाहपुर पटोरी-बरौनी-नौगछिया रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया, जिसमें स्टेशनों, पुल-पुलियों, ओएचई प्रणाली और ट्रैक की सुरक्षा व मजबूती की समीक्षा की गई। यह निरीक्षण ₹2,549 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया।

निरीक्षण का क्रम और मुख्य स्थल

महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह पहले नौगछिया स्टेशन पहुँचे और वहाँ से कटरिया के ऊपरी हिस्से के निर्माण स्थल का जायज़ा लिया। इसके बाद उन्होंने भागलपुर की ओर स्थित निर्माण स्थल और नए प्रस्तावित स्टेशन साइट का भी निरीक्षण किया। इस प्रकार एक ही दिन में परियोजना के दोनों सिरों — कटरिया और विक्रमशिला — की स्थिति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया गया।

गंगा पर 2.44 किमी का ऐतिहासिक रेल पुल

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत गंगा नदी पर 2.44 किमी लंबी डबल रेल लाइन वाले पुल का निर्माण किया जाएगा। इस पुल की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मुख्य पुल का डिज़ाइन और ड्राइंग कार्य अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। यह पुल वाई (Y) आकार का होगा, जो उत्तर में कटरियानवगछिया और दक्षिण में विक्रमशिलाशिवनारायणपुर स्टेशनों को जोड़ेगा।

भूमि अधिग्रहण की स्थिति

परियोजना के लिए पुल के दोनों ओर रेल लाइन बिछाने हेतु 180 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें से आधे से अधिक निजी भूमि है, जिसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह भूमि अधिग्रहण परियोजना की समयसीमा के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है, क्योंकि भारत में बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में भूमि विवाद अक्सर देरी का कारण बनते हैं।

परियोजना का महत्व और क्षेत्रीय प्रभाव

26 किमी लंबी यह नई रेल लाइन विक्रमशिला स्टेशन (भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड) को कटरिया स्टेशन (कटिहार-बरौनी रेलखंड) से जोड़ेगी। इस परियोजना के पूरा होने पर बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र का अंग क्षेत्र से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा — एक ऐसा जुड़ाव जो दशकों से इन क्षेत्रों की माँग रही है। गौरतलब है कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र बाढ़ की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं और बेहतर रेल संपर्क आपदा प्रबंधन में भी सहायक होगा।

आगे की राह

मुख्य पुल का डिज़ाइन कार्य तीन माह में पूरा होने के बाद निर्माण का अगला चरण शुरू होगा। 180 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की गति परियोजना की समग्र प्रगति तय करेगी। पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रक्रियाएँ निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

180 हेक्टेयर में से आधे से अधिक निजी भूमि का अधिग्रहण भारत में बड़े बुनियादी ढाँचा प्रकल्पों की सबसे बड़ी बाधा रही है। डिज़ाइन तीन माह में पूरा होने का लक्ष्य तभी सार्थक होगा जब भूमि अधिग्रहण विवाद-मुक्त और समयबद्ध हो — जो ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण रहा है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन परियोजना क्या है?
यह बिहार में भागलपुर के पास ₹2,549 करोड़ की लागत से बनने वाली 26 किमी लंबी नई रेल लाइन है, जो विक्रमशिला स्टेशन (भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड) को कटरिया स्टेशन (कटिहार-बरौनी रेलखंड) से जोड़ेगी। इस परियोजना में गंगा नदी पर 2.44 किमी लंबा डबल रेल पुल भी शामिल है।
गंगा नदी पर बनने वाला रेल पुल कैसा होगा?
यह पुल वाई (Y) आकार का होगा और 2.44 किमी लंबा डबल रेल लाइन वाला पुल होगा। यह उत्तर में कटरिया व नवगछिया और दक्षिण में विक्रमशिला व शिवनारायणपुर स्टेशनों को जोड़ेगा। इसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इस परियोजना का निर्माण कब तक शुरू होगा?
मुख्य पुल का डिज़ाइन और ड्राइंग कार्य अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है, जिसके बाद निर्माण शुरू होगा। साथ ही 180 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी समानांतर चल रही है।
इस परियोजना से बिहार के किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
परियोजना पूरी होने पर बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र का अंग क्षेत्र से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। ये क्षेत्र बाढ़-प्रभावित हैं और बेहतर रेल संपर्क से आपदा प्रबंधन और आर्थिक विकास दोनों को बल मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण की क्या स्थिति है?
परियोजना के लिए कुल 180 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता है। इसमें से आधे से अधिक निजी भूमि है और उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले