चतरा-गया रेल लाइन: सांसद कालीचरण सिंह बोले — ₹531 करोड़ जारी, जमीन अधिग्रहण होगा तेज
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के चतरा संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद कालीचरण सिंह ने 29 मई को घोषणा की कि चतरा-गया रेल लाइन परियोजना को 'विशेष रेल परियोजना' का दर्जा मिल चुका है और इसके लिए ₹531 करोड़ की राशि जारी कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर तेज किया जाएगा और इस दौरान आने वाली हर बाधा को दूर किया जाएगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ
परैया-चतरा नई रेल लाइन परियोजना बिहार और झारखंड को जोड़ने वाली एक रणनीतिक रेलवे योजना है, जिसकी कुल लंबाई 75.1 किलोमीटर होगी। रेल मंत्रालय ने इसे आधिकारिक रूप से 'विशेष रेल परियोजना' घोषित किया है। सांसद कालीचरण सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चतरा की दशकों पुरानी माँग को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को निर्देश दिए थे कि इस क्षेत्र को रेल सुविधा से जोड़ा जाए।
दशकों पुरानी माँग को मिली मंज़िल
चतरा जिले के निवासियों की यह माँग देश की आज़ादी के बाद से, यानी लगभग 75 से 78 वर्षों से लंबित थी। सांसद ने इसे क्षेत्र का 'सौभाग्य' बताते हुए कहा कि यह उनके लोकसभा क्षेत्र का दूसरा बड़ा विकास कार्य है। इसके अतिरिक्त, चिरमिरी रेल लाइन परियोजना की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।
आगामी विकास कार्य
सांसद कालीचरण सिंह ने बताया कि चतरा लोकसभा क्षेत्र की प्रत्येक विधानसभा के लिए 4-5 प्रमुख परियोजनाएँ अलग-अलग चिह्नित की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो से तीन महीनों में फ्लाईओवर निर्माण की समस्या भी सुलझकर टेंडर प्रक्रिया की ओर बढ़ेगी।
क्या होगा आगे
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होते ही जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य का रास्ता साफ होगा। ₹531 करोड़ की स्वीकृत राशि और 'विशेष दर्जे' के साथ यह परियोजना बिहार-झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देने की क्षमता रखती है। प्रशासनिक और भू-अधिग्रहण संबंधी अड़चनें दूर होने पर निर्माण की समयसीमा स्पष्ट होगी।