विक्रमशिला सेतु का स्पैन टूटा: मरम्मत में 3 महीने, दिसंबर तक नए पुल पर वाहन चलेंगे — बिहार पुल निर्माण निगम
सारांश
मुख्य बातें
भागलपुर और उत्तर बिहार को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु रविवार की देर रात करीब 12:30 बजे क्षतिग्रस्त हो गया, जब 133 नंबर पोल के पास पहले धंसाव शुरू हुआ और कुछ ही देर बाद पुल का वह स्पैन पूरी तरह टूटकर गंगा नदी में गिर गया। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार, 5 मई 2025 को एक प्रेस वार्ता में कहा कि क्षतिग्रस्त स्पैन की मरम्मत में तीन महीने का समय लग सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार की देर रात पोल संख्या 133 के पास धंसाव के संकेत मिलते ही भागलपुर जिला प्रशासन ने तत्काल यातायात बंद कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद पुल का वह हिस्सा पूरी तरह ढह गया। डॉ. चंद्रशेखर ने जिला प्रशासन की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर ट्रैफिक नहीं रोका जाता, तो यह हादसा बहुत बड़ा हो सकता था। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।
पुल की पुरानी खामियाँ और जाँच
डॉ. चंद्रशेखर ने स्वीकार किया कि विक्रमशिला सेतु पर यातायात का भारी दबाव था। हादसे से पहले पटना से एक विशेष टीम पुल की जाँच के लिए भेजी गई थी, और उस जाँच में भी पुल की कई खामियाँ सामने आई थीं। अब मरम्मत कार्य में IIT पटना का तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में पुलों की संरचनात्मक स्थिति पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था
निगम ने यात्रियों और वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। उत्तर बिहार जाने वाले वाहनों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु से गुज़रना होगा, जबकि उत्तर बिहार से भागलपुर की ओर आने वाले वाहनों को खगड़िया में गंगा नदी पर बने पुल का उपयोग करना होगा। इसके अलावा, नवगछिया से भागलपुर आने वाले यात्रियों के लिए जल्द ही स्टीमर सेवा शुरू की जाएगी। हालाँकि, मानसून की आसन्न सक्रियता को देखते हुए भागलपुर और नवगछिया के बीच पीपा पुल का निर्माण फिलहाल नहीं किया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक हस्तक्षेप
डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि जैसे ही इस दुर्घटना की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मिली, उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क कर बॉर्डर रोड निगम से मरम्मत में सहायता माँगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि यह पुल दक्षिण और उत्तर बिहार के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसके बंद होने से लाखों लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
आगे क्या होगा
डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के समानांतर गंगा नदी पर निर्माणाधीन नए पुल पर दिसंबर 2025 तक वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। मरम्मत कार्य में IIT पटना और बॉर्डर रोड निगम का सहयोग लेने की योजना है। पुल के पुनः चालू होने तक वैकल्पिक मार्गों और स्टीमर सेवा के ज़रिए आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।