विक्रमशिला सेतु का हिस्सा गंगा में समाया, राजद-कांग्रेस ने NDA सरकार पर भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु रविवार की देर रात करीब 12:30 बजे क्षतिग्रस्त हो गया, जब पुल के 133 नंबर पोल के पास धंसाव शुरू हुआ और कुछ ही देर में वह हिस्सा टूटकर गंगा नदी में समा गया। एहतियातन तुरंत यातायात बंद कर दिया गया, जिससे बड़े जानमाल के नुकसान से बचा जा सका। इस घटना के बाद बिहार की सियासत गर्म हो गई है और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने राज्य की NDA सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं।
घटनाक्रम: कैसे टूटा विक्रमशिला सेतु का हिस्सा
अधिकारियों के अनुसार, 4 मई 2025 की रात 12:30 बजे पुल के 133 नंबर पोल के निकट पहले धंसाव के संकेत मिले, जिसके बाद तत्काल यातायात रोक दिया गया। हालाँकि, कुछ ही मिनटों में पुल का वह हिस्सा पूरी तरह टूटकर नीचे गिर गया। उस समय पुल पर अनेक वाहन मौजूद थे, लेकिन सौभाग्यवश कोई भी वाहन गिरने वाले स्लैब पर नहीं था, इसलिए जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
तेजस्वी यादव का हमला: '100 से अधिक पुल गिरे'
RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा,