विक्रमशिला सेतु का हिस्सा गंगा में समाया, राजद-कांग्रेस ने NDA सरकार पर भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विक्रमशिला सेतु का हिस्सा गंगा में समाया, राजद-कांग्रेस ने NDA सरकार पर भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

सारांश

भागलपुर का विक्रमशिला सेतु 4 मई की रात टूटा — गंगा में समाया पुल का हिस्सा, बाल-बाल बचे वाहन चालक। RJD के तेजस्वी यादव ने दो साल में 100 से अधिक पुल गिरने का हवाला देकर NDA सरकार को घेरा, कांग्रेस ने उच्चस्तरीय जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग की।

मुख्य बातें

विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा 4 मई 2025 की रात करीब 12:30 बजे टूटकर गंगा नदी में गिर गया।
पुल के 133 नंबर पोल के पास धंसाव शुरू होने पर तत्काल यातायात बंद किया गया; कोई जनहानि नहीं हुई।
RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि विगत दो वर्षों में बिहार में 100 से अधिक पुल-पुलिया गिरे हैं।
बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने उच्चस्तरीय जाँच और दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
यह पुल भागलपुर , सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों की जीवनरेखा माना जाता है।

भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु रविवार की देर रात करीब 12:30 बजे क्षतिग्रस्त हो गया, जब पुल के 133 नंबर पोल के पास धंसाव शुरू हुआ और कुछ ही देर में वह हिस्सा टूटकर गंगा नदी में समा गया। एहतियातन तुरंत यातायात बंद कर दिया गया, जिससे बड़े जानमाल के नुकसान से बचा जा सका। इस घटना के बाद बिहार की सियासत गर्म हो गई है और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने राज्य की NDA सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं।

घटनाक्रम: कैसे टूटा विक्रमशिला सेतु का हिस्सा

अधिकारियों के अनुसार, 4 मई 2025 की रात 12:30 बजे पुल के 133 नंबर पोल के निकट पहले धंसाव के संकेत मिले, जिसके बाद तत्काल यातायात रोक दिया गया। हालाँकि, कुछ ही मिनटों में पुल का वह हिस्सा पूरी तरह टूटकर नीचे गिर गया। उस समय पुल पर अनेक वाहन मौजूद थे, लेकिन सौभाग्यवश कोई भी वाहन गिरने वाले स्लैब पर नहीं था, इसलिए जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।

तेजस्वी यादव का हमला: '100 से अधिक पुल गिरे'

RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह बिहार में बुनियादी ढाँचे की निगरानी की व्यवस्थागत विफलता की ओर इशारा करता है, न कि किसी एकल दुर्घटना की। असली सवाल यह है कि पिछले महीने विपक्ष की चेतावनी के बावजूद सरकार ने कोई निवारक कदम क्यों नहीं उठाया। जब तक उच्चस्तरीय जाँच में ठेकेदारों, इंजीनियरों और निगरानी तंत्र की जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे नहीं बढ़ेगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रमशिला सेतु कब और कैसे क्षतिग्रस्त हुआ?
विक्रमशिला सेतु 4 मई 2025 की रात करीब 12:30 बजे क्षतिग्रस्त हुआ, जब पुल के 133 नंबर पोल के पास धंसाव शुरू हुआ और कुछ ही देर में वह हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया। एहतियातन यातायात तुरंत बंद कर दिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
तेजस्वी यादव ने विक्रमशिला सेतु हादसे पर क्या कहा?
RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'भ्रष्ट NDA सरकार के सौजन्य से भागलपुर में विक्रमशिला पुल ने गंगा नदी में समाधि ले ली।' उन्होंने यह भी दावा किया कि विगत दो वर्षों में बिहार में 100 से अधिक पुल-पुलिया गिरे हैं और पिछले महीने उन्होंने सरकार को इस पुल के गिरने की चेतावनी दी थी।
कांग्रेस ने इस घटना पर क्या माँग की है?
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने घटना की उच्चस्तरीय जाँच की माँग करते हुए दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने सरकार को पुल की तत्काल मरम्मत कराकर आम लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश देने की भी माँग की।
विक्रमशिला सेतु का महत्व क्या है?
विक्रमशिला सेतु भागलपुर को उत्तर बिहार से जोड़ने वाला एक प्रमुख पुल है, जो सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों की जीवनरेखा माना जाता है। इसके क्षतिग्रस्त होने से इन क्षेत्रों में लाखों लोगों की आवाजाही बाधित हुई है।
क्या इस पुल के टूटने की चेतावनी पहले दी गई थी?
तेजस्वी यादव के अनुसार, विपक्ष ने पिछले महीने सरकार को आगाह किया था कि यह पुल गिर सकता है, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। हालाँकि, सरकार की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले