20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रावघाट में आजादी के बाद पहली ट्रेन: छत्तीसगढ़ में ₹1,628 करोड़ की रेल लाइन और नई सेवाओं का उद्घाटन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रावघाट में आजादी के बाद पहली ट्रेन: छत्तीसगढ़ में ₹1,628 करोड़ की रेल लाइन और नई सेवाओं का उद्घाटन

सारांश

आजादी के बाद पहली बार रावघाट में ट्रेन पहुँची — यह महज एक उद्घाटन नहीं, बल्कि दशकों की प्रतीक्षा का अंत है। ₹1,628 करोड़ की 95 किलोमीटर लंबी लाइन के चालू होने से लौह अयस्क ढुलाई, भिलाई इस्पात संयंत्र और छत्तीसगढ़ के दूरदराज दक्षिणी इलाकों की कनेक्टिविटी एक साथ बदलेगी।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने 20 अक्टूबर 2026 को ताड़ोकी–रावघाट और अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइनों का उद्घाटन किया।
₹1,628 करोड़ की लागत से बनी 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा–रावघाट लाइन अब पूरी तरह चालू; आजादी के बाद पहली बार रावघाट में ट्रेन पहुँची।
नई रायपुर–रावघाट यात्री सेवा में किराया मात्र ₹55 ; छात्रों और दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ।
इस वर्ष छत्तीसगढ़ को रेलवे बजट में ₹7,000 करोड़ से अधिक का आवंटन।
रायपुर में 300 उच्च हॉर्सपावर इंजनों के रखरखाव वाली इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सुविधा की आधारशिला रखी गई।
रावघाट से लौह अयस्क ढुलाई तेज होगी, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र को सीधा लाभ मिलेगा।

भारतीय रेलवे ने 20 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ में दो ऐतिहासिक ब्रॉडगेज रेल लाइनों — ताड़ोकी–रावघाट और अभनपुर–कुरूद — का उद्घाटन किया और रावघाट–रायपुर तथा रायपुर–कुरूद के बीच नई यात्री रेल सेवाएँ शुरू कीं। आजादी के बाद पहली बार रावघाट में रेलगाड़ी का पहुँचना राज्य के दूरदराज दक्षिणी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है।

मुख्य घटनाक्रम

₹1,628 करोड़ की लागत से निर्मित 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन के ताड़ोकी–रावघाट खंड के 17.5 किलोमीटर हिस्से के परिचालन में आने के साथ यह पूरी लाइन अब पूर्ण रूप से सक्रिय हो गई है। इसके अतिरिक्त, अभनपुर–धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत 22 किलोमीटर लंबा अभनपुर–कुरूद खंड भी पूरा हो चुका है। रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव रखरखाव सुविधा की आधारशिला भी इसी अवसर पर रखी गई।

किफायती किराया और यात्री लाभ

नई रायपुर–रावघाट रेल सेवा में यात्रियों को मात्र ₹55 का किराया देना होगा। यह दर विशेष रूप से छात्रों, युवाओं और प्रतिदिन आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए किफायती परिवहन का एक नया विकल्प खोलती है। अभनपुर–कुरूद खंड के चालू होने से रायपुर तक यात्रा के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे और रोजाना यात्रा करने वालों को सुविधा होगी।

आर्थिक और औद्योगिक महत्त्व

रावघाट क्षेत्र लौह अयस्क भंडारों के लिए जाना जाता है। रेल संपर्क स्थापित होने से इस क्षेत्र से लौह अयस्क की ढुलाई में तेजी आएगी, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र और व्यापक लौह एवं इस्पात उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देश में इस्पात उत्पादन क्षमता विस्तार की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। रायपुर में प्रस्तावित इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव रखरखाव सुविधा में 300 तक उच्च हॉर्सपावर वाले इंजनों का रखरखाव किया जा सकेगा, जिससे माल ढुलाई की क्षमता और रेल परिचालन की विश्वसनीयता दोनों मज़बूत होंगी।

सरकार की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित हुआ, जबकि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री साय ने राज्य के तीन करोड़ लोगों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ को रेलवे बजट में ₹7,000 करोड़ से अधिक का आवंटन हुआ है। रेल मंत्री वैष्णव ने दल्लीराजहरा–रावघाट लाइन के अलावा केंदी–अभनपुर–राजिम–धमतरी खंड के गेज परिवर्तन, मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं और हाल ही में मंजूर पेंड्रा रोड–बिलासपुर–उसलापुर तीसरी रेल लाइन का भी उल्लेख किया। खरसिया–परमालकसा दोहरी रेल लाइन का काम भी जारी है।

आगे क्या होगा

अभनपुर–धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के शेष कुरूद–धमतरी खंड का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री साय के अनुसार, इन परियोजनाओं से दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार तक पहुँच आसान होगी और औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि यह उन कनेक्टिविटी परियोजनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है जो पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ में तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह कनेक्टिविटी स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और सेवाओं तक वास्तविक पहुँच में बदलती है या केवल औद्योगिक निष्कर्षण का नया मार्ग बनती है। ₹7,000 करोड़ के बजट आवंटन और एक साथ कई परियोजनाओं की प्रगति यह संकेत देती है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति अभी मजबूत है — पर कुरूद–धमतरी जैसे शेष खंडों की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र अभी भी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रावघाट में पहली बार ट्रेन कब और कैसे पहुँची?
20 अक्टूबर 2026 को ताड़ोकी–रावघाट खंड के उद्घाटन के साथ आजादी के बाद पहली बार रावघाट में ट्रेन पहुँची। ₹1,628 करोड़ की लागत से बनी 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा–रावघाट लाइन के अंतिम 17.5 किलोमीटर हिस्से के चालू होने से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हुई।
रायपुर–रावघाट ट्रेन का किराया कितना है?
नई रायपुर–रावघाट यात्री रेल सेवा में किराया मात्र ₹55 निर्धारित किया गया है। यह दर छात्रों, युवाओं और प्रतिदिन आवागमन करने वाले यात्रियों को किफायती परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रखी गई है।
दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन से किसे फायदा होगा?
इस रेल लाइन से रावघाट क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार तक पहुँच आसान होगी। साथ ही, रावघाट से लौह अयस्क ढुलाई तेज होगी, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र और लौह एवं इस्पात उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा।
अभनपुर–कुरूद खंड क्या है और इसका क्या महत्त्व है?
अभनपुर–कुरूद 22 किलोमीटर लंबा खंड अभनपुर–धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना का हिस्सा है, जिसे 20 अक्टूबर 2026 को परिचालन में लाया गया। इससे रायपुर तक यात्रा के नए विकल्प मिलेंगे, क्षेत्रीय व्यापार बढ़ेगा और रोजाना यात्रियों को सुविधा होगी; शेष कुरूद–धमतरी खंड जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में रेलवे के लिए इस वर्ष बजट में कितना प्रावधान हुआ?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार इस वर्ष छत्तीसगढ़ को रेलवे बजट में ₹7,000 करोड़ से अधिक का आवंटन हुआ है। यह राशि बुनियादी ढाँचे, रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं के लिए निरंतर निवेश को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले