राया अर्बन सेंटर और हैरिटेज सिटी परियोजना का अपर मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- राया अर्बन सेंटर परियोजना का निरीक्षण किया गया।
- अपर मुख्य सचिव ने समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
- वृंदावन बायपास की प्रगति पर चर्चा हुई।
- परियोजना से रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- सभी विभागों के समन्वय से कार्य करने का निर्देश।
ग्रेटर नोएडा, 14 मार्च (राष्ट्रीय प्रेस)। मथुरा में प्रस्तावित राया अर्बन सेंटर और हैरिटेज सिटी परियोजना को गति प्रदान करने के लिए, शनिवार 14 मार्च 2026 को अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने परियोजना स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया।
अपर मुख्य सचिव ने सबसे पहले राया अर्बन सेंटर में प्रस्तावित औद्योगिक भू-उपयोग की लगभग 64 हेक्टेयर भूमि का निरीक्षण किया। इसके अलावा, उन्होंने प्रस्तावित हैरिटेज सिटी परियोजना की साइट का भी जायजा लिया और वहां चल रही तैयारियों तथा संभावित विकास कार्यों के बारे में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित वृंदावन बायपास की साइट का भी स्थलीय निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति के बारे में अधिकारियों से चर्चा की।
स्थलीय निरीक्षण के बाद, श्री आलोक कुमार ने वृंदावन स्थित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि राया अर्बन सेंटर और हैरिटेज सिटी परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके लिए आवश्यक भूमि अर्जन की प्रक्रिया को तेज गति से पूरा किया जाए ताकि परियोजना का कार्यान्वयन समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।
बैठक के दौरान, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने प्रस्तावित हैरिटेज सिटी परियोजना, बांके बिहारी जी मंदिर के लिए प्रस्तावित पार्किंग व्यवस्था तथा प्राधिकरण की आवासीय एवं वाणिज्यिक योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विभिन्न पहलुओं, विकास योजनाओं और संभावित सुविधाओं के बारे में भी जानकारी साझा की।
इस अवसर पर प्राधिकरण के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार, ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह, जीएम प्रोजेक्ट राजेन्द्र भाटी सहित परियोजना विभाग, नियोजन विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया तथा परियोजनाओं से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, जिससे क्षेत्र के विकास के साथ-साथ रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।