9 अक्टूबर 2026
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रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, शंखरावह सरकार ने 75,816 वोटों के अंतर से जीती सीट

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रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, शंखरावह सरकार ने 75,816 वोटों के अंतर से जीती सीट

सारांश

रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा ने 75,816 वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की — मुर्शिदाबाद जिले में यह नतीजा पार्टी की जमीनी पकड़ का बड़ा संकेत है और अगले विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा करने वाला है।

मुख्य बातें

भाजपा उम्मीदवार शंखरावह सरकार ने रेजीनगर उपचुनाव में 1,29,914 वोट हासिल किए।
निकटतम प्रतिद्वंद्वी AJUP के गोलाम नबी आज़ाद (रॉबिन) को 54,098 वोट मिले; अंतर 75,816 मत का रहा।
कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफी तीसरे स्थान पर, केवल 6,168 वोट मिले।
उपचुनाव AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण हुआ, जिन्होंने नौदा सीट अपने पास रखने को प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर इसे 'ऐतिहासिक जनादेश' बताया।

पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर 9 अक्टूबर 2026 को हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 70 रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना के सभी 15 राउंड पूरे होने के बाद भाजपा उम्मीदवार शंखरावह सरकार ने 1,29,914 वोट हासिल कर निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 75,816 मतों के विशाल अंतर से पीछे छोड़ दिया। यह जीत पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा की बढ़ती पकड़ का संकेत मानी जा रही है।

मतगणना के प्रमुख आँकड़े

चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार, दूसरे स्थान पर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार गोलाम नबी आज़ाद उर्फ रॉबिन रहे, जिन्हें 54,098 वोट मिले। तीसरे स्थान पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफी रहे, जिन्हें महज 6,168 वोट प्राप्त हुए। भाजपा और दूसरे नंबर के बीच 75,816 वोटों की बढ़त इस उपचुनाव को मुर्शिदाबाद जिले के हालिया चुनावी इतिहास में असाधारण बनाती है।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि

AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने पिछले विधानसभा चुनाव में मुर्शिदाबाद जिले की नौदा और रेजीनगर — दोनों सीटें अपनी पार्टी के टिकट पर जीतकर सबको चौंका दिया था। बाद में उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखने का निर्णय लिया और रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया, जिसके चलते यहाँ उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया। गौरतलब है कि यह उपचुनाव मुर्शिदाबाद में भाजपा की संगठनात्मक क्षमता की वास्तविक परीक्षा माना जा रहा था।

सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस जीत पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इसे 'एक ऐतिहासिक जनादेश' बताया। उन्होंने लिखा, "रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत हासिल करने पर भाजपा उम्मीदवार शंखरावह सरकार को हार्दिक बधाई। मैं रेजीनगर के जागरूक मतदाताओं का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।"

अधिकारी ने कहा कि माताओं, बहनों, युवाओं, किसानों और बुजुर्गों ने भारी संख्या में आकर अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता के अटूट भरोसे का प्रतिबिंब बताया।

राजनीतिक संदेश और आगे की राह

अधिकारी ने कहा कि यह परिणाम राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, समावेशी विकास और पारदर्शी शासन पर मतदाताओं की स्वीकृति की मुहर है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने विभाजनकारी राजनीति के बजाय तरक्की और सशक्तिकरण को चुना है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को भी उन्होंने इस जीत का श्रेय दिया। आलोचकों का कहना है कि यह नतीजा मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अनुपस्थिति और विपक्षी मतों के बँटवारे का भी परिणाम हो सकता है, जिसका पूरा विश्लेषण अभी बाकी है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं। रेजीनगर का यह जनादेश भाजपा के लिए एक मजबूत प्रतीकात्मक संदेश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

816 वोटों का अंतर महज एक उपचुनाव का आँकड़ा नहीं — यह मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल जिले में भाजपा की बदलती राजनीतिक ज़मीन का संकेत है, जिसे पार्टी लंबे समय से अपनी पहुँच से बाहर मानती थी। हालाँकि यह जीत आंशिक रूप से TMC की अनुपस्थिति और विपक्षी वोटों के बिखराव का नतीजा भी हो सकती है — जो मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या भाजपा इस गति को 2026 के विधानसभा चुनाव तक बरकरार रख सकती है, जब TMC का पूरा संगठन मैदान में होगा।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा को कितने वोट मिले?
भाजपा उम्मीदवार शंखरावह सरकार को 1,29,914 वोट मिले और उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 75,816 मतों के अंतर से हराया। यह मुर्शिदाबाद जिले के हालिया चुनावी इतिहास में एक असाधारण जीत मानी जा रही है।
रेजीनगर में उपचुनाव क्यों हुआ?
AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने पिछले चुनाव में नौदा और रेजीनगर — दोनों सीटें जीती थीं। उन्होंने नौदा अपने पास रखने का फैसला किया और रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह सीट रिक्त हो गई और उपचुनाव अनिवार्य हो गया।
रेजीनगर उपचुनाव में दूसरे और तीसरे नंबर पर कौन रहे?
दूसरे स्थान पर AJUP के गोलाम नबी आज़ाद उर्फ रॉबिन रहे जिन्हें 54,098 वोट मिले। तीसरे स्थान पर कांग्रेस के अब्दुल्लाहिल काफी रहे जिन्हें 6,168 वोट मिले।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस जीत पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे 'ऐतिहासिक जनादेश' बताया और शंखरावह सरकार को बधाई दी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं पर जनता की मुहर करार दिया।
रेजीनगर की जीत पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए क्या मायने रखती है?
यह जीत मुर्शिदाबाद जैसे जिले में भाजपा की बढ़ती उपस्थिति का संकेत है। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि TMC की अनुपस्थिति और विपक्षी मतों के बिखराव ने भी इस परिणाम को प्रभावित किया, और इसका वास्तविक असर अगले विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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