28 अक्टूबर 2026
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सुवेंदु अधिकारी का दावा: बंगाल में भाजपा जीत रही है अल्पसंख्यक मतदाताओं का भरोसा, रेजिनगर में 75,000 वोट की जीत का दिया हवाला

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सुवेंदु अधिकारी का दावा: बंगाल में भाजपा जीत रही है अल्पसंख्यक मतदाताओं का भरोसा, रेजिनगर में 75,000 वोट की जीत का दिया हवाला

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में दावा किया कि रेजिनगर में 75,000 वोटों की जीत और अन्नपूर्णा योजना के 35,000 अल्पसंख्यक लाभार्थी यह साबित करते हैं कि भाजपा सांप्रदायिक नहीं, जन-कल्याणकारी पार्टी है — और ममता बनर्जी को 'आराम' करने की सलाह भी दे डाली।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 28 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा में कहा कि भाजपा अल्पसंख्यक मतदाताओं का विश्वास जीत रही है।
रेजिनगर में भाजपा उम्मीदवार सखारव सरकार ने 75,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज की; क्षेत्र के 300 में से 200 बूथ अल्पसंख्यक बहुल हैं।
अन्नपूर्णा योजना से रेजिनगर में 70,000 महिलाएँ लाभान्वित, जिनमें 35,000 अल्पसंख्यक परिवारों की सदस्य।
नंदीग्राम से हसिरानी रथ और रेजिनगर से सखारव सरकार ने विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस के समक्ष शपथ ली।
अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें 'अब आराम करना चाहिए।'

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 28 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में अल्पसंख्यक मतदाताओं का विश्वास अर्जित करने लगी है। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझ आ गया है कि उनकी सरकार धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि जन कल्याण को विकास का आधार मानती है।

शपथ समारोह के मौके पर दिया बयान

यह संबोधन उस अवसर पर आया जब हाल ही में संपन्न उपचुनावों में विजयी दो नए विधायकों ने शपथ ली। पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से हसिरानी रथ और मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र से सखारव सरकार ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने दोनों को शपथ दिलाई, जबकि मुख्यमंत्री अधिकारी और सदन में विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी ने उन्हें बधाई दी।

अन्नपूर्णा योजना और अल्पसंख्यक लाभार्थियों का हवाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई लोग भाजपा को सांप्रदायिक पार्टी बताकर राजनीति करते थे। उन्होंने तथ्यात्मक आँकड़े सामने रखे: 'रेजिनगर में 70,000 महिलाएँ अन्नपूर्णा योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिनमें से 35,000 अल्पसंख्यक परिवारों की सदस्य हैं।' उन्होंने जोड़ा कि रेजिनगर के 300 बूथों में से 200 बूथ अल्पसंख्यक बहुल हैं, और इन्हीं क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवार सखारव सरकार ने 75,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

अधिकारी ने स्पष्ट किया, 'हम पारंपरिक हिंदू हैं और माथे पर तिलक लगाते हैं, लेकिन भाजपा प्रशासन चलाते समय जनता की आवश्यकता को प्राथमिकता देती है।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल बंगाल में भाजपा की साम्प्रदायिक छवि को चुनावी मुद्दा बनाते आए हैं।

सरकार की उपलब्धियों पर आगे का दांव

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के प्रारंभिक कार्यकाल को 'सुबह की चाय और नाश्ते' की संज्ञा देते हुए कहा कि 'दोपहर का भोजन और रात का खाना' अभी बाकी है। यह संकेत था कि उनकी सरकार की आगामी योजनाएँ अभी और व्यापक होंगी। यह बयान उनके पहले छह महीनों की उपलब्धियों को केवल शुरुआत बताने के संदर्भ में आया।

ममता बनर्जी पर निशाना

अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम — दोनों सीटें जीतने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखने के अपने निर्णय का संदर्भ देते हुए कहा कि उन्होंने नंदीग्राम सीट इसलिए नहीं रखी, ताकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उस निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव लड़ने का अवसर न मिले। उन्होंने यह भी कहा कि बनर्जी को 'अब चुनाव लड़ते रहने के बजाय आराम करना चाहिए।' तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार अपनी साख स्थापित करने में जुटी है और TMC विपक्षी भूमिका में है। रेजिनगर उपचुनाव परिणाम भाजपा के लिए महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से TMC का गढ़ माना जाता था। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में अल्पसंख्यक मतों की भूमिका निर्णायक रह सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक उपचुनाव से प्रवृत्ति नहीं बनती — खासकर तब जब TMC सत्ता से बाहर होने के बाद भी राज्य में गहरी जड़ें रखती है। असली परीक्षा स्थानीय निकाय चुनावों में होगी, जहाँ अल्पसंख्यक मतों का बिखराव या एकजुटता भाजपा के इस दावे की असली कसौटी बनेगी। ममता बनर्जी पर की गई टिप्पणी राजनीतिक अवसरवाद का संकेत देती है, लेकिन यह भाजपा की उस संरचनात्मक कमजोरी को भी उजागर करती है जिसमें वह अभी तक एक स्थिर जन-आधार नहीं बना पाई है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल में अल्पसंख्यक मतदाताओं के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने 28 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा में दावा किया कि भाजपा राज्य में अल्पसंख्यक मतदाताओं का विश्वास जीतने लगी है। उन्होंने रेजिनगर में अन्नपूर्णा योजना के 35,000 अल्पसंख्यक लाभार्थियों और 75,000 मतों की जीत का हवाला दिया।
रेजिनगर और नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा ने कितने मतों से जीत हासिल की?
रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सखारव सरकार ने 75,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। नंदीग्राम से हसिरानी रथ ने जीत हासिल की; दोनों ने 28 अक्टूबर को शपथ ली।
अन्नपूर्णा योजना क्या है और इससे बंगाल में कितने लाभार्थी हैं?
अन्नपूर्णा योजना पश्चिम बंगाल सरकार की एक जन-कल्याण योजना है जिसके तहत महिलाओं को लाभ दिया जाता है। मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार रेजिनगर में 70,000 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिनमें 35,000 अल्पसंख्यक परिवारों की सदस्य हैं।
अधिकारी ने ममता बनर्जी के बारे में क्या कहा?
अधिकारी ने कहा कि उन्होंने नंदीग्राम सीट इसलिए नहीं रखी ताकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को वहाँ से उपचुनाव लड़ने का मौका न मिले। उन्होंने यह भी कहा कि बनर्जी को अब चुनाव लड़ते रहने के बजाय आराम करना चाहिए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नए सदस्यों को शपथ किसने दिलाई?
विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने हसिरानी रथ और सखारव सरकार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री अधिकारी और विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी ने उन्हें बधाई दी।
राष्ट्र प्रेस
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