क्या गणतंत्र दिवस पर ये एक्टर्स रियल हीरो हैं जिन्होंने वर्दी पहनी?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का उत्सव मनाना।
- अभिनेताओं का सेना में योगदान।
- स्क्रीन पर वीरता के उदाहरण।
- राष्ट्र सेवा की प्रेरणा।
- असली हीरो की पहचान।
मुंबई, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस केवल संविधान और लोकतंत्र का उत्सव नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रगाढ़ बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना का सिनेमा के साथ गहरा संबंध रहा है। कई अभिनेता ऐसे हैं जिन्होंने परदे पर वीरता दिखाने से पहले असल जीवन में वर्दी पहनकर अपने देश की सुरक्षा की। ये सितारे फिल्मी दुनिया में हीरो बनने से पहले असल जिंदगी के हीरो रह चुके हैं।
26 जनवरी, गणतंत्र दिवस, हमें साल 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने की याद दिलाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति ध्वज फहराते हैं, दिल्ली में भव्य परेड आयोजित होती है, जहां सैनिकों की वीरता की गाथाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। यह लोकतंत्र, एकता, और संवैधानिक मूल्यों का महोत्सव है। हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलती है। आइए, उन सितारों पर नजर डालते हैं, जिन्होंने सेना में सेवा की। यह सूची काफी लंबी है, जिन्होंने वर्दी में अपनी सेवा देकर देश को मजबूत बनाया और स्क्रीन पर भी प्रेरणा दी।
नाना पाटेकर: दमदार अभिनय के लिए जाने जाने वाले नाना पाटेकर ने 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना में योगदान दिया। उन्हें मानद कैप्टन का दर्जा मिला और वह द्रास जैसे संघर्ष क्षेत्रों में तैनात रहे। बाद में उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद रैंक भी मिला। उनकी फिल्में जैसे 'क्रांतिवीर' में भी देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है।
गुफी पेंटल: 'महाभारत' में शकुनि मामा के रूप में प्रसिद्ध गुफी पेंटल ने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भारतीय सेना में सेवा की। वह इंडो-चाइना बॉर्डर पर जवान के रूप में तैनात थे। बाद में उन्होंने टीवी और फिल्मों में अपनी अनोखी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीता।
बिक्रमजीत कंवरपाल: मेजर बिक्रमजीत कंवरपाल भारतीय सेना से रिटायर हुए। साल 2002 में रिटायरमेंट के बाद उन्होंने टीवी और फिल्मों में कदम रखा। 'पवित्र रिश्ता', 'कुमकुम भाग्य' और '2 स्टेट्स' जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके किरदार यादगार रहे।
अच्युत पोद्दार: दिवंगत अभिनेता अच्युत पोद्दार ने 'थ्री इडियट्स' में प्रोफेसर का मजेदार किरदार निभाया। कम लोग जानते हैं कि वह भारतीय सेना में कप्तान रह चुके थे। उन्होंने 1962 से 1967 तक सेना में पांच साल सेवा की। साल 1967 में रिटायर होकर अभिनय में आए और 125 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।
प्रवीण कुमार सोबती: 'महाभारत' में भीम के रूप में मशहूर प्रवीण कुमार सोबती ने बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट के पद पर सेवा की। वे एक उत्कृष्ट एथलीट भी थे, जिन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीते।
रुद्राशीष मजूमदार: 'छिछोरे', 'जर्सी' और 'मिसेज अंडरकवर' में नजर आए रुद्राशीष मजूमदार (रिटायर्ड मेजर) ने भारतीय सेना में लगभग सात साल सेवा दी। सेना छोड़ने के बाद बॉलीवुड में सफलता पाई।
रहमान: हिंदी सिनेमा के क्लासिक दौर के अभिनेता रहमान ने 1940 के दशक में रॉयल इंडियन एयर फोर्स में पायलट के रूप में ट्रेनिंग ली। एयरफोर्स छोड़कर फिल्मों में आए और 'प्यार की जीत', 'बड़ी बहन', 'वक्त' जैसी फिल्मों में काम किया।