रेवंत रेड्डी का केसीआर परिवार पर बड़ा हमला: ₹1 लाख करोड़ की संपत्ति जमा करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) तथा उनके परिवार पर कथित तौर पर सत्ता में रहते हुए भारी संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया। सिरसिल्ला निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि केसीआर परिवार ने तेलंगाना आंदोलन का फायदा उठाकर हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की।
सिरसिल्ला में शक्ति प्रदर्शन
मुख्यमंत्री के रूप में सिरसिल्ला की अपनी पहली यात्रा पर रेवंत रेड्डी ने एक रोड शो किया। गौरतलब है कि यह निर्वाचन क्षेत्र बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) का परंपरागत गढ़ माना जाता है। सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के लिए यह यात्रा विरोधी दल के मज़बूत क्षेत्र में पैठ बनाने का स्पष्ट संकेत थी।
केसीआर परिवार पर मुख्य आरोप
रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि केसीआर ने अपने 10 साल के शासनकाल में परिवार के सदस्यों को शीर्ष पदों पर आसीन करवाया और सत्ता का व्यक्तिगत लाभ उठाया। उन्होंने दावा किया कि केसीआर परिवार ने सैकड़ों एकड़ ज़मीन पर फार्महाउस बनवाए और आलीशान जीवनशैली अपनाई।
उन्होंने विशेष रूप से केटीआर पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने 2009 के चुनावों में सिरसिल्ला सीट महज 172 वोटों के मामूली अंतर से जीती थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए ₹1 लाख करोड़ की संपत्ति अर्जित की।
श्वेत पत्र और विदेशी संपत्तियों की माँग
मुख्यमंत्री ने माँग की कि केटीआर अपनी और अपने परिवार के सदस्यों — जिनमें केसीआर, हरीश राव और संतोष कुमार शामिल हैं — की संपत्तियों पर एक श्वेत पत्र जारी करें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे अमेरिका और सिंगापुर में केटीआर की कथित संपत्तियों का खुलासा करेंगे।
केसीआर पर व्यक्तिगत हमले
रेवंत रेड्डी ने विधानसभा सत्र में अनुपस्थित रहने के लिए केसीआर की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वह दलित पृष्ठभूमि से आने वाले अध्यक्ष को 'सर' कहकर संबोधित करने को तैयार नहीं थे — जो कि सामाजिक सम्मान से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा बन गया।
राजनीतिक भविष्य का दावा और जनता से वादे
मुख्यमंत्री ने जनता से कहा, 'राज्य की राजनीति में बीआरएस, केसीआर और केटीआर अतीत बन जाएंगे और कांग्रेस 2034 तक सत्ता में बनी रहेगी।' उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या केसीआर परिवार ने इन वर्षों में उनकी किसी भी प्रकार से मदद की, और व्यक्तिगत रूप से बदलाव लाने की ज़िम्मेदारी उठाने का आश्वासन दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस और बीआरएस के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तेज़ होती जा रही है और अगले निर्वाचन की तैयारियाँ अभी से शुरू हो गई हैं।