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ऋषि सुनक ने दिल्ली के बंगाली मार्केट में चखी रसमलाई और चाट, सुधा मूर्ति रहीं साथ

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ऋषि सुनक ने दिल्ली के बंगाली मार्केट में चखी रसमलाई और चाट, सुधा मूर्ति रहीं साथ

सारांश

पूर्व ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ब्लूमबर्ग फोरम के लिए दिल्ली आए, लेकिन असली सुर्खी बनी बंगाली मार्केट की वो शाम — जब सास सुधा मूर्ति और स्वाति मालीवाल के साथ चाय, रसमलाई और चाट की चुस्कियाँ ली गईं। 1937 की ऐतिहासिक दुकान के लिए यह दूसरी बार का दौरा था।

मुख्य बातें

ऋषि सुनक 15 अक्टूबर 2026 को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के लिए नई दिल्ली आए।
उन्होंने बंगाली मार्केट स्थित बंगाली स्वीट हाउस एंड पेस्ट्री शॉप में चाय, रसमलाई और चाट का ऑर्डर दिया।
साथ में थीं राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति (सास) और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ।
सुनक ने इसी दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उनके सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी।
यह सुनक का बंगाली स्वीट हाउस का दूसरा दौरा था — पहला 2025 में दिवाली के आसपास हुआ था।
दुकान की स्थापना 1937 में हुई थी और यह लगभग नौ दशकों से राजधानी की सांस्कृतिक पहचान है।

पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के मशहूर बंगाली मार्केट पहुँचे और बंगाली स्वीट हाउस एंड पेस्ट्री शॉप में भारतीय मिठाइयों और व्यंजनों का लुत्फ उठाया। उनके साथ उनकी सास और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति तथा राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल भी मौजूद रहीं।

दिल्ली दौरे का मकसद

सुनक ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए थे। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और सार्वजनिक सेवा में उनके 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। फोरम की व्यस्तताओं के बीच समय निकालकर वे बंगाली मार्केट भी पहुँचे।

मुख्य घटनाक्रम

वीडियो क्लिप्स में सुनक को रेस्तराँ में प्रवेश करते देखा जा सकता है, जहाँ सुधा मूर्ति उनसे मिलती हैं और स्वाति मालीवाल अपना परिचय देती हैं। मेन्यू कार्ड ध्यान से देखने के बाद सुनक ने चाय, रसमलाई और चाट का ऑर्डर दिया। उन्होंने और मिठाइयाँ आज़माने की इच्छा जताई, लेकिन यह भी कहा कि वे दोपहर का भोजन करके आए हैं इसलिए केवल रसमलाई लेंगे।

दुकान की प्रतिक्रिया

बंगाली स्वीट हाउस आरसी के पार्टनर वर्जेश अग्रवाल ने इस मुलाकात को 'बहुत ही सुखद और गौरवमयी पड़ाव' बताया। दुकान ने इस यादगार अवसर की वीडियो क्लिप्स इंस्टाग्राम पर साझा कीं। अग्रवाल ने कहा, "उनका आना हमारी पूरी टीम के लिए एक बहुत ही सुखद पल रहा, और 'बंगाली स्वीट हाउस एंड पेस्ट्री शॉप' के शानदार सफर में यह एक गौरवमयी पड़ाव था।"

पुरानी यादें और ऐतिहासिक दुकान

गौरतलब है कि 2025 में दिवाली के आसपास भी सुनक इसी दुकान पर आए थे। वर्जेश अग्रवाल से बातचीत में उन्होंने उस वक्त की दिवाली सजावट को याद किया और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए आभार जताया। बंगाली स्वीट हाउस एंड पेस्ट्री शॉप की स्थापना 1937 में लाला भीम सैन, लाला रोहताश चंद और लाला बनवारी लाल ने की थी। लगभग नौ दशकों से यह दुकान मिठाइयों, नमकीन और बेकरी आइटम्स के लिए राजधानी की एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है। सुनक का यह दौरा भारतीय संस्कृति और व्यंजनों के प्रति उनके जुड़ाव को एक बार फिर रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उन्हें ब्रिटेन की राजनीति से बाहर भी प्रासंगिक बनाए रखती है। ब्लूमबर्ग फोरम जैसे वैश्विक मंच पर उपस्थिति और मोदी से मुलाकात के बीच इस तरह का 'सॉफ्ट कूटनीतिक' सांस्कृतिक जुड़ाव उनके भारत कनेक्शन को भुनाने की रणनीति को दर्शाता है। यह भी उल्लेखनीय है कि सुधा मूर्ति और स्वाति मालीवाल जैसी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस निजी दोपहर को एक अर्ध सार्वजनिक आयोजन का रूप दे दिया।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऋषि सुनक 2026 में दिल्ली क्यों आए थे?
ऋषि सुनक 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भाग लेने आए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की।
बंगाली स्वीट हाउस में सुनक ने क्या खाया?
सुनक ने बंगाली स्वीट हाउस में चाय, रसमलाई और चाट का ऑर्डर दिया। उन्होंने बताया कि दोपहर का भोजन कर चुके हैं, इसलिए अधिक मिठाइयाँ लेने के बजाय रसमलाई तक ही सीमित रहे।
सुनक के साथ बंगाली मार्केट में कौन कौन थे?
सुनक के साथ उनकी सास और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति तथा राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल मौजूद थीं। तीनों ने साथ बैठकर व्यंजन चखे और बातें कीं।
बंगाली स्वीट हाउस का इतिहास क्या है?
बंगाली स्वीट हाउस एंड पेस्ट्री शॉप की स्थापना 1937 में लाला भीम सैन, लाला रोहताश चंद और लाला बनवारी लाल ने की थी। लगभग नौ दशकों से यह दुकान नई दिल्ली के बंगाली मार्केट में मिठाइयों, नमकीन और बेकरी के लिए एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है।
क्या सुनक पहले भी इस दुकान पर आ चुके हैं?
हाँ, 2025 में दिवाली के आसपास भी ऋषि सुनक बंगाली स्वीट हाउस आए थे। उस दौरान उन्होंने दुकान की दिवाली सजावट की तारीफ की थी और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए आभार जताया था।
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