तमिलनाडु चुनाव 2026: वेल्लोर के मतदान केंद्रों पर रोबोट बने वेलकम गार्ड, तमिल में किया स्वागत और बांटे फूल-चॉकलेट

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तमिलनाडु चुनाव 2026: वेल्लोर के मतदान केंद्रों पर रोबोट बने वेलकम गार्ड, तमिल में किया स्वागत और बांटे फूल-चॉकलेट

सारांश

तमिलनाडु के वेल्लोर में चुनाव आयोग ने कमाल कर दिया! साड़ी पहने ह्यूमनॉइड रोबोट ने मतदाताओं का तमिल में स्वागत किया, फूल-चॉकलेट बांटे और गर्मी से बचने के टिप्स दिए। 1,427 केंद्रों में से सिर्फ 2 पर हुए इस प्रयोग ने मतदान को उत्सव में बदल दिया।

Key Takeaways

  • वेल्लोर जिले के 2 मतदान केंद्रों पर चुनाव आयोग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात किए।
  • गुडियात्तम के मतदान केंद्र पर साड़ी पहने रोबोट ने तमिल भाषा में मतदाताओं का स्वागत करते हुए फूल और चॉकलेट बांटे।
  • वेल्लोर के दूसरे केंद्र पर सेंसर आधारित रोबोट मतदाताओं से हाथ मिलाने और मतदान नियमों की जानकारी देने में सक्षम था।
  • रोबोट ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाओं जैसे अलग कतार और व्हीलचेयर की जानकारी दी।
  • जिले के कुल 1,427 मतदान केंद्रों में से केवल 2 केंद्रों पर यह प्रयोग किया गया।
  • चुनाव आयोग का लक्ष्य इस प्रयोग के जरिए मतदान प्रक्रिया को अधिक सुलभ, प्रभावी और तकनीक-संचालित बनाना है।

वेल्लोर, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान वेल्लोर जिले के दो मतदान केंद्रों पर चुनाव आयोग ने एक ऐतिहासिक तकनीकी प्रयोग किया, जहां ह्यूमनॉइड रोबोट ने मतदाताओं का स्वागत किया और मतदान प्रक्रिया में सहायता प्रदान की। यह पायलट प्रोजेक्ट गुडियात्तम और वेल्लोर विधानसभा क्षेत्रों में लागू किया गया। इस अनूठी पहल ने मतदान को एक उत्सव का रूप दे दिया।

वेल्लोर में किन मतदान केंद्रों पर तैनात किए गए रोबोट?

चुनाव आयोग की पहल के तहत वेल्लोर जिले के कुल 1,427 मतदान केंद्रों में से केवल दो केंद्रों पर यह प्रयोग किया गया। पहला केंद्र गुडियात्तम का सरकारी नगरपालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय था और दूसरा वेल्लोर का सरकारी मुस्लिम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

रोबोट ने मतदाताओं का कैसे किया स्वागत?

गुडियात्तम के मतदान केंद्र पर एक साड़ी पहने ह्यूमनॉइड रोबोट ने मतदाताओं का तमिल भाषा में स्वागत किया। यह रोबोट हाथों में फूलों और चॉकलेट की ट्रे लेकर खड़ा था और गर्मी से बचने के उपाय भी सुझा रहा था। इस दृश्य ने मतदान केंद्र के माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया।

एक मतदाता ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रोबोट तमिल में बात कर रहा था और धूप से बचने के सुझाव भी दे रहा था। पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाता इस अनुभव से सबसे अधिक उत्साहित नजर आए।

सेंसर आधारित रोबोट ने क्या-क्या जानकारियां दीं?

वेल्लोर के सरकारी मुस्लिम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तैनात रोबोट सेंसर तकनीक से लैस था। यह रोबोट मतदाताओं से हाथ मिलाने में सक्षम था और मतदान से जुड़े नियमों की जानकारी देता था। मोबाइल फोन जमा करने, मतदान कक्ष तक पहुंचने के निर्देश और अन्य आवश्यक सूचनाएं यह रोबोट स्वतः प्रदान करता था।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए भी था विशेष प्रावधान

इस रोबोट ने बुजुर्ग मतदाताओं, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध अलग कतारों और व्हीलचेयर सुविधाओं की जानकारी देकर जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। इससे विशेष जरूरत वाले मतदाताओं को मतदान केंद्र पर सुविधा मिली।

चुनाव आयोग का इस प्रयोग पर क्या कहना है?

चुनाव अधिकारियों ने इसे एक प्रयोगात्मक और भविष्योन्मुखी कदम बताया। उनका कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक सुलभ, प्रभावी और तकनीक-संचालित बनाना है। इस अनोखे प्रयोग ने मतदान केंद्रों पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया और बड़ी संख्या में मतदाता रोबोट के साथ संवाद करते दिखे।

Point of View

बल्कि दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं को भी बेहतर सुविधा मिल सकती है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो भविष्य में इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करना लोकतंत्र को और सशक्त बनाएगा।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

वेल्लोर के मतदान केंद्रों पर रोबोट क्यों तैनात किए गए?
चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को अधिक सुलभ, आकर्षक और तकनीक-संचालित बनाने के उद्देश्य से वेल्लोर जिले के दो मतदान केंद्रों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात किए। इन रोबोट्स ने मतदाताओं का स्वागत करने के साथ-साथ मतदान से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी दीं।
वेल्लोर में कितने मतदान केंद्रों पर रोबोट लगाए गए थे?
वेल्लोर जिले के कुल 1,427 मतदान केंद्रों में से केवल 2 केंद्रों पर रोबोट तैनात किए गए। ये दोनों केंद्र गुडियात्तम और वेल्लोर विधानसभा क्षेत्रों में स्थित थे।
वेल्लोर के मतदान केंद्र पर रोबोट ने क्या-क्या काम किए?
रोबोट ने तमिल भाषा में मतदाताओं का स्वागत किया, फूल और चॉकलेट बांटे, मोबाइल जमा करने के नियम बताए और गर्मी से बचने के सुझाव दिए। इसके अलावा बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाओं की जानकारी भी दी।
गुडियात्तम के मतदान केंद्र पर रोबोट की क्या विशेषता थी?
गुडियात्तम के सरकारी नगरपालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तैनात रोबोट साड़ी पहने हुए था और हाथों में फूलों व चॉकलेट की ट्रे लेकर खड़ा था। यह रोबोट तमिल में बातचीत करने में सक्षम था।
क्या भविष्य में भारत के अन्य राज्यों में भी मतदान केंद्रों पर रोबोट लगाए जाएंगे?
चुनाव अधिकारियों ने इसे एक प्रयोगात्मक कदम बताया है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो भविष्य में इसे अन्य राज्यों और अधिक मतदान केंद्रों पर लागू किया जा सकता है।
वेल्लोर के सेंसर आधारित रोबोट में क्या खासियत थी?
वेल्लोर के सरकारी मुस्लिम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तैनात रोबोट सेंसर तकनीक से लैस था, जो मतदाताओं से हाथ मिला सकता था और स्वचालित रूप से मतदान नियमों की जानकारी दे सकता था।
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