बारामती उपचुनाव में रोहित पवार ने सुनेत्रा पवार को दिया समर्थन
सारांश
Key Takeaways
- रोहित पवार ने सुनेत्रा पवार का समर्थन किया।
- चुनाव को निर्विरोध बनाने की अपील की गई है।
- कांग्रेस ने आकाश मोरे को टिकट दिया है।
- बारामती सीट पवार परिवार का गढ़ है।
- स्थानीय लोगों में चुनाव को लेकर उत्साह है।
बारामती, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के सिलसिले में विधायक रोहित पवार ने सुनेत्रा पवार का समर्थन किया है। सुनेत्रा पवार अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत कर रही हैं और इस मौके पर रोहित पवार ने सभी राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों से यह अपील की कि यह चुनाव निर्विरोध होना चाहिए।
रोहित पवार ने कहा, “हम सभी की इच्छा है कि यह चुनाव निर्विरोध हो। इसलिए, नामांकन दाखिल करने वाले अन्य उम्मीदवारों और उनके दलों से हमारी अपील है कि वे इसे निर्विरोध बनाने में मदद करें। हमें यकीन है कि वे हमारी बात को समझेंगे और स्वीकार करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि शरद पवार गुट उपचुनाव में सुनेत्रा पवार के पक्ष में एकजुट है और वे राजनीतिक सहमति से चुनाव कराए जाने की आशा रखते हैं।
हालांकि, रोहित पवार ने यह स्पष्ट किया कि यदि चुनाव निर्विरोध नहीं हो पाता है, तो वे यह मानकर चल रहे हैं कि अजित पवार इस चुनाव में भाग लेंगे। उन्होंने बारामती के मतदाताओं से विशेष अनुरोध किया कि वे सुनेत्रा पवार को रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाएं।
उन्होंने कहा, “आपका एक वोट अजित दादा को सच्चे अर्थों में श्रद्धांजलि होगा।”
बारामती उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने इस सीट से एडवोकेट आकाश विजयराव मोरे को टिकट दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पत्र जारी कर मोरे की उम्मीदवारी की घोषणा की है। आकाश मोरे महाराष्ट्र कांग्रेस के सचिव हैं और उनके पिता विजयराव मोरे भी महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट पवार परिवार का गढ़ मानी जाती है। शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह परिवार की बहु सुनेत्रा के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी। बारामती उपचुनाव की हलचल के बीच एक दिन पहले ही शरद पवार के आवास सिल्वर ओक पर हाई लेवल मीटिंग हुई थी।
इस उपचुनाव को लेकर जनता में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चुनाव निर्विरोध हो जाता है, तो यह शरद पवार परिवार और उनके समर्थकों की राजनीतिक ताकत का प्रतीक बनेगा। वहीं, अगर प्रतिस्पर्धा होती है, तो मतदाताओं की बड़ी भागीदारी सुनेत्रा पवार की जीत सुनिश्चित कर सकती है।