आरपीएफ प्रशिक्षुओं के लिए भारतीय सेना ने की विशेष सीआईईडी ट्रेनिंग का आयोजन

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आरपीएफ प्रशिक्षुओं के लिए भारतीय सेना ने की विशेष सीआईईडी ट्रेनिंग का आयोजन

सारांश

आरपीएफ प्रशिक्षुओं के लिए भारतीय सेना द्वारा आयोजित सीआईईडी ट्रेनिंग ने रेलवे सुरक्षा को मजबूती दी। इस विशेष कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं ने आईईडी से निपटने की तकनीकी क्षमता बढ़ाई।

Key Takeaways

  • सीआईईडी ट्रेनिंग का आयोजन रेलवे सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
  • प्रशिक्षुओं ने आईईडी से निपटने की तकनीकी जानकारी प्राप्त की।
  • इस कार्यक्रम ने आरपीएफ की फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका को मजबूत किया।
  • प्रशिक्षण में उच्च स्तर के पेशेवर निर्देश शामिल थे।
  • यह पहल सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लखनऊ, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जगजीवन राम राष्ट्रीय रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) अकादमी लखनऊ में आपदा प्रबंधन कोर्स के अंतर्गत आरपीएफ के 42 प्रशिक्षुओं के लिए भारतीय सेना की 201 काउंटर एक्सप्लोसिव डिवाइस यूनिट (सीईडीयू) ने बाराबंकी जिले के शिंगारा ट्रेनिंग स्कूल में एक दिवसीय विशेष काउंटर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (सीआईईडी) ट्रेनिंग का आयोजन किया। यह कार्यक्रम रेलवे सुरक्षा को सुदृढ़ करने और संभावित खतरों का सामना करने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था।

इस ट्रेनिंग का प्रमुख केंद्र आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से जुड़ी चुनौतियों को रोकने, उनके प्रभाव को कम करने और ऐसी घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देने पर रहा। इसके साथ ही रेलवे के माहौल में आरपीएफ की फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षुओं ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें टेबल-टॉप एक्सरसाइज, ग्रुप डिस्कशन, फील्ड ड्रिल, संयुक्त अभ्यास और डिटेक्शन, सर्च तथा रिस्पॉन्स प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक सत्र शामिल थे।

ट्रेनिंग के दौरान रेल बोगी और प्लेटफॉर्म की गहन तलाशी के लिए विशेष अभ्यास किए गए। संदिग्ध वस्तुओं के पहचान के लिए तुरंत अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल, पोस्ट-ब्लास्ट जांच की संपूर्ण प्रक्रिया और संबंधित सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण में आईईडी के विभिन्न प्रकारों के यांत्रिक मॉडल दिखाए गए और आधुनिक उपकरणों जैसे बॉम्ब सूट, इंफ्रारेड कैमरा, डिटेक्शन सिस्टम, जामर और अन्य तकनीकी साधनों से परिचित कराया गया। इन अभ्यासों से प्रशिक्षुओं को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

इस पहल के परिणामस्वरूप आरपीएफ के प्रशिक्षुओं की ऑपरेशनल क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और भारतीय सेना तथा आरपीएफ के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय और सहयोग को और मजबूती मिली है। प्रतिभागियों ने यूनिट द्वारा प्रदान किए गए व्यावहारिक अनुभव, लाइव डेमोंस्ट्रेशन और उच्च स्तर के पेशेवर निर्देशों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि यह ट्रेनिंग आईईडीरेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स की भूमिका को बेहतर बनाने और संभावित खतरों के प्रति सतर्कता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Point of View

जो आरपीएफ की क्षमता को बढ़ाने के साथ साथ भारतीय सेना और रेलवे सुरक्षा बल के बीच समन्वय को भी मजबूत करती है।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

सीआईईडी ट्रेनिंग क्या है?
सीआईईडी ट्रेनिंग का उद्देश्य इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से संबंधित खतरों का सामना करने के लिए सुरक्षा उपायों को समझाना है।
इस ट्रेनिंग का आयोजन कब हुआ?
यह ट्रेनिंग 9 मार्च को लखनऊ के शिंगारा ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित की गई।
इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे सुरक्षा को मजबूत बनाना और संभावित खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाना है।
आरपीएफ प्रशिक्षुओं के लिए कौन सी गतिविधियाँ शामिल थीं?
प्रशिक्षुओं ने टेबल-टॉप एक्सरसाइज, फील्ड ड्रिल, ग्रुप डिस्कशन और व्यावहारिक सत्रों में भाग लिया।
इस पहल से क्या लाभ हुआ?
इस पहल से आरपीएफ के प्रशिक्षुओं की ऑपरेशनल क्षमता में सुधार हुआ और सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ किया गया।
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