रूपी सोरेन का रांची में निधन, झारखंड CM हेमंत सोरेन की माँ थीं, उम्र करीब 80 वर्ष
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माँ और दिवंगत झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन का बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को रांची के बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में निधन हो गया। वह करीब 80 वर्ष की थीं। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक गुप्ता और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. उज्जवल राय ने की।
स्वास्थ्य की स्थिति और अस्पताल में भर्ती
रूपी सोरेन पिछले कई महीनों से अस्वस्थ थीं। सितंबर में सांस लेने में गंभीर कठिनाई के बाद उन्हें हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उनका हैदराबाद में भी उपचार हो चुका था। रांची लौटने के बाद उनकी तबीयत में बार-बार गिरावट दर्ज की गई और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी में लगी रही।
बुधवार को उनकी हालत अचानक बेहद गंभीर हो गई। डॉ. दीपक गुप्ता और डॉ. उज्जवल राय समेत अन्य विशेषज्ञों ने हर संभव प्रयास किए, किंतु बुधवार शाम उनका निधन हो गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम रद्द किए
माँ की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार के अपने कई आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। राज्य मंत्रिपरिषद की उसी दिन शाम के लिए प्रस्तावित बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। मुख्यमंत्री शाम करीब चार बजे स्वयं हिल व्यू अस्पताल पहुँचे और चिकित्सकों से माँ के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली।
उनके अस्पताल पहुँचने के बाद राज्य सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद सहित कई वरिष्ठ नेता भी अस्पताल में जमा हो गए।
रूपी सोरेन — शिबू सोरेन की जीवनसंगिनी
रूपी सोरेन का विवाह 1 जनवरी 1962 को शिबू सोरेन से हुआ था और विवाह के बाद वह जीवनभर उनके साथ रहीं। शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक थे और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक नेताओं में उनका नाम अग्रणी रहा। वह झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री भी रहे।
गौरतलब है कि शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में हुआ था। पति के जाने के बाद रूपी सोरेन परिवार के साथ रहीं और JMM के राजनीतिक परिवार की वरिष्ठ सदस्या के रूप में उनकी उपस्थिति बनी रही। यह ऐसे समय में आया है जब JMM परिवार पर एक वर्ष से भी कम समय में यह दूसरा बड़ा व्यक्तिगत आघात है।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक
रूपी सोरेन के निधन की सूचना फैलते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की ओर से शोक संवेदनाएँ प्रवाहित होने लगीं। रांची के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरे शोक का माहौल है।
झारखंड के सोरेन परिवार की विरासत राज्य की राजनीतिक चेतना में गहराई से जुड़ी हुई है; रूपी सोरेन उस विरासत की मूक, लेकिन अटूट आधारशिला थीं। उनके जाने के बाद परिवार के अंतिम संस्कार और शोक की विधियों के बारे में आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।