7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रूपी सोरेन के निधन पर झारखंड में शोक: राज्यपाल, बाबूलाल मरांडी सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रूपी सोरेन के निधन पर झारखंड में शोक: राज्यपाल, बाबूलाल मरांडी सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

झारखंड में शोक की लहर — मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन पर राज्यपाल संतोष गंगवार, BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और सरकार के मंत्रियों समेत सभी राजनीतिक दलों ने संवेदनाएं व्यक्त कीं। झामुमो ने उन्हें संघर्ष और त्याग की प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

रूपी सोरेन — मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी — का 7 अक्टूबर 2026 को निधन हुआ।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार के साथ संवेदना जताई।
BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राजनीतिक मतभेद परे रखकर शोक संदेश दिया।
मंत्री इरफान अंसारी ने निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
झारखंड मुक्ति मोर्चा ( झामुमो ) ने रूपी सोरेन को संघर्ष, त्याग और धैर्य की प्रतीक बताते हुए एक्स पर श्रद्धांजलि दी।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन के निधन पर 7 अक्टूबर 2026 को पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। राज्यपाल से लेकर विपक्षी नेताओं तक, झारखंड की राजनीति के हर वर्ग ने इस दुख में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

राज्यपाल और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

राज्यपाल संतोष गंगवार ने रूपी सोरेन के निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि इस असीम पीड़ा की घड़ी में उनकी पूर्ण संवेदनाएं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके समस्त परिवार के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

विपक्ष की संवेदनाएं

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री की माताजी के निधन की सूचना ने उन्हें अत्यंत व्यथित किया है। मरांडी ने शोकग्रस्त परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को धैर्य देने की प्रार्थना की। यह उल्लेखनीय है कि राजनीतिक मतभेदों से परे विपक्ष ने भी एकजुट होकर इस दुख में शामिल होने की परंपरा निभाई।

सरकार की ओर से श्रद्धांजलि

झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने रूपी सोरेन के निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अंसारी ने बताया कि वे स्वयं उस समय अस्पताल में थे और वहीं से निरंतर सोरेन परिवार के संपर्क में बने रहे। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और पूरे परिवार को इस विकट दुख को सहन करने का सामर्थ्य देने की प्रार्थना की।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि रूपी सोरेन के जाने से परिवार ने एक ऐसी मातृशक्ति खो दी है जो स्नेह और ममता की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने कहा कि उनका निधन केवल परिवार के लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है जिन्हें उनका आत्मीय स्नेह प्राप्त हुआ।

झामुमो का शोक संदेश

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में रूपी सोरेन को संघर्ष, त्याग और अदम्य धैर्य की प्रतीक बताया। पार्टी ने रेखांकित किया कि शिबू सोरेन के निधन के बाद भी रूपी सोरेन ने अपने परिवार और झारखंड आंदोलन की विरासत के प्रति अटूट समर्पण बनाए रखा। झामुमो ने कहा कि एक माँ का साया उठ जाना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके परिवार, पार्टी के कार्यकर्ताओं और समस्त झारखंड के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।

आगे की स्थिति

रूपी सोरेन के निधन के बाद झारखंड में राजनीतिक और सामाजिक जगत से श्रद्धांजलियों का क्रम जारी है। यह ऐसे समय में हुआ है जब झारखंड आदिवासी राजनीति में सोरेन परिवार की केंद्रीय भूमिका और उनकी विरासत के प्रति जनभावना का एक व्यापक परिदृश्य उभर कर सामने आया है। राज्य की राजनीति में यह क्षण एक युग के अवसान के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों ने एक ही सुर में संवेदना व्यक्त की — जो दर्शाता है कि सोरेन परिवार की छवि दलीय सीमाओं से परे है। हालांकि, मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि रूपी सोरेन ने शिबू सोरेन के निधन के बाद झारखंड आंदोलन की विरासत को जिस तरह थामे रखा, वह पर्दे के पीछे की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका थी।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूपी सोरेन के निधन पर किन-किन नेताओं ने शोक व्यक्त किया?
राज्यपाल संतोष गंगवार, BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री योगेंद्र प्रसाद और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे यह एकजुटता उल्लेखनीय रही।
झामुमो ने रूपी सोरेन को किस रूप में याद किया?
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रूपी सोरेन को संघर्ष, त्याग और धैर्य की प्रतीक बताया। पार्टी ने कहा कि शिबू सोरेन के निधन के बाद भी वे परिवार और आंदोलन के साथ डटी रहीं।
रूपी सोरेन के निधन का झारखंड पर क्या प्रभाव है?
मंत्री इरफान अंसारी और योगेंद्र प्रसाद ने इसे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। राज्य की आदिवासी राजनीति में सोरेन परिवार की केंद्रीय भूमिका को देखते हुए यह निधन एक युग के अवसान के रूप में देखा जा रहा है।
बाबूलाल मरांडी ने रूपी सोरेन के निधन पर क्या कहा?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री की माताजी के निधन की सूचना से वे अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को धैर्य देने की प्रार्थना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 13 मिनट पहले
  2. 47 मिनट पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले