क्या रूसी राजदूत ने बांग्लादेश को भारत के साथ तनाव कम करने की सलाह दी?
सारांश
Key Takeaways
- रूसी राजदूत ने तनाव कम करने की अपील की है।
- बांग्लादेश में भारत विरोधी गतिविधियां बढ़ रही हैं।
- चुनाव से पहले स्थिति को सुधारने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और भारत के साथ इसके द्विपक्षीय संबंध भी संकट में हैं। हाल के दिनों में बांग्लादेश में भारत के दूतावास को निशाना बनाने और भारत विरोधी नारे लगाने की कई घटनाएं हुई हैं। इसके साथ ही, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर भी भारत में काफी नाराजगी है। इसी बीच, बांग्लादेश में रूस के राजदूत अलेक्जेंडर ग्रिगोरीविच खोजिन ने दोनों देशों के बीच तनाव को समाप्त करने की अपील की।
रूसी राजदूत ने सोमवार को कहा कि बांग्लादेश को तनाव कम करने की आवश्यकता है ताकि आगामी 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले एक सकारात्मक माहौल तैयार किया जा सके। उन्होंने भारत के साथ तनाव को समाप्त करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल्द से जल्द सुधरनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे दो देशों के संबंधों में दखल नहीं दे रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि समझदारी से कोई रास्ता निकालना आवश्यक है ताकि तनाव और न बढ़े। आपसी भरोसा और विश्वास पर आधारित रिश्ते होने चाहिए।
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले चुनाव के संदर्भ में उन्होंने आशा व्यक्त की है कि मतदान समय पर होगा। चुनाव पर्यवेक्षकों को भेजने के लिए उन्होंने कहा कि वे चुनाव आयोग के संपर्क में हैं और आधिकारिक निमंत्रण का इंतज़ार कर रहे हैं।
बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति पर पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने कहा, "बांग्लादेश में स्थिति काफी तनावपूर्ण है, खासकर राजधानी ढाका और चटगांव में, जहाँ सत्ताधारी सरकार का संरक्षण है।" उन्होंने कहा कि कुछ चरमपंथी राजनीतिक दल और संगठन अराजकता फैलाने के लिए सक्रिय हैं।
उन्होंने बताया कि हाल की भारत विरोधी गतिविधियां ढाका और चटगांव के कुछ हिस्सों तक सीमित हैं। यह सभी स्थानों पर नहीं है। कुछ चरमपंथी छात्रों ने मदरसा छात्रों को इन प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए मजबूर किया है।