क्या काशी में दूसरी बार शादी करने आया रूसी कपल भारतीय संस्कृति और हिंदू रीति-रिवाजों से प्रभावित है?

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क्या काशी में दूसरी बार शादी करने आया रूसी कपल भारतीय संस्कृति और हिंदू रीति-रिवाजों से प्रभावित है?

सारांश

काशी में एक रूसी कपल ने 11 साल बाद अपनी शादी को मजबूत बनाने के लिए दोबारा हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह किया। जानें, क्यों उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से इतना प्रेम है।

Key Takeaways

  • विदेशी पर्यटकों का भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ता आकर्षण।
  • शादी के रीति-रिवाजों में हिंदू परंपरा का महत्व।
  • काशी में विदेशी जोड़ों की बढ़ती संख्या।
  • गंगा किनारे विवाह का अद्भुत अनुभव।
  • रूसी दूल्हा-दुल्हन का भारतीय वस्त्र पहनना।

वाराणसी, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म एवं हिंदू रीति-रिवाजों के प्रति विदेशी पर्यटकों की रुचि बढ़ती जा रही है। काशी से लेकर हरिद्वार तक, विदेशी आगंतुक शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ आयुर्वेद और योग की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

हाल ही में काशी में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहाँ विदेशी पर्यटकों की सनातन धर्म और हिंदू रीति-रिवाजों के प्रति विशेष रुचि और सम्मान देखा गया। एक रूसी कपल को अपनी शादी को मजबूत बनाने और हिंदू देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेने के लिए सात फेरे लेते हुए देखा गया।

गंगा नदी के किनारे स्थित एक मंदिर में, इस कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ दूसरी बार शादी की। इस कपल की पहली शादी 11 साल पहले रूस में हुई थी, और अब उन्होंने अपने रिश्ते को और मजबूत करने के लिए काशी में दोबारा शादी करने का निर्णय लिया है। दुल्हन मरीना का कहना है कि उन्हें भारतीय संस्कृति और यहाँ के शादी वाले रीति-रिवाज बहुत पसंद हैं।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मरीना ने कहा, "हम रूस से आए हैं, और आज से 11 साल पहले हमारी शादी हो चुकी है, लेकिन अब इसे और भी यादगार बनाने के लिए काशी में दोबारा शादी की है। हमने भारतीय रीति-रिवाजों के साथ यह शादी की है, क्योंकि यहां का कल्चर और वाइब बहुत पसंद हैं।"

रूसी दूल्हे कॉनस्टेंटिंन ने कहा कि काशी की संस्कृति और यहाँ की वाइब उन्हें बहुत भाती है, इसीलिए उन्होंने दूसरी शादी का निर्णय लिया। शादी को सम्पन्न कराने वाले पंडित शिवकांत पांडे ने बताया कि रूस से आए जोड़ों को हिंदू धर्म में गहरी आस्था है और वे भारतीय रीति-रिवाजों के साथ विवाह करना चाहते थे। हमने सात फेरों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनकी शादी सम्पन्न कराई।

दुल्हन मरीना और दूल्हे कॉनस्टेंटिंन ने शादी के दौरान भारतीय वस्त्र पहने थे। मरीना ने सिल्क साड़ी और कॉनस्टेंटिंन ने कुर्ता-पायजामा पहन रखा था। दूल्हे ने दुल्हन मरीना की मांग भी भरी और सात फेरे लेकर शादी को सम्पन्न किया। रूसी जोड़ा काशी में शादी कर बहुत खुश है।

Point of View

यह कहानी विदेशी पर्यटकों की भारत की संस्कृति के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। यह न केवल हमारी परंपराओं की समृद्धि को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति का सम्मान किया जा रहा है।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या यह पहली बार है कि विदेशी कपल ने काशी में शादी की है?
नहीं, पहले भी कई विदेशी कपल्स ने काशी में हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की है।
रूसी कपल ने काशी में शादी करने का फैसला क्यों किया?
उन्हें भारतीय संस्कृति और यहाँ के रीति-रिवाज बहुत पसंद हैं, इसलिए उन्होंने काशी में शादी करने का निर्णय लिया।
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