इच्छामृत्यु पर आधारित फिल्में: 'शायद' से लेकर 'सलाम वेंकी' तक

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इच्छामृत्यु पर आधारित फिल्में: 'शायद' से लेकर 'सलाम वेंकी' तक

सारांश

इच्छामृत्यु का विषय एक बार फिर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा के हरीश राणा को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने के बाद, भारतीय सिनेमा में इस संवेदनशील मुद्दे पर बनी फिल्मों की पुनरावृत्ति हुई है। जानिए इन फिल्मों की कहानियाँ और उनके सामाजिक प्रभाव।

Key Takeaways

  • इच्छामृत्यु एक संवेदनशील मुद्दा है जो व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों दृष्टिकोणों से जुड़ा है।
  • फिल्में जैसे ‘शायद’ और ‘गुजारिश’ ने इस विषय को महत्वपूर्ण रूप से दर्शाया है।
  • सुप्रीम कोर्ट का निर्णय इस विषय पर नए विचारों को जन्म देता है।
  • समाज में इच्छामृत्यु के अधिकार पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
  • डॉक्यूमेंट्रीज भी इस मुद्दे पर प्रकाश डालती हैं।

मुंबई, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के हरीश राणा को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी है, जो कि 2013 से कोमा में हैं। अदालत ने परिवार की पुकार पर यह निर्णय लिया है। भारतीय सिनेमा ने इस संवेदनशील मुद्दे को कई फिल्मों के माध्यम से दर्शाया है। ये फिल्में न केवल इच्छामृत्यु पर चर्चा करती हैं, बल्कि मरीजों की गरिमा, परिवार की पीड़ा और समाज के नैतिक प्रश्नों को भी उठाती हैं।

हरीश राणा के मामले के बाद इन फिल्मों की चर्चा पुनः तेज हो गई है। फिल्म ‘शायद’, जो 1979 में रिलीज हुई थी, भारतीय सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म मानी जाती है जो इच्छामृत्यु पर आधारित है। इसे मदन बावरिया ने निर्देशित किया था, और इसमें नीता मेहता, विजयेंद्र घाटगे, ओम पुरी और नसीरुद्दीन शाह ने मुख्य भूमिकाएँ अदा की थीं। इस फिल्म में सिमी ग्रेवाल ने डिफेंस अटॉर्नी, इफ्तेखार ने प्रॉसिक्यूशन लॉयर, अच्युत पोतदार ने जज और नादिरा ने भी एक महत्वपूर्ण किरदार निभाया है। सपोर्टिंग कास्ट में फरीदा जलाल, पूर्णिमा जयराम, भारत कपूर, नितिन सेठी और बेबी मनीषा मुंशी शामिल थीं।

‘शायद’ की कहानी एक टर्मिनल बीमारी से ग्रसित व्यक्ति पर आधारित है, जो कि दर्द से जूझ रहा है और सोचता है कि क्या उसे जीने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए। फिल्म ने उस समय इच्छामृत्यु पर एक महत्वपूर्ण चर्चा शुरू की थी, जो आज भी प्रासंगिक है।

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘गुजारिश’, जो 2010 में रिलीज हुई थी, उसमें ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय ने मुख्य भूमिकाएँ निभाईं। इस फिल्म में ऋतिक ने एक लकवाग्रस्त जादूगर एथन मस्करेन्हा का किरदार निभाया है, जो एक दुर्घटना के बाद आंशिक लकवाग्रस्त हो जाता है। ऋतिक और ऐश्वर्या के साथ आदित्य रॉय कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। एथन अदालत के समक्ष इच्छामृत्यु की मांग करता है। इस फिल्म ने मरीज की पीड़ा, गरिमा और कानूनी संघर्ष को अत्यंत संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया है।

रेवती के निर्देशन में बनी ‘सलाम वेंकी’ एक सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म है, जिसमें काजोल और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म युवक वेंकी की कहानी है, जो एएलएस बीमारी से पीड़ित है और अपनी इच्छामृत्यु की कानूनी लड़ाई लड़ता है। फिल्म ने परिवार के भावनात्मक संघर्ष और समाज में इस मुद्दे की जागरूकता पर जोर दिया है।

फिल्मों के अलावा, इस गंभीर विषय पर डॉक्यूमेंट्री भी बन चुकी है। ‘पैसिव यूथेनेशिया-कहानी करुणा की’ 2014 में रिलीज हुई थी, जिसका निर्देशन चेतन शाह ने किया था। यह अरुणा शानबाग के मामले पर केंद्रित है, जिसने 2011 में भारत में पैसिव यूथेनेशिया को कानूनी मान्यता दिलाई। फिल्म ‘लिविंग विल’ की आवश्यकता और करुणा के आधार पर जीवन समाप्ति के अधिकार पर गहराई से चर्चा करती है।

Point of View

बल्कि यह सामाजिक और नैतिक मुद्दों को भी उठाता है। भारतीय सिनेमा ने इस विषय को कई दृष्टिकोणों से दर्शाया है, जो समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करता है।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

इच्छामृत्यु क्या है?
इच्छामृत्यु एक ऐसा कानूनी अधिकार है, जिसमें व्यक्ति अपनी इच्छा से जीवन समाप्त करने की अनुमति मांगता है।
क्या भारतीय सिनेमा में इच्छामृत्यु पर कई फिल्में बनी हैं?
हाँ, भारतीय सिनेमा में 'शायद', 'गुजारिश' और 'सलाम वेंकी' जैसी कई फिल्में इच्छामृत्यु के मुद्दे पर आधारित हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के मामले में क्या निर्णय दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी है, जो 2013 से कोमा में हैं।
क्या इच्छामृत्यु पर कोई डॉक्यूमेंट्री बनी है?
'पैसिव यूथेनेशिया-कहानी करुणा की' नामक डॉक्यूमेंट्री 2014 में रिलीज हुई थी।
सलाम वेंकी किसकी कहानी पर आधारित है?
सलाम वेंकी एक युवक की कहानी है, जो एएलएस बीमारी से पीड़ित है और अपनी इच्छामृत्यु की कानूनी लड़ाई लड़ता है।
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