सम्राट चौधरी: बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने का ऐतिहासिक सफर

Click to start listening
सम्राट चौधरी: बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने का ऐतिहासिक सफर

सारांश

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद, बिहार में भाजपा का युग आरंभ हुआ। सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जो भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। जानें उनके राजनीतिक सफर के बारे में।

Key Takeaways

  • सम्राट चौधरी बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने।
  • उनका जन्म लखनपुर गाँव में हुआ था।
  • राजनीति में कदम रखा आरजेडी से।
  • कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।
  • उन पर आपराधिक मामले लंबित हैं।

पटना, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मंगलवार को नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में भाजपा का युग आरंभ हो गया। यह एक ऐतिहासिक पल है, जब बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण किया। केंद्रीय कृषि मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान द्वारा संदेह के बादल हटाए जाने के बाद, सम्राट चौधरी के नाम पर आधिकारिक मुहर लगी। सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। राज्यपाल सैयद अताउल हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (राकेश कुमार) का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड के लखनपुर गाँव में हुआ था। वे एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं, जबकि उनकी माता पार्वती देवी भी बिहार विधानसभा की सदस्य रही हैं। सम्राट चौधरी, जो कुर्मी समुदाय से हैं, को राज्य की राजनीति में ओबीसी वोट बैंक पर पकड़ रखने वाले एक प्रभावशाली नेता माना जाता है।

सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। उन्होंने 1990 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1999 में, वे कम उम्र में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने और बिहार के सबसे युवा मंत्रियों में शामिल हुए। वे वर्ष 2000 और 2010 में परबत्ता से विधायक चुने गए। कुछ समय के लिए जेडीयू में रहने के बाद, वे 2017 में भाजपा में शामिल हुए।

वर्ष 2023 में, उन्हें बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। जनवरी 2024 में, नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए गए और वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास, और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला। उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव में तारापुर से जीत हासिल की। भाजपा में उनकी तेज़ प्रगति को पार्टी की ओबीसी आउटरीच रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।

सम्राट चौधरी कई विवादों का सामना कर चुके हैं। 2025 के चुनावी हलफनामे में, उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले लंबित हैं। एक मामला पटना में और दूसरा उनके गृह जिले मुंगेर में दर्ज है। लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने हलफनामे में 10 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्ति घोषित की थी।

Point of View

बल्कि यह पार्टी की रणनीति को भी दर्शाता है। सम्राट चौधरी की पृष्ठभूमि और राजनीतिक यात्रा उनके नए कार्यकाल को चुनौतीपूर्ण बना सकती है।
NationPress
20/04/2026

Frequently Asked Questions

सम्राट चौधरी का जन्म कब हुआ?
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड के लखनपुर गाँव में हुआ।
सम्राट चौधरी ने कब राजनीति में कदम रखा?
उन्होंने 1990 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से राजनीति में कदम रखा।
सम्राट चौधरी ने कब मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली?
उन्होंने 15 अप्रैल 2024 को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
क्या सम्राट चौधरी पर कोई आपराधिक मामले हैं?
जी हाँ, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले लंबित हैं, जो चुनावी हलफनामे में उल्लेखित हैं।
सम्राट चौधरी की संपत्ति का क्या विवरण है?
उन्होंने हलफनामे में 10 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्ति का खुलासा किया है।
Nation Press