26 जून 2026
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दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड को मिला पहला सीईओ, संजय जमुआर संभालेंगे वैश्विक विस्तार की कमान

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दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड को मिला पहला सीईओ, संजय जमुआर संभालेंगे वैश्विक विस्तार की कमान

सारांश

DMRC ने अपनी नई कंपनी DMIL के पहले CEO के रूप में पूर्व IRTS अधिकारी संजय जमुआर को नियुक्त किया है। 1998 में DMRC के पहले O&M कर्मचारी रहे जमुआर अब देश-विदेश में मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार की कमान संभालेंगे।

मुख्य बातें

संजय जमुआर को दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (DMIL) का पहला CEO नियुक्त किया गया है।
DMIL की स्थापना भारत के अन्य शहरों और विदेशों में मेट्रो परियोजनाओं के O&M और सलाहकार कार्य के लिए की गई है।
जमुआर ने 1998 में DMRC के पहले O&M कर्मचारी के रूप में करियर शुरू किया था।
उनके पास ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, मध्य पूर्व और यूरोप में काम करने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है।
DMRC वर्तमान में ढाका, चेन्नई, मुंबई और पटना में मेट्रो परियोजनाओं से जुड़ा है।
DMIL, IRCON और RITES की तर्ज पर भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञता को वैश्विक बाजार में ले जाने का माध्यम बनेगी।

नई दिल्ली, 26 अप्रैल। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने अपनी नई अनुषंगी कंपनी दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (DMIL) के लिए संजय जमुआर को पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उस समय हुई है जब DMRC अपने दशकों के अनुभव और विशेषज्ञता को देश-विदेश में मेट्रो परियोजनाओं तक पहुंचाने की रणनीतिक योजना पर काम कर रहा है। DMIL की स्थापना सरकार के सहयोग से विशेष रूप से इसी उद्देश्य के लिए की गई है।

DMIL का गठन और उद्देश्य

दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (DMIL) को इस लक्ष्य के साथ स्थापित किया गया है कि यह दिल्ली से बाहर — भारत के अन्य शहरों और विदेशों में — मेट्रो परियोजनाओं तथा संचालन एवं रखरखाव (O&M) के कार्यों का संचालन कर सके। यह कंपनी मेट्रो और ट्रांजिट सिस्टम से जुड़ी परियोजनाओं के लिए सलाहकार सेवाएं (Consultancy Services) भी प्रदान करेगी।

DMIL विभिन्न सरकारी एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों को दीर्घकालिक योजनाएं बनाने, मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार करने और नई परियोजनाओं को विकसित करने में सहायता करेगी। इस कार्य के लिए DMIL, DMRC के दो दशकों से अधिक के संचालन अनुभव और तकनीकी दक्षता का पूरा उपयोग करेगी।

संजय जमुआर: अनुभव और पृष्ठभूमि

संजय जमुआर एक पूर्व भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) अधिकारी हैं, जिनके पास भारतीय रेलवे, DMRC और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, मध्य पूर्व और यूरोप में काम करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने यूके के वारविक बिजनेस स्कूल से स्ट्रैटजिक लीडरशिप में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है और लीड्स यूनिवर्सिटी में ट्रांसपोर्ट इकोनॉमिक्स पर शोध भी किया है।

उल्लेखनीय यह है कि जमुआर ने वर्ष 1998 में DMRC को जॉइन किया था और वे तब DMRC के पहले O&M कर्मचारी थे। अब दशकों बाद उनकी इस नई भूमिका में वापसी को DMRC परिवार में 'घर वापसी' के रूप में देखा जा रहा है — यह एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण नियुक्ति है।

DMRC की मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय परियोजनाएं

DMRC पहले से ही बांग्लादेश के ढाका मेट्रो प्रोजेक्ट में सलाहकार (Consultant) की भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा चेन्नई, मुंबई और पटना मेट्रो की O&M जिम्मेदारी भी DMRC के पास है। मुंबई, जयपुर और पटना में मेट्रो निर्माण कार्यों में भी DMRC की सक्रिय भागीदारी रही है।

यह तथ्य दर्शाता है कि DMRC पहले से ही एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेट्रो विशेषज्ञ संस्था के रूप में स्थापित हो चुकी है। DMIL के गठन से इस कार्य को एक औपचारिक, संस्थागत और व्यावसायिक ढांचा मिलेगा।

रणनीतिक महत्व और भविष्य की संभावनाएं

DMIL का गठन भारत की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसमें देश अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञता को वैश्विक बाजार में निर्यात करना चाहता है। जिस तरह IRCON, RITES और RVNL जैसी कंपनियां भारतीय रेलवे की विशेषज्ञता को विदेशों में ले जाती हैं, उसी तर्ज पर DMIL दिल्ली मेट्रो के ब्रांड और दक्षता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगी।

गौरतलब है कि एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व में तेजी से शहरीकरण हो रहा है और इन क्षेत्रों में मेट्रो परियोजनाओं की भारी मांग है। ऐसे में DMIL के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुबंध हासिल करने की संभावनाएं अत्यंत उज्ज्वल हैं। संजय जमुआर का अंतरराष्ट्रीय अनुभव इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

आने वाले महीनों में DMIL से उम्मीद है कि वह नई परियोजनाओं के लिए अनुबंध हासिल करेगी और भारत को वैश्विक अर्बन मोबिलिटी क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (DMIL) क्या है?
DMIL, DMRC की एक नई अनुषंगी कंपनी है जिसे दिल्ली से बाहर भारत के अन्य शहरों और विदेशों में मेट्रो परियोजनाओं का संचालन, रखरखाव और सलाहकार सेवाएं देने के लिए स्थापित किया गया है। यह DMRC के दशकों के अनुभव को वैश्विक स्तर पर उपयोग में लाने का प्रयास है।
संजय जमुआर कौन हैं और उनका अनुभव क्या है?
संजय जमुआर एक पूर्व IRTS अधिकारी हैं जिन्होंने 1998 में DMRC के पहले O&M कर्मचारी के रूप में कार्य शुरू किया था। उनके पास भारतीय रेलवे, DMRC और ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, मध्य पूर्व व यूरोप में काम करने का व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव है।
DMIL का मुख्य काम क्या होगा?
DMIL मेट्रो और ट्रांजिट सिस्टम परियोजनाओं के लिए सलाहकार सेवाएं देगी और O&M अनुबंध संभालेगी। यह विभिन्न एजेंसियों को दीर्घकालिक योजनाएं बनाने और नई परियोजनाएं विकसित करने में मदद करेगी।
DMRC अभी किन शहरों और देशों में काम कर रहा है?
DMRC वर्तमान में बांग्लादेश के ढाका मेट्रो प्रोजेक्ट में सलाहकार है और चेन्नई, मुंबई व पटना मेट्रो के O&M अनुबंध संभाल रहा है। इसके अलावा मुंबई, जयपुर और पटना में मेट्रो निर्माण कार्यों में भी DMRC की भूमिका रही है।
DMIL का गठन भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
DMIL का गठन भारत को वैश्विक अर्बन मोबिलिटी बाजार में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व में बढ़ती मेट्रो परियोजनाओं की मांग को देखते हुए यह भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञता के निर्यात का एक नया माध्यम बनेगा।
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