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क्या राहुल गांधी के बयान पर संजय निरुपम का पलटवार सही है?

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क्या राहुल गांधी के बयान पर संजय निरुपम का पलटवार सही है?

सारांश

क्या राहुल गांधी के बयान पर संजय निरुपम का पलटवार सही है? जानिए इस मुद्दे पर क्या कहते हैं संजय निरुपम। क्या कांग्रेस पार्टी वाकई संकट में है या भारत का लोकतंत्र सुरक्षित है? इस चर्चा में हम जानेंगे संजय निरुपम के विचार और उनके तर्क।

मुख्य बातें

संजय निरुपम का कहना है कि भारत का लोकतंत्र सुरक्षित है।
कांग्रेस पार्टी को अपने संकट को पहचानना चाहिए।
महिला क्रिकेट में भी देशभक्ति का प्रदर्शन महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान के साथ संबंधों पर कड़ा रुख अपनाना आवश्यक है।
भारतीय टीम के निर्णयों का सम्मान करना चाहिए।

मुंबई, 3 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा कोलंबिया में भारत के लोकतंत्र के बारे में किए गए बयान की कड़ी आलोचना की।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में निरुपम ने कहा कि भारत में लोकतंत्र खतरे में नहीं है, बल्कि कांग्रेस पार्टी संकट में है। राहुल गांधी अपनी पार्टी के संकट को छिपाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर भारत को बदनाम करते हैं और झूठ फैलाते हैं कि देश में लोकतंत्र संकट में है। भारत में लोकतंत्र मजबूती से फल-फूल रहा है और नागरिक गर्व के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग ले रहे हैं।

महिला क्रिकेट विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच पर उन्होंने कहा कि आईसीसी का इवेंट हो या एशिया कप, इन टूर्नामेंट में खेलना मजबूरी होती है। अगर नहीं खेलते हैं, तो बाहर हो सकते हैं।

उन्होंने एशिया कप में भारतीय टीम के पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाने के निर्णय की सराहना की। निरुपम ने कहा कि महिला खिलाड़ी भी देशभक्ति का परिचय देते हुए ऐसा प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन, यह निर्णय उनका होगा। इसके लिए भारत सरकार या बीसीसीआई बाध्य नहीं कर सकती है। मुझे लगता है कि अगर महिला खिलाड़ी भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाती हैं तो यह अच्छा निर्णय होगा। लेकिन, निर्णय खिलाड़ियों को करना है।

उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बहुत सफल रहा, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए और उनके ठिकाने नष्ट किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान अपनी आतंकवाद की नीति नहीं बदलता, भारत उसके साथ किसी भी प्रकार के संबंध को स्वीकार नहीं करेगा। भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट मैच नहीं होने चाहिए। मुझे लगता है कि यह हो भी नहीं रहा है। हालांकि, बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलना मजबूरी है। पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देने वाला देश है, यह किसी से छिपा नहीं है।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान पर निरुपम ने इसे विपक्ष की दोहरी मानसिकता करार दिया और कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

उन्होंने संजय राउत के 'रावण दहन' वाले बयान पर कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जनता ने स्पष्ट कर दिया कि असली 'रावण' महाविकास अघाड़ी है। मतदाताओं ने कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी को करारी शिकस्त दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना आवश्यक है कि राजनीतिक बयानबाजी अक्सर वास्तविकता से परे होती है। हमें यह देखना चाहिए कि लोकतंत्र की रक्षा कैसे की जा सकती है और राजनीतिक दलों के बीच संवाद को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने राहुल गांधी के बयान पर क्या कहा?
संजय निरुपम ने कहा कि भारत में लोकतंत्र संकट में नहीं है, बल्कि कांग्रेस पार्टी संकट में है।
महिला क्रिकेट विश्व कप में भारत और पाकिस्तान का मैच क्यों जरूरी है?
महिला क्रिकेट में भी प्रतिस्पर्धा महत्वपूर्ण होती है, और ये टूर्नामेंट खेलना मजबूरी हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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