संजय निषाद: राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अभिभावक बनना आवश्यक
सारांश
Key Takeaways
- स्थानीय भाषाओं का ज्ञान व्यापार को बढ़ावा देता है।
- जीरो-टॉलरेंस नीति से अपराधों में कमी आएगी।
- रैलियों का आयोजन आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण होगा।
- सभी जातियों और धर्मों को समान सुरक्षा मिलनी चाहिए।
- राजनीति में ईमानदारी और पारदर्शिता की आवश्यकता है।
जौनपुर, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि महाराष्ट्र में टेंपो ड्राइवरों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य करने का निर्णय सही है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर व्यक्ति को अपनी जीवनशैली के अनुसार वहां की भाषा सीखने का प्रयास करना चाहिए। इस पर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि यदि लोग अपनी स्थानीय भाषा जानते हैं, तो व्यापार में वृद्धि होगी। प्रत्येक राज्य की अपनी विशेष भाषा होती है और लोगों को स्थानीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए। जो लोग नहीं बोल सकते, उन्हें सीखना चाहिए।
मिर्जापुर में एक बच्ची की गोली मारकर हत्या के मामले पर संजय निषाद ने कहा कि देश में जीरो-टॉलरेंस नीति लागू है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से सभी माफिया समाप्त कर दिए गए हैं। आपसी रंजिश के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं, जिनकी जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के संदर्भ में उन्होंने बताया कि हमने चार प्रमुख रैलियों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और वाराणसी में ये रैलियां प्रस्तावित हैं। वाराणसी मंडल में २६ तारीख को गंगापुत्र (निषाद) की रैली का आयोजन गंगा के किनारे किया जाएगा। उन्होंने बताया कि १९११ में गंगापुत्र एकत्रित हुए थे और उन्होंने देश को लूटने वाले अंग्रेजों को भगाने का संकल्प लिया था। निषादों ने एकजुट होकर आजादी की लड़ाई की थी।
उन्होंने कहा कि आज का लोकतंत्र राजनीति का संरक्षक है। अंग्रेजों को देश से निकालने के बाद मुगलों से भी लड़ाई लड़ी गई। जब कांग्रेस ने लोगों के साथ बेइमानी की, तो उसे भी हटा दिया गया। अब प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह जनता के अभिभावक हैं, इसलिए जनता के हित की बात हो रही है। राष्ट्र और समाज की सुरक्षा करने वाला अभिभावक आवश्यक है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग हिंदुओं और मुसलमानों को लड़ाने का काम कर रहे हैं। ये न तो पिछड़ों के हितैषी हैं और न ही मुसलमानों के। उन्होंने कहा कि सभी जातियों, वर्गों और धर्मों के लोगों को समान सुरक्षा मिलनी चाहिए, यही राम राज्य की परिभाषा है।