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क्या नया बिल संविधान की रक्षा के लिए है, विपक्ष को डरने की आवश्यकता नहीं ? श्रीकांत शिंदे

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क्या नया बिल संविधान की रक्षा के लिए है, विपक्ष को डरने की आवश्यकता नहीं ? श्रीकांत शिंदे

सारांश

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए तीन विधेयकों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल संविधान की सुरक्षा के लिए है, न कि किसी को जेल में डालने के लिए। क्या विपक्ष को डरने की आवश्यकता है?

मुख्य बातें

संविधान की रक्षा: यह बिल संविधान की सुरक्षा के लिए है।
पारदर्शिता: सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
विपक्ष का डर: अगर विपक्ष ने कुछ गलत नहीं किया है, तो डरने की कोई आवश्यकता नहीं।
नए विधेयकों का महत्व: यह विधेयक लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए हैं।
जेल में डालने का उद्देश्य नहीं: यह बिल किसी को जेल में डालने के लिए नहीं है।

मुंबई, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में पेश किए गए तीन विधेयकों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि यह बिल संविधान की सुरक्षा के लिए लाया गया है, न कि किसी को कारागार में डालने के उद्देश्य से।

उन्होंने कहा, "हमने देखा है कि देश में अनेक प्रमुख नेता, यहां तक कि मुख्यमंत्री और मंत्री भी जेल गए हैं। लेकिन उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया। लोकतंत्र में जब किसी पर आरोप लगता है, तो जांच और विचार-विमर्श आवश्यक होता है। इसी सोच के साथ सरकार यह नया बिल प्रस्तुत कर रही है, जो संविधान की रक्षा के लिए है।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए लाया जा रहा है।

विपक्ष के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, "यदि विपक्ष के नेताओं ने कुछ गलत नहीं किया है, तो उन्हें इस बिल से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह बिल लोकतंत्र और संविधान के हित में है। सरकार का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।"

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के मानसून सत्र में तीन महत्वपूर्ण बिल पेश किए, जिनमें मुख्य रूप से संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल हैं।

लोकसभा में पेश किए गए इस बिल का मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि कोई केंद्रीय मंत्री, किसी राज्य का मुख्यमंत्री या किसी केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री किसी आपराधिक मामले में आरोपी पाया जाता है, तो उसे तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना होगा। हालांकि, केंद्रीय मंत्री द्वारा पेश किए गए इस बिल का विपक्ष द्वारा विरोध किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि इसे डर के रूप में। यह सभी के लिए आवश्यक है कि हम संविधान को सम्मान दें और उसके अनुरूप कार्य करें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह बिल किस तरह से संविधान की रक्षा करता है?
यह बिल यह सुनिश्चित करता है कि यदि कोई उच्च अधिकारी आपराधिक मामले में आरोपी पाया जाता है, तो उसे अपने पद से इस्तीफा देना होगा।
क्या विपक्ष को इस बिल से डरने की जरूरत है?
यदि विपक्ष के नेताओं ने कुछ गलत नहीं किया है, तो उन्हें इस बिल से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बिल का उद्देश्य संविधान की सुरक्षा करना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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