केरल में सतीशन कैबिनेट का विभाग बंटवारा पूरा, 14 मंत्री पहली बार संभालेंगे कुर्सी

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केरल में सतीशन कैबिनेट का विभाग बंटवारा पूरा, 14 मंत्री पहली बार संभालेंगे कुर्सी

सारांश

एक दशक के इंतजार के बाद केरल में यूडीएफ की सत्ता वापसी हुई, लेकिन कैबिनेट बनाना आसान नहीं रहा। 14 नए मंत्री, 2 महिलाएँ, मत्स्य विभाग पर चर्च बनाम मुस्लिम लीग का टकराव — सतीशन सरकार का पहला इम्तिहान विभागों के बंटवारे में ही शुरू हो गया।

मुख्य बातें

20 मई 2026 को केरल में वी.डी.
सतीशन नीत 21 सदस्यीय यूडीएफ कैबिनेट में विभागों का अंतिम बंटवारा पूरा हुआ।
कैबिनेट के 14 सदस्य पहली बार मंत्री बने हैं, जिनमें 6 पहली बार के विधायक शामिल हैं।
पहली बार कांग्रेस ने केरल कैबिनेट में 2 महिला मंत्री — बिंदु कृष्णा (श्रम) और के.ए.
तुलसी (SC/ST/OBC कल्याण) — को शामिल किया।
मत्स्य विभाग पर लैटिन कैथोलिक चर्च के विरोध के बावजूद यह आईयूएमएल के वी.ई.
अब्दुल गफूर को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री सतीशन ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह विभाग अपने पास रखे; रमेश चेन्निथला को गृह और सतर्कता मिला।
सुधाकरण ने 16वें विधानसभा कार्यकाल के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली।

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में 21 सदस्यीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार में 20 मई 2026 को विभागों का अंतिम बंटवारा संपन्न हो गया, जिससे केरल में एक दशक बाद कांग्रेस नीत गठबंधन के नए राजनीतिक अध्याय की विधिवत शुरुआत हुई। कई दिनों की गहन बातचीत, गुटीय दबाव और सहयोगी दलों की माँगों के बाद यह फैसला संभव हो सका।

पीढ़ीगत बदलाव की छाप

नई कैबिनेट में 14 सदस्य — जिनमें स्वयं मुख्यमंत्री सतीशन भी शामिल हैं — पहली बार मंत्री पद की शपथ लेंगे। इनमें से 6 विधायक ऐसे हैं जो पहली बार विधानसभा पहुँचे हैं। गौरतलब है कि केरल में आखिरी बार यूडीएफ सरकार 2011 में ओम्मन चांडी के नेतृत्व में सत्ता में आई थी। इस बार कांग्रेस ने युवा और नए नेतृत्व की छवि पेश करने की स्पष्ट कोशिश की है।

केरल की हालिया राजनीतिक परंपरा में पहली बार कांग्रेस ने कैबिनेट में दो महिला मंत्रियों को जगह दी है। बिंदु कृष्णा को श्रम विभाग और के.ए. तुलसी — जो पलक्कड़ से कांग्रेस सांसद वी.के. श्रीकंदन की पत्नी हैं — को अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपा गया है।

मत्स्य विभाग पर विवाद और समझौता

विभागों के बंटवारे में सबसे अधिक विवाद मत्स्य पालन विभाग को लेकर रहा। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) इस विभाग पर अपना दावा जताती रही, जबकि लैटिन कैथोलिक चर्च ने खुले तौर पर माँग की कि यह विभाग कांग्रेस के पास ही रहे, क्योंकि तटीय समुदाय को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। रिपोर्टों के अनुसार मुस्लिम लीग ने यह भी कहा कि यदि मत्स्य विभाग वापस लिया जाता है तो बदले में उसे उच्च शिक्षा विभाग दिया जाए। अंततः यूडीएफ नेतृत्व ने मत्स्य विभाग मुस्लिम लीग के पास ही रहने दिया और वी.ई. अब्दुल गफूर को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई।

कांग्रेस के भीतर गुटीय समीकरण

देरी की एक बड़ी वजह कांग्रेस के अंदरूनी गुटीय खींचतान भी रही। स्वास्थ्य विभाग को लेकर के. मुरलीधरन और ए.पी. अनिल कुमार के बीच प्रतिस्पर्धा रही। अंततः मुरलीधरन को स्वास्थ्य और देवस्वम विभाग दिया गया, जबकि अनिल कुमार को राजस्व विभाग मिला। नए चेहरे एम. लिजू को आबकारी और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।

मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं के विभाग

परंपरा से हटकर मुख्यमंत्री सतीशन ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह विभाग अपने पास रखे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को गृह और सतर्कता विभाग सौंपा गया है। अन्य प्रमुख विभागों में पी.के. कुन्हालीकुट्टी को उद्योग और आईटी, पी.सी. विष्णुनाथ को पर्यटन, संस्कृति और सिनेमा, तथा के.एम. शाजी को स्थानीय स्वशासन विभाग मिला है।

प्रोटेम स्पीकर की शपथ और आगे की राह

इस बीच माकपा के बागी नेता जी. सुधाकरण — जो यूडीएफ के समर्थन से अंबालापुझा से निर्वाचित हुए हैं — ने 20 मई को केरल विधानसभा के 16वें कार्यकाल के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली। उन्हें राज्यपाल राजेंद्र वी. अर्लेकर ने शपथ दिलाई। गुरुवार को नवनिर्वाचित विधायक सुधाकरण की मौजूदगी में शपथ ग्रहण करेंगे। यह कैबिनेट केरल में कांग्रेस की वापसी की परीक्षा है — अब देखना होगा कि विभागों की यह बाजीगरी शासन में कितनी तब्दील होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विभागों की बाजीगरी वही पुरानी गुटबाजी की कहानी दोहरा रही है। 14 नए मंत्री युवा छवि की बात तो करते हैं, पर असली परीक्षा यह है कि क्या ये नए चेहरे पुराने ढाँचे से अलग शासन दे पाएँगे। केरल में एक दशक बाद मिली सत्ता को यूडीएफ को साबित करना होगा कि गठबंधन की मजबूरियाँ जनहित पर भारी नहीं पड़ेंगी।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में सतीशन कैबिनेट में कितने नए मंत्री हैं?
सतीशन कैबिनेट के 14 सदस्य पहली बार मंत्री बने हैं, जिनमें स्वयं मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन भी शामिल हैं। इनमें से 6 विधायक ऐसे हैं जो पहली बार विधानसभा पहुँचे हैं।
केरल कैबिनेट में मत्स्य विभाग किसे मिला और विवाद क्यों हुआ?
मत्स्य पालन विभाग आईयूएमएल के वी.ई. अब्दुल गफूर को सौंपा गया। लैटिन कैथोलिक चर्च ने इसका विरोध किया था और माँग की थी कि यह विभाग कांग्रेस के पास रहे, क्योंकि तटीय समुदाय को कैबिनेट में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
सतीशन कैबिनेट में महिला मंत्री कौन हैं?
कैबिनेट में दो महिला मंत्री हैं — बिंदु कृष्णा को श्रम विभाग और के.ए. तुलसी को अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग दिया गया है। यह केरल की हालिया राजनीतिक परंपरा में पहली बार है जब कांग्रेस ने कैबिनेट में दो महिलाओं को जगह दी है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कौन-से विभाग अपने पास रखे हैं?
मुख्यमंत्री सतीशन ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह विभाग अपने पास रखे हैं। गृह और सतर्कता विभाग वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को सौंपा गया है।
केरल विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर कौन बने हैं?
माकपा के बागी नेता जी. सुधाकरण को केरल विधानसभा के 16वें कार्यकाल का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। उन्होंने 20 मई को राज्यपाल राजेंद्र वी. अर्लेकर के समक्ष शपथ ली।
राष्ट्र प्रेस
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