केरल में सतीशन कैबिनेट का विभाग बंटवारा पूरा, 14 मंत्री पहली बार संभालेंगे कुर्सी
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में 21 सदस्यीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार में 20 मई 2026 को विभागों का अंतिम बंटवारा संपन्न हो गया, जिससे केरल में एक दशक बाद कांग्रेस नीत गठबंधन के नए राजनीतिक अध्याय की विधिवत शुरुआत हुई। कई दिनों की गहन बातचीत, गुटीय दबाव और सहयोगी दलों की माँगों के बाद यह फैसला संभव हो सका।
पीढ़ीगत बदलाव की छाप
नई कैबिनेट में 14 सदस्य — जिनमें स्वयं मुख्यमंत्री सतीशन भी शामिल हैं — पहली बार मंत्री पद की शपथ लेंगे। इनमें से 6 विधायक ऐसे हैं जो पहली बार विधानसभा पहुँचे हैं। गौरतलब है कि केरल में आखिरी बार यूडीएफ सरकार 2011 में ओम्मन चांडी के नेतृत्व में सत्ता में आई थी। इस बार कांग्रेस ने युवा और नए नेतृत्व की छवि पेश करने की स्पष्ट कोशिश की है।
केरल की हालिया राजनीतिक परंपरा में पहली बार कांग्रेस ने कैबिनेट में दो महिला मंत्रियों को जगह दी है। बिंदु कृष्णा को श्रम विभाग और के.ए. तुलसी — जो पलक्कड़ से कांग्रेस सांसद वी.के. श्रीकंदन की पत्नी हैं — को अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपा गया है।
मत्स्य विभाग पर विवाद और समझौता
विभागों के बंटवारे में सबसे अधिक विवाद मत्स्य पालन विभाग को लेकर रहा। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) इस विभाग पर अपना दावा जताती रही, जबकि लैटिन कैथोलिक चर्च ने खुले तौर पर माँग की कि यह विभाग कांग्रेस के पास ही रहे, क्योंकि तटीय समुदाय को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। रिपोर्टों के अनुसार मुस्लिम लीग ने यह भी कहा कि यदि मत्स्य विभाग वापस लिया जाता है तो बदले में उसे उच्च शिक्षा विभाग दिया जाए। अंततः यूडीएफ नेतृत्व ने मत्स्य विभाग मुस्लिम लीग के पास ही रहने दिया और वी.ई. अब्दुल गफूर को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई।
कांग्रेस के भीतर गुटीय समीकरण
देरी की एक बड़ी वजह कांग्रेस के अंदरूनी गुटीय खींचतान भी रही। स्वास्थ्य विभाग को लेकर के. मुरलीधरन और ए.पी. अनिल कुमार के बीच प्रतिस्पर्धा रही। अंततः मुरलीधरन को स्वास्थ्य और देवस्वम विभाग दिया गया, जबकि अनिल कुमार को राजस्व विभाग मिला। नए चेहरे एम. लिजू को आबकारी और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।
मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं के विभाग
परंपरा से हटकर मुख्यमंत्री सतीशन ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह विभाग अपने पास रखे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को गृह और सतर्कता विभाग सौंपा गया है। अन्य प्रमुख विभागों में पी.के. कुन्हालीकुट्टी को उद्योग और आईटी, पी.सी. विष्णुनाथ को पर्यटन, संस्कृति और सिनेमा, तथा के.एम. शाजी को स्थानीय स्वशासन विभाग मिला है।
प्रोटेम स्पीकर की शपथ और आगे की राह
इस बीच माकपा के बागी नेता जी. सुधाकरण — जो यूडीएफ के समर्थन से अंबालापुझा से निर्वाचित हुए हैं — ने 20 मई को केरल विधानसभा के 16वें कार्यकाल के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली। उन्हें राज्यपाल राजेंद्र वी. अर्लेकर ने शपथ दिलाई। गुरुवार को नवनिर्वाचित विधायक सुधाकरण की मौजूदगी में शपथ ग्रहण करेंगे। यह कैबिनेट केरल में कांग्रेस की वापसी की परीक्षा है — अब देखना होगा कि विभागों की यह बाजीगरी शासन में कितनी तब्दील होती है।