28 जून 2026
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सतपुली में बोल्डर से बोलेरो कुचली: एक की मौत, दो गंभीर घायल; ऋषिकेश हाईवे पर डेढ़ साल की बच्ची भी ट्रक से कुचली

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सतपुली में बोल्डर से बोलेरो कुचली: एक की मौत, दो गंभीर घायल; ऋषिकेश हाईवे पर डेढ़ साल की बच्ची भी ट्रक से कुचली

सारांश

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में एक ही दिन दो भीषण हादसे — सतपुली में बोल्डर ने बोलेरो कुचली, केरल निवासी की मौत; ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर डेढ़ साल की बच्ची ट्रक के टायर तले आई। मानसून में पहाड़ी राजमार्गों पर बढ़ता खतरा एक बार फिर सामने आया।

मुख्य बातें

28 जून 2026 को सतपुली के पास कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से बोल्डर गिरने से गाजियाबाद नंबर की बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई।
केरल निवासी श्रीकांत (45) की मौके पर ही मौत; दिल्ली निवासी सरनजीत (61) और पश्चिम बंगाल निवासी उदय गंभीर रूप से घायल।
तीनों गाजियाबाद की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे; हादसा दोपहर लगभग तीन बजे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान हुआ।
एसडीआरएफ और सतपुली पुलिस ने कटर मशीन से बोलेरो काटकर घायलों को बाहर निकाला।
ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर अलग हादसे में डेढ़ वर्षीय बच्ची नौनी की ट्रक के टायर तले आने से मौत।

पौड़ी गढ़वाल जिले में कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर 28 जून 2026 को दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की जान चली गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सतपुली के निकट सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान पहाड़ी से गिरे एक विशाल बोल्डर ने एक बोलेरो को कुचल दिया, जिससे केरल निवासी श्रीकांत (45 वर्ष) की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मुख्य घटनाक्रम

रविवार दोपहर लगभग तीन बजे गुमखाल-सतपुली मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण का काम जारी था। इसी दौरान पहाड़ी से अचानक एक बड़ा बोल्डर नीचे आया और गाजियाबाद पंजीकरण संख्या वाली बोलेरो को चपेट में ले लिया, जो उस समय गुमखाल से सतपुली की ओर जा रही थी। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे में श्रीकांत (45), निवासी केरल, की मौके पर ही मौत हो गई। वाहन चालक समेत सरनजीत (61), निवासी दिल्ली, और उदय, निवासी पश्चिम बंगाल, गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तीनों गाजियाबाद स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं।

राहत एवं बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही सतपुली पुलिस और एसडीआरएफ की टीम स्थानीय ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुँची। वाहन में फँसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कटर मशीन की सहायता से बोलेरो को काटना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद घायलों को निकालकर नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर दूसरा हादसा

इसी दिन ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक और दर्दनाक हादसे में डेढ़ वर्षीय बच्ची नौनी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, एक ट्रक चढ़ाई पर बैक गियर न लगने के कारण फिसलने लगा, जिससे उसके पीछे के ट्रक भी पीछे खिसकने लगे। इसी दौरान बाइक सवार अंकित अपनी पत्नी और बेटी के साथ उस ट्रक के पीछे आकर रुक गए। अचानक ट्रक को अपनी ओर आते देख उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन उनकी बाइक ट्रक की चपेट में आ गई और नौनी ट्रक के अगले टायर के नीचे आ गई।

आम जनता पर असर और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी राजमार्गों पर मानसून के दौरान भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएँ आम हो जाती हैं। सड़क चौड़ीकरण कार्यों के दौरान पहाड़ी ढलानें और अधिक अस्थिर हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को गंभीर खतरा रहता है। दोनों हादसों की जाँच पुलिस कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सड़क चौड़ीकरण जैसे निर्माण कार्य अक्सर पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना जारी रहते हैं। सतपुली का यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि ढलान स्थिरीकरण और यातायात नियंत्रण प्रोटोकॉल निर्माण स्थलों पर कितने ज़रूरी हैं। एक ही दिन दो अलग हाईवे पर दो मौतें यह सवाल उठाती हैं कि राज्य की सड़क सुरक्षा एजेंसियाँ उच्च जोखिम वाले खंडों की निगरानी में कितनी सक्रिय हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतपुली बोल्डर हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 28 जून 2026 को दोपहर लगभग तीन बजे उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में गुमखाल-सतपुली मार्ग पर हुआ, जब सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर बोलेरो वाहन पर आ गिरा।
हादसे में कितने लोग हताहत हुए और उनकी पहचान क्या है?
हादसे में केरल निवासी श्रीकांत (45) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दिल्ली निवासी सरनजीत (61) और पश्चिम बंगाल निवासी उदय गंभीर रूप से घायल हुए। तीनों गाजियाबाद की एक निजी कंपनी में कार्यरत बताए जा रहे हैं।
घायलों को वाहन से कैसे निकाला गया?
बोलेरो के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण सतपुली पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को कटर मशीन की सहायता से वाहन काटकर घायलों को बाहर निकालना पड़ा। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ उनका उपचार जारी है।
ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर क्या हुआ?
उसी दिन ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक के बैक गियर न लगने से फिसलने के कारण बाइक सवार अंकित की डेढ़ वर्षीय बेटी नौनी ट्रक के अगले टायर के नीचे आ गई और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
उत्तराखंड के पहाड़ी राजमार्गों पर बोल्डर गिरने का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
मानसून के दौरान पहाड़ी ढलानें नमी से कमज़ोर हो जाती हैं और सड़क चौड़ीकरण जैसे निर्माण कार्य ढलानों को और अस्थिर कर देते हैं, जिससे बोल्डर गिरने की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार निर्माण स्थलों पर ढलान स्थिरीकरण और यातायात नियंत्रण के पर्याप्त उपाय न होना इन हादसों की प्रमुख वजह है।
राष्ट्र प्रेस
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