अशोकनगर जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड सेवाएं होंगी अपग्रेड, सिंधिया के निर्देश पर कलेक्टर ने किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 2 अक्टूबर 2026 को अशोकनगर जिला प्रशासन को जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड सेवाओं में तत्काल सुधार के आदेश दिए। मरीजों को हो रही असुविधा की शिकायतें सामने आने के बाद सिंधिया ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को समय पर और बिना परेशानी के अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिले।
कलेक्टर ने किया अस्पताल का सीधा निरीक्षण
सिंधिया के निर्देशों के तत्काल बाद जिला कलेक्टर ने स्वयं अस्पताल का दौरा कर अल्ट्रासाउंड कक्ष और आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों से सीधी बातचीत की और मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
यह कदम इस बात का संकेत है कि शिकायतें केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि प्रशासन ने ज़मीनी स्तर पर जाँच को प्राथमिकता दी।
मुख्य सुधार: ड्यूटी रोस्टर और बुनियादी सुविधाएं
प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड जांच करने वाले डॉक्टरों के लिए दैनिक ड्यूटी रोस्टर जारी किया है और इसके शत-प्रतिशत अनुपालन के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और मरीजों के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा समाप्त करना है।
इसके साथ ही, प्रतीक्षा क्षेत्र में पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था की गई है ताकि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को ज़मीन पर न बैठना पड़े। अस्पताल परिसर में छाया, पीने का पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
सिंधिया का कड़ा रुख: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
एक प्रेस बयान में सिंधिया ने स्पष्ट कहा, 'स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।' उन्होंने ज़ोर दिया कि मरीजों को सुलभ, समय पर और सम्मानजनक चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सिंधिया ने विशेष रूप से महिलाओं और आम जनता पर ध्यान दिए जाने की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि सरकारी अस्पतालों में सेवाएं प्रदान करते समय इन वर्गों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि अशोकनगर जैसे मध्यम आकार के जिले में जिला अस्पताल ही अधिकांश गरीब और ग्रामीण मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का एकमात्र सहारा होता है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए लंबे इंतजार और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा था, जो उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता था।
नए ड्यूटी रोस्टर और बेहतर प्रतीक्षा सुविधाओं से प्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आगे की निगरानी
जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि अल्ट्रासाउंड सेवाओं की नियमित निगरानी जारी रखी जाए और बुनियादी सुविधाओं में बची कमियों को तत्काल दूर किया जाए। अगर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित होता है, तो यह राज्य के अन्य जिला अस्पतालों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।