ब्रजेश पाठक ने मुरादाबाद जिला अस्पताल का किया निरीक्षण, लापरवाही पर जताई सख्त नाराज़गी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने 17 अक्टूबर 2026 को मुरादाबाद स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को समय पर उचित इलाज, ज़रूरी दवाएँ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ हर हाल में सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मरीजों से सीधी बातचीत
निरीक्षण के क्रम में ब्रजेश पाठक ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया और उनके स्वास्थ्य, इलाज की गुणवत्ता तथा अस्पताल की समग्र व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, परिसर की साफ-सफाई और उपचार प्रक्रिया की स्थिति का बारीकी से जायज़ा लिया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन से जुड़े चिकित्सा अधिकारियों और वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति का आकलन करते हुए ज़ोर दिया कि अस्पताल की कार्यप्रणाली सुचारु रहे और मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार दबाव बना रही है।
स्वच्छता और संवेदनशीलता पर विशेष बल
पाठक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशीलता और सहयोग का व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो। चिकित्सा अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।
सरकार की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना सरकार की प्रतिबद्धता है। गौरतलब है कि इस तरह के औचक निरीक्षण पाठक पहले भी राज्य के विभिन्न ज़िला अस्पतालों में कर चुके हैं, जिनके बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई है।
आगे क्या होगा
निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाओं में सुधार की एक समयबद्ध रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मरीजों की सुविधा और संतुष्टि को केंद्र में रखते हुए अस्पताल की कार्यप्रणाली में बदलाव किए जाएँगे, ताकि आमजन को इलाज के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।