लखनऊ: चिनहट सीएचसी में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का सफाई पर कड़ा निरीक्षण

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लखनऊ: चिनहट सीएचसी में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का सफाई पर कड़ा निरीक्षण

सारांश

लखनऊ के चिनहट सीएचसी में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सफाई व्यवस्था और वार्डों की स्थिति को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

Key Takeaways

  • उपमुख्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था की खामियों पर नाराजगी जताई।
  • अधिकारियों को सुधार के लिए सख्त निर्देश दिए गए।
  • मरीजों की देखभाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया गया।
  • अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।

लखनऊ, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजधानी लखनऊ के चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सफाई व्यवस्था, वार्डों की स्थिति और लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान जनरल वार्ड में कई बिस्तरों पर चादरें नहीं थीं और अस्पताल परिसर में गंदगी देख उनकी भड़ास निकल गई।

उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने और सफाई एजेंसी के एक सप्ताह का भुगतान रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक संबंधित अधिकारी काम पर बने रहेंगे।

ब्रजेश पाठक ने अचानक चिनहट सीएचसी का दौरा किया। मास्क पहने हुए, वे सबसे पहले पर्चा काउंटर पर मरीजों के बीच जाकर कतार में खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में मरीजों से जानकारी भी प्राप्त की। इसके बाद वे पैथोलॉजी विभाग में पहुंचे, जहां मरीजों की लंबी कतार थी। उन्होंने टेक्नीशियन से पूछा कि एक मरीज का रक्त नमूना लेने में कितना समय लगता है और निर्देश दिए कि जांच प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है।

निरीक्षण के दौरान एक्सरे कक्ष के आस-पास धूल देख उन्होंने तुरंत सफाई कराने के आदेश दिए। उन्होंने वहां रखी अलमारी खोलकर स्टॉक की भी जांच की। इसके बाद वे ओपीडी कक्ष नंबर 5 में पहुंचे और डॉक्टर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली।

जब उपमुख्यमंत्री जनरल वार्ड नंबर 28 पहुंचे, तो वहां की स्थिति देखकर वे नाराज हो गए। वार्ड में कई बेड पर चादरें नहीं बिछी थीं और साफ-सफाई संतोषजनक नहीं थी। उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्थिति का भी अवलोकन किया, जो संतोषजनक नहीं थी। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए। हालांकि, फायर एस्टिंग्यूसर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट सही पाई गई। इस समय केंद्र के सभागार में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था।

आशाओं ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि उनके मोबाइल फोन खराब हैं, जिससे उनके कार्य में कठिनाई हो रही है। इस पर उन्होंने तुरंत सीएमओ एनबी सिंह को फोन कर मोबाइल ठीक कराने या बदलने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान भी जल्द कराने को कहा। सीएमओ को तुरंत सीएचसी पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने के लिए भी निर्देशित किया।

निरीक्षण के दौरान पीने के पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। पानी की पाइप को जाली से बांधा गया था और आसपास गंदगी थी। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि व्यवस्था पूरी तरह सही होने तक वे अस्पताल परिसर से नहीं जाएं। दवाओं के काउंटर पर लंबी कतार थी। सीएचसी अधीक्षक को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए निर्देश दिए और कहा कि मरीजों को पांच मिनट के भीतर दवा मिल जानी चाहिए।

Point of View

और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी जवाबदेही निभानी होगी।
NationPress
16/03/2026

Frequently Asked Questions

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अस्पताल में किस प्रकार की समस्याओं पर ध्यान दिया?
उन्होंने सफाई व्यवस्था, वार्डों की स्थिति और मरीजों की देखभाल में लापरवाही पर ध्यान दिया।
क्या अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए?
हाँ, अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री का निरीक्षण कब हुआ?
यह निरीक्षण 16 मार्च को हुआ था।
उपमुख्यमंत्री ने क्या चेतावनी दी?
उन्होंने कहा कि जब तक अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक संबंधित अधिकारी घर नहीं जाएंगे।
क्या आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया गया?
हाँ, उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की मोबाइल समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
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