31 अगस्त 2026
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सियालदह स्टेशन पर फूड स्टॉल में आग, घना धुआं फैलते ही यात्रियों में भगदड़

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सियालदह स्टेशन पर फूड स्टॉल में आग, घना धुआं फैलते ही यात्रियों में भगदड़

सारांश

सोमवार की भीड़भरी सुबह सियालदह स्टेशन के एक फूड स्टॉल से उठे घने धुएँ ने हजारों यात्रियों में भगदड़ मचा दी। तीन दमकल गाड़ियों ने आग को पड़ोसी ज्वलनशील दुकानों तक फैलने से रोका — कोई हताहत नहीं, लेकिन अग्नि सुरक्षा पर सवाल जरूर उठे।

मुख्य बातें

31 अगस्त की सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर सियालदह रेलवे स्टेशन परिसर के एक फूड स्टॉल में आग लगी।
तीन दमकल गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँचीं; अतिरिक्त गाड़ियाँ भी रवाना की गईं।
अब तक किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार दुकान में अग्निशमन के न्यूनतम इंतजाम और पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं थी।
इसी महीने पश्चिम बंगाल में आग की दो अलग घटनाओं में नौ-नौ लोगों की मौत हो चुकी है — तारापीठ और मिर्जा गालिब स्ट्रीट में।

कोलकाता के अत्यंत व्यस्त सियालदह रेलवे स्टेशन परिसर में सोमवार, 31 अगस्त की सुबह एक खाने-पीने के स्टॉल में आग लग गई, जिससे हजारों यात्रियों में भारी अफरातफरी मच गई। दमकल विभाग के अनुसार, अब तक किसी के हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे फैली आग

दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 9 बजकर 20 मिनट पर स्टेशन परिसर के एक फूड स्टॉल से अचानक घना धुआं उठता देखा गया। उन्होंने कहा, 'धुआं तुरंत पूरे स्टेशन परिसर में फैल गया। यात्री घबरा गए और चिल्लाने लगे। दमकल विभाग को सूचना दी गई और सूचना मिलते ही तीन दमकल गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँच गईं।' यह वह समय था जब राज्य की राजधानी और उपनगरों को जोड़ने वाले इस प्रमुख रेलवे केंद्र पर दफ्तर जाने वाले हजारों यात्री एक साथ उपस्थित थे।

आग पर काबू: क्या रहीं चुनौतियाँ

अधिकारियों ने बताया कि जिस स्टॉल में आग लगी, उसके आसपास कई अन्य दुकानें और स्टॉल थे, जिनमें ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। अधिकारी ने कहा, 'मामला गंभीर हो सकता था — हमारा पहला लक्ष्य आग को पड़ोसी स्टॉलों तक फैलने से रोकना था, जिसमें हम सफल रहे।' अधिकारियों का यह भी दावा है कि संबंधित दुकान में अग्निशमन के न्यूनतम इंतजाम थे और पानी की पर्याप्त आपूर्ति भी नहीं थी, जिससे दमकल दल को अपने वाहनों में मौजूद पानी से ही आग बुझानी पड़ी।

यात्रियों पर असर

अधिकारी के अनुसार, स्टेशन पर फैली घबराहट आग की तीव्रता से कहीं अधिक थी। भीड़भाड़ के चरम समय में धुएँ के फैलने से यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालाँकि, बाहर से आग की लपटें दिखाई नहीं दे रही थीं और स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।

पश्चिम बंगाल में आग की घटनाओं का संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में आग की बड़ी दुर्घटनाएँ चर्चा में हैं। इसी महीने की शुरुआत में राज्य में आग लगने की दो अलग-अलग घटनाओं में नौ-नौ लोगों की जान गई थी — पहली घटना बीरभूम जिले के तारापीठ स्थित एक होटल में और दूसरी मध्य कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट के एक होटल में हुई थी। सियालदह की यह घटना राज्य में व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।

आगे की स्थिति

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और अतिरिक्त दमकल गाड़ियाँ भी मौके पर पहुँची थीं। घटना की जाँच जारी है और आग लगने के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। स्टेशन प्रशासन से अग्नि सुरक्षा ऑडिट को लेकर जवाब माँगा जाना अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आग काबू में — लेकिन इसका समय और संदर्भ चिंताजनक है। अगस्त में ही पश्चिम बंगाल में दो होटल अग्निकांडों में 18 लोगों की जान जा चुकी है, और अब एक प्रमुख रेलवे स्टेशन पर न्यूनतम अग्नि सुरक्षा इंतजामों की बात सामने आई है। सवाल यह है कि क्या राज्य के व्यावसायिक और सार्वजनिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट नियमित और बाध्यकारी हैं, या महज कागजी खानापूरी। बड़ी त्रासदी टल गई — लेकिन यह संयोग था, व्यवस्था की सफलता नहीं।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सियालदह स्टेशन में आग कब और कहाँ लगी?
31 अगस्त को सुबह करीब 9 बजकर 20 मिनट पर सियालदह रेलवे स्टेशन परिसर के एक खाने-पीने के स्टॉल में आग लगी। उस समय स्टेशन पर दफ्तर जाने वाले हजारों यात्री मौजूद थे।
क्या सियालदह स्टेशन की आग में कोई हताहत हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में अब तक किसी के हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। हालाँकि, धुएँ के कारण यात्रियों में व्यापक घबराहट फैल गई।
आग पर काबू कैसे पाया गया?
दमकल विभाग की तीन गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँचीं और अपने वाहनों में मौजूद पानी से आग बुझाई, क्योंकि दुकान में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं थी। दमकलकर्मियों ने आग को पड़ोसी ज्वलनशील दुकानों तक फैलने से रोकने को प्राथमिकता दी।
पश्चिम बंगाल में हाल की आग की घटनाओं का क्या संदर्भ है?
अगस्त 2026 में ही पश्चिम बंगाल में आग की दो बड़ी घटनाएँ हुई हैं — बीरभूम के तारापीठ के एक होटल में और मध्य कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट के एक होटल में — जिनमें नौ-नौ लोगों की जान गई। सियालदह की यह घटना राज्य में अग्नि सुरक्षा की स्थिति पर ध्यान खींचती है।
सियालदह स्टेशन में अग्नि सुरक्षा को लेकर क्या खुलासा हुआ?
दमकल अधिकारियों का दावा है कि जिस स्टॉल में आग लगी, वहाँ अग्निशमन के न्यूनतम इंतजाम थे और पानी की पर्याप्त आपूर्ति भी नहीं थी। घटना की जाँच जारी है और आग के सटीक कारण का अभी पता नहीं चला है।
राष्ट्र प्रेस
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