सेखों इंडियन एयर फोर्स मैराथन 2026: दिल्ली, मुंबई और जोधपुर में हज़ारों प्रतिभागियों ने लगाई दौड़
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना के परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों की स्मृति में आयोजित सेखों इंडियन एयर फोर्स मैराथन 2026 का सफल आयोजन 4 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली, मुंबई और जोधपुर में एक साथ हुआ। इस मैराथन का उद्देश्य वायु योद्धाओं की गति, सहनशक्ति और सुपरसोनिक भावना को देशवासियों तक पहुँचाना और राष्ट्रीय एकता तथा फिटनेस का संदेश फैलाना था।
दिल्ली में दूसरा संस्करण: जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से हुई शुरुआत
राष्ट्रीय राजधानी में इस मैराथन का दूसरा संस्करण ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से आयोजित किया गया। हाफ मैराथन (21 किलोमीटर), 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ें इस आयोजन का हिस्सा रहीं। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने सभी रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विशेष रूप से 5 किलोमीटर की दौड़ को भारतीय वायुसेना की महिला अधिकारियों ने फ्लैग ऑफ किया — जो वायुसेना में नारी शक्ति के बढ़ते प्रतिनिधित्व का प्रतीक रहा।
जोधपुर में देशभक्ति और फिटनेस का संगम
राजस्थान के जोधपुर में यह मैराथन बरकतुल्लाह खान स्टेडियम से शुरू हुई। 21 किलोमीटर और 10 किलोमीटर की दौड़ों के साथ-साथ 5 किलोमीटर की रेस भी आयोजित की गई। वायुसेना के जवानों ने बड़े उत्साह के साथ इसमें भाग लिया और मैराथन का रूट शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुज़रा। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश स्पष्ट दिखा।
मुंबई में भी जोश और जुनून
महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सेखों मैराथन 2026 का आयोजन उत्साहपूर्वक हुआ, जहाँ 10 किलोमीटर की दौड़ में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन यह दर्शाता है कि इस मैराथन की पहुँच अब महज़ एक शहर तक सीमित नहीं रही।
149 मैराथन का सफर: रिटायर्ड नेवी ऑफिसर की प्रेरणादायक कहानी
इस आयोजन की सबसे प्रेरणादायक उपस्थिति रही 74 वर्षीय रिटायर्ड नेवी ऑफिसर राजिंदर सिंह की। उन्होंने बताया, 'मैं आज अपनी 149वीं मैराथन पूरी कर रहा हूं। मैं पूरे भारत में दौड़ता रहा हूं। मैंने पाकिस्तान के साथ हुई दोनों लड़ाइयों में हिस्सा लिया था। 1971 में मैं केरल में था और कारगिल के समय मैं गोवा के नेवल एयरपोर्ट पर था। अब भी मैं दौड़ना जारी रखे हुए हूं।' उनका यह जज़्बा हर उम्र के प्रतिभागियों के लिए प्रेरणा बना।
फ्लाइंग ऑफिसर सेखों: वह नायक जिनकी याद में दौड़ता है पूरा देश
यह मैराथन फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों को श्रद्धांजलि है, जो भारतीय वायुसेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी स्मृति में आयोजित यह मैराथन युवाओं और आम नागरिकों को फिटनेस, देशप्रेम और सशस्त्र बलों के साथ जुड़ाव का संदेश देती है। आने वाले वर्षों में इस आयोजन के और भी शहरों तक विस्तार की उम्मीद की जा रही है।