7 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

परिवारवाद पर नितिन नवीन को शकील अहमद का पलटवार: 'BJP में 15-20 मंत्री राजनीतिक परिवारों से, जय शाह का उदाहरण देखें'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
परिवारवाद पर नितिन नवीन को शकील अहमद का पलटवार: 'BJP में 15-20 मंत्री राजनीतिक परिवारों से, जय शाह का उदाहरण देखें'

सारांश

परिवारवाद की बहस में पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने BJP अध्यक्ष नितिन नवीन को उन्हीं के हथियार से घेरा — BJP के 15-20 मंत्रियों, जय शाह की BCCI अध्यक्षता और राजनाथ पुत्र का हवाला देकर। सवाल यह है कि परिवारवाद पर हमला करने वाले खुद इस आरोप से कितने मुक्त हैं।

मुख्य बातें

पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने 7 नवंबर को पटना में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन पर परिवारवाद के मुद्दे पर पलटवार किया।
शकील अहमद ने कहा कि BJP में ही कम से कम 15-20 मंत्री राजनीतिक परिवारों से आते हैं, और नितिन नवीन के पिता भी राजनीति में थे।
गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र जय शाह की BCCI अध्यक्षता और राजनाथ सिंह के बेटे को राजनीति में स्थापित करने का उदाहरण दिया।
शकील अहमद ने आरोप लगाया कि पिछले 12-13 वर्षों में सत्ता पक्ष के लगभग सभी वादे विफल हुए हैं।
नितिन नवीन स्वयं अपनी विधानसभा सीट हार चुके हैं — शकील अहमद ने इसे भी रेखांकित किया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भाषा पर भी शकील अहमद ने कड़ी आपत्ति जताई।

पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने 7 नवंबर को पटना में परिवारवाद के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि BJP में ही कम से कम 15-20 ऐसे मंत्री हैं जो राजनीतिक परिवारों से आते हैं, और नितिन नवीन स्वयं भी इसका अपवाद नहीं हैं, क्योंकि उनके पिता भी राजनीति में थे।

नितिन नवीन पर सीधा निशाना

शकील अहमद खान ने कहा, 'मैं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष महोदय से कहना चाहता हूं कि BJP में कम से कम 15-20 ऐसे लोग हैं जो मंत्री भी हैं और राजनीतिक परिवारों से आते हैं। खुद नितिन नवीन के पिता भी राजनीति में थे। वे भी किसी राजनीतिक परिवार से ही आते हैं। बेटे, भतीजे, पत्नी — पूरा परिवार राजनीति में है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवारवाद का आरोप लगाने से पहले सत्ता पक्ष को अपने भीतर झाँकना चाहिए।

अमित शाह और राजनाथ सिंह का संदर्भ

पूर्व कांग्रेस नेता ने गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर परिवारवाद की बात करनी है, तो यह सवाल पूछना ज़रूरी है कि बिना क्रिकेट का बल्ला पकड़े जय शाह को बीसीसीआई (BCCI) का अध्यक्ष किस आधार पर बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि राजनाथ सिंह ने अपने बेटे को राजनीति में किस प्रकार स्थापित किया, यह भी किसी से छुपा नहीं है। उनके अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी ऐसे परिवार से आते हैं जिनके पिता राजनीति में थे।

सत्ता पक्ष पर 'बौखलाहट' का आरोप

शकील अहमद ने कहा कि दुनिया में हमेशा विपक्ष सरकार से सवाल करता है, लेकिन यहाँ उल्टा हो रहा है — जिसकी सरकार है, वही विपक्ष के खिलाफ मोर्चा निकाल रही है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का हवाला दिया जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि विपक्ष के कार्यों से सत्ता पक्ष बौखलाया हुआ है और उसकी रातों की नींद हराम हो गई है। शकील अहमद के अनुसार, सरकार के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए वह विपक्ष पर हमले करती रहती है।

BJP के वादों और नितिन नवीन की हार का ज़िक्र

पूर्व कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 12-13 वर्षों में सत्ता पक्ष के लगभग सभी वादे विफल हुए हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि नितिन नवीन स्वयं अपनी विधानसभा सीट हार चुके हैं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की क्राइम और अपराध पर की गई टिप्पणी को भी निशाने पर लिया और कहा कि उन्हें शब्दों का भी ज्ञान नहीं है और उनकी बातों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे तेज़ हो रही हैं और परिवारवाद का मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए एक प्रमुख राजनीतिक हथियार बन चुका है। गौरतलब है कि BJP ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोप पहले भी लगाए हैं, लेकिन अब विपक्ष इसी मुद्दे को BJP के भीतर उठाकर पलटवार कर रहा है। शकील अहमद के इस बयान के बाद BJP की प्रतिक्रिया और इस बहस की दिशा आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका दिलचस्प पहलू यह है कि अब यह BJP के भीतर के उदाहरणों से ही लड़ी जा रही है। जय शाह की BCCI अध्यक्षता और राजनाथ पुत्र का संदर्भ विपक्ष के लिए ठोस राजनीतिक हथियार बन गया है, जिसका BJP के पास अभी तक कोई सार्वजनिक जवाब नहीं आया। गौरतलब है कि नितिन नवीन — जो खुद चुनाव हार चुके हैं — का परिवारवाद पर हमला करना विपक्ष को पलटवार का स्वाभाविक मौका देता है। असली सवाल यह है कि क्या यह बहस बिहार की जनता की असली समस्याओं — रोज़गार, महंगाई, कानून-व्यवस्था — से ध्यान भटकाने का माध्यम बन रही है, जो दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शकील अहमद खान ने नितिन नवीन पर परिवारवाद को लेकर क्या आरोप लगाए?
शकील अहमद खान ने कहा कि BJP में कम से कम 15-20 मंत्री राजनीतिक परिवारों से आते हैं और नितिन नवीन के पिता भी राजनीति में थे, इसलिए वे भी परिवारवाद के आरोप से मुक्त नहीं हैं। उन्होंने BJP को परिवारवाद पर विपक्ष को घेरने से पहले अपने भीतर देखने की सलाह दी।
जय शाह और राजनाथ सिंह का उल्लेख शकील अहमद ने किस संदर्भ में किया?
शकील अहमद ने गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र जय शाह को बिना क्रिकेट खेले BCCI का अध्यक्ष बनाए जाने और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, ये उदाहरण साबित करते हैं कि परिवारवाद केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है।
शकील अहमद ने सत्ता पक्ष को 'बौखलाया हुआ' क्यों कहा?
शकील अहमद ने कहा कि सामान्यतः विपक्ष सरकार से सवाल करता है, लेकिन यहाँ सत्ता पक्ष खुद विपक्ष के खिलाफ मोर्चा निकाल रही है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि विपक्ष के कार्यों से सत्ता पक्ष परेशान है और उसके पास जनता के सवालों का जवाब नहीं है।
नितिन नवीन BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसे बने और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
नितिन नवीन BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। शकील अहमद के अनुसार, उनके पिता भी राजनीति में थे, और वे स्वयं विधानसभा चुनाव में अपनी सीट हार चुके हैं। यह तथ्य शकील अहमद ने BJP की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाने के लिए रेखांकित किया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर शकील अहमद ने क्या कहा?
शकील अहमद ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की क्राइम और अपराध पर की गई टिप्पणी की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी को शब्दों और शब्दकोश का भी ज्ञान नहीं है और उनकी बातों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 21 मिनट पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले