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शिमला में मीनाक्षी मित्तल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, मौत से पहले जान के खतरे का वीडियो वायरल

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शिमला में मीनाक्षी मित्तल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, मौत से पहले जान के खतरे का वीडियो वायरल

सारांश

शिमला के संजौली में दिनदहाड़े मीनाक्षी मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद उनका एक पुराना वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्होंने जान के खतरे की शिकायत की थी और पुलिस से सुरक्षा माँगी थी। स्कूल प्रबंधन और संपत्ति विवाद की पृष्ठभूमि में यह मामला गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

मीनाक्षी मित्तल की 13 जून को शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के गेट के पास दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।
सूत्रों के मुताबिक उन्हें तीन गोलियाँ मारी गईं; हमलावर पंजाब नंबर की गाड़ी में आए और फरार हो गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने हत्या का मामला दर्ज कर विशेष टीमें गठित करने की पुष्टि की।
हत्या के बाद वायरल वीडियो में मित्तल ने 'देख लेने' और 'मार डालने' की धमकियाँ मिलने का दावा किया था और पुलिस से सुरक्षा माँगी थी।
पुलिस भाई के साथ संपत्ति और स्कूल प्रबंधन विवाद के कोण से भी जाँच कर रही है; मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन था।
पूरे शिमला में नाकेबंदी , सीसीटीवी फुटेज की जाँच और फोरेंसिक साक्ष्य संग्रह जारी।

शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के गेट के निकट शनिवार, 13 जून को दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने मीनाक्षी मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी। मित्तल स्कूल के प्रबंधन से जुड़ी थीं और उनकी मौत के बाद एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने स्वयं को जान से मारने की धमकियाँ मिलने का दावा किया था।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

अधिकारियों के अनुसार हमलावर पंजाब नंबर की गाड़ी में आए और स्कूल परिसर के गेट के समीप मीनाक्षी मित्तल पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चला दीं। सूत्रों के मुताबिक उन्हें तीन गोलियाँ मारी गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। वारदात के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और पूरे शिमला में नाकेबंदी कर दी गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शिमला) अभिषेक ने बताया कि घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया है और हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं तथा सभी संभावित पहलुओं से जाँच की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मीनाक्षी मित्तल का अपने भाई के साथ संपत्ति और स्कूल प्रबंधन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस इस पारिवारिक विवाद के कोण से भी जाँच कर रही है।

वायरल वीडियो में मित्तल के गंभीर आरोप

मीनाक्षी मित्तल की हत्या के बाद उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में उन्होंने दावा किया था कि माता-पिता के निधन के बाद वह सरस्वती पैराडाइज स्कूल की कार्यकारी अध्यक्ष बनी थीं और संबंधित दस्तावेज उनके पक्ष में हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है।

वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की, स्कूल परिसर में जबरन घुसे और गेट बंद कर माहौल तनावपूर्ण बनाया — यह सब उस समय हुआ जब शिक्षक और अभिभावक भी वहाँ मौजूद थे।

सबसे गंभीर दावा करते हुए मित्तल ने वीडियो में कहा था कि उन्हें 'देख लेने' और 'मार डालने' की धमकियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनका फोन हैक किया गया, उनके खिलाफ आपत्तिजनक संदेश फैलाए गए और उनकी बेटी को भी सोशल मीडिया पर परेशान किया गया।

वीडियो में मित्तल ने पुलिस से पर्याप्त सहयोग न मिलने की शिकायत भी की थी। उन्होंने कहा था कि स्कूल विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, न कि धमकियों और दबाव के ज़रिए।

कानून-व्यवस्था पर सवाल

यह घटना ऐसे समय में आई है जब हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दिनदहाड़े इस तरह की वारदात को लेकर नागरिकों में गहरी चिंता है। गौरतलब है कि वायरल वीडियो में मित्तल द्वारा पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाने और फिर उनकी हत्या होने से कानून-व्यवस्था और पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस ने अभी तक वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, हालाँकि अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वीडियो में किए गए दावों को भी जाँच के दायरे में लिया जा सकता है।

आगे क्या

हत्या के पीछे की वास्तविक वजह — चाहे वह पारिवारिक संपत्ति विवाद हो या कोई अन्य कारण — पुलिस जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। विशेष जाँच दल आरोपियों की तलाश में जुटा है और पंजाब नंबर की संदिग्ध गाड़ी की पहचान को प्राथमिकता दी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस से सुरक्षा माँगी, और फिर ठीक उसी तरह मारी गईं जैसा उन्होंने आशंका जताई थी। सवाल यह नहीं है कि हत्या हुई — सवाल यह है कि क्या पूर्व शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई हुई। शिमला जैसे अपेक्षाकृत शांत पहाड़ी शहर में दिनदहाड़े इस तरह की वारदात और हमलावरों का सहजता से फरार हो जाना, कानून-व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। पुलिस को न केवल हत्यारों को पकड़ना होगा, बल्कि यह भी स्पष्ट करना होगा कि पूर्व में मिली धमकियों की शिकायत पर क्या कदम उठाए गए थे।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी मित्तल कौन थीं और उनकी हत्या कहाँ हुई?
मीनाक्षी मित्तल शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के प्रबंधन से जुड़ी थीं और कथित तौर पर स्कूल की कार्यकारी अध्यक्ष थीं। उनकी हत्या 13 जून को स्कूल परिसर के गेट के निकट दिनदहाड़े गोली मारकर की गई।
शिमला हत्याकांड में वायरल वीडियो का क्या महत्व है?
मित्तल का एक पुराना वीडियो हत्या के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें उन्होंने 'देख लेने' और 'मार डालने' की धमकियाँ मिलने का दावा किया था। उन्होंने पुलिस से पर्याप्त सहयोग न मिलने की शिकायत भी की थी, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
हत्या के पीछे क्या कारण बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मीनाक्षी मित्तल का अपने भाई के साथ संपत्ति और स्कूल प्रबंधन को लेकर विवाद चल रहा था, जो हाई कोर्ट में विचाराधीन था। पुलिस इस पारिवारिक विवाद के कोण से जाँच कर रही है, हालाँकि हत्या की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक के अनुसार हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पूरे शिमला में नाकेबंदी की गई है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
क्या पुलिस ने वायरल वीडियो के आरोपों पर कोई बयान दिया है?
पुलिस ने अभी तक वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। अधिकारियों ने केवल यह संकेत दिया है कि वीडियो में किए गए दावों को भी जाँच के दायरे में लिया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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