शिमला में वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़, विंटर सीजन से कारोबारियों को बड़ी उम्मीदें
सारांश
मुख्य बातें
शिमला में 10 अक्टूबर 2026 के वीकेंड पर पर्यटकों की उल्लेखनीय आवाजाही दर्ज की गई, जिससे हिमाचल प्रदेश की राजधानी के पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार मिली है। रिज मैदान, मॉल रोड, कुफरी, नालदेहरा और मशोबरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की चहल-पहल देखी गई। पंजाब समेत कई अन्य राज्यों से पर्यटक अपने परिवारों के साथ यहाँ पहुँचे।
बुकिंग की स्थिति और कारोबारी हालात
ट्रैवल एजेंट केदार दत्त के अनुसार, वीकेंड के दौरान होटलों और गाड़ियों की बुकिंग 65 से 70 प्रतिशत तक पहुँच जाती है। हालाँकि, सामान्य कार्यदिवसों में यही आँकड़ा उल्लेखनीय रूप से कम रहता है। उन्होंने बताया कि आगामी विंटर सीजन को लेकर उम्मीदें तो हैं, परंतु अभी तक एडवांस बुकिंग शुरू नहीं हुई है।
दत्त ने सरकार से नई पर्यटन परियोजनाएँ शुरू करने और बेहतर सुविधाएँ विकसित करने की माँग उठाई। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अयोध्या और वाराणसी में विकसित किए गए पर्यटन स्थलों का हवाला देते हुए कहा कि हिमाचल में भी इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, पर्यटन एक ऐसा व्यवसाय है जिससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक की आजीविका सीधे जुड़ी हुई है।
टैक्सी चालकों की चिंताएँ और यातायात समस्या
पिछले 15 से 20 वर्षों से टैक्सी व्यवसाय से जुड़े बसंत ठाकुर ने बताया कि इस बार उनका कारोबार पिछले साल की तुलना में बेहतर स्थिति में है। तीन छुट्टियों वाले लंबे वीकेंड पर पर्यटकों की आमद इतनी रही कि उन्हें पीक सीजन जैसा माहौल महसूस हुआ।
हालाँकि, ठाकुर ने शिमला में पार्किंग की कमी और यातायात जाम की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि अधिकांश पर्यटक अपने निजी वाहनों में आते हैं, जिससे शहर की सँकरी सड़कों पर दबाव बढ़ जाता है — और इसका खामियाजा पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और टैक्सी चालकों, सभी को भुगतना पड़ता है। यदि पर्यटक स्थानीय टैक्सियों को प्राथमिकता दें, तो जाम की समस्या कम होने के साथ-साथ स्थानीय कारोबार को भी पर्याप्त लाभ मिल सकता है।
पर्यटकों का अनुभव
पंजाब के बरनाला से परिवार के साथ शिमला पहुँचे राजीव कुमार ने यहाँ के मौसम और माहौल की तारीफ की। उन्होंने बताया कि लंबे वीकेंड के चलते उन्होंने इस यात्रा की योजना बनाई। उनके भाई करीब 25 साल बाद इंग्लैंड से भारत लौटे हैं, और उनकी भी शिमला घूमने की इच्छा थी, इसलिए परिवार ने एक साथ यहाँ समय बिताने का फैसला किया। रिज मैदान, मॉल रोड और जाखू मंदिर उनकी यात्रा की सूची में शामिल हैं।
मूलतः पंजाब के रहने वाले और वर्तमान में ब्रिटेन में बसे गौरव कथित तौर पर करीब 20 साल बाद शिमला पहुँचे हैं। उन्होंने कहा कि शिमला की प्राकृतिक सुंदरता और यहाँ का माहौल आज भी उतना ही आकर्षक है, हालाँकि पर्यटकों की तादाद पहले से बढ़ गई है। उन्होंने मौसम को घूमने के लिए 'बेहद सुहावना' बताया।
विंटर सीजन से उम्मीदें और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश का पर्यटन उद्योग मानसून के बाद की सुस्ती से उबरने की कोशिश में है। गौरतलब है कि विंटर सीजन — विशेषकर दिसंबर और जनवरी में संभावित बर्फबारी के बाद — पहाड़ी पर्यटन के लिए सबसे लाभकारी दौर होता है। कारोबारी वर्ग की नज़र अब इसी पर टिकी है। बेहतर यातायात प्रबंधन और सरकारी निवेश की माँग के साथ, स्थानीय हितधारक चाहते हैं कि पर्यटकों की भीड़ का आर्थिक लाभ समान रूप से वितरित हो।