शिमला में गर्मी के मौसम में पर्यटकों की रिकॉर्ड भीड़, होटल 80-90% बुक; 15 जुलाई तक सीजन जारी रहने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
मैदानी इलाकों में जारी भीषण गर्मी से राहत की तलाश में हज़ारों पर्यटक इन दिनों शिमला का रुख कर रहे हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश की राजधानी में 14 जून 2025 तक पर्यटकों की असाधारण भीड़ देखी जा रही है। रिज ग्राउंड और मॉल रोड पर दिन-रात सैलानियों का तांता लगा हुआ है, जबकि वीकेंड पर होटल लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार यह रौनक 15 जुलाई तक बनी रह सकती है।
होटल ऑक्यूपेंसी और बुकिंग की स्थिति
स्थानीय ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, इस वर्ष मई-जून सीजन में एक उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है — पर्यटकों की आमद अब केवल वीकेंड तक सीमित नहीं रही। सप्ताह के मध्य में भी होटलों की ऑक्यूपेंसी 80 से 90 प्रतिशत तक दर्ज की जा रही है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक बताई जा रही है। वीकेंड पर स्थिति और भी तंग हो जाती है — कई बार पर्यटकों को कमरे तक नहीं मिल पाते।
ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ वॉक-इन पर्यटकों की संख्या भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। ट्रेन और वोल्वो बसों के ज़रिये बड़ी संख्या में सैलानी शिमला पहुँच रहे हैं।
मॉल रोड से कुफरी-नालदेहरा तक पर्यटकों का फैलाव
शहर के भीतर मॉल रोड पर शाम के समय प्रतिदिन भारी भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक कुफरी और नालदेहरा जैसे आसपास के लोकप्रिय स्थलों का भी रुख कर रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती तादाद के कारण शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या भी उत्पन्न हो रही है, हालाँकि पर्यटन कारोबारी इसे व्यापार के लिहाज़ से सकारात्मक संकेत मानते हैं। मनाली भी इस सीजन में पर्यटकों की पसंद बना हुआ है।
किन राज्यों से आ रहे हैं सबसे ज़्यादा पर्यटक
ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान और दक्षिण भारत से आने वाले पर्यटक स्थानीय पर्यटन उद्योग के लिए सबसे अधिक आर्थिक योगदान देते हैं। ये पर्यटक होटल, टैक्सी संचालकों और ट्रैवल एजेंटों की आय का प्रमुख स्रोत हैं। वहीं पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से भी बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं, लेकिन इनमें से अनेक एक दिन में लौट जाते हैं या केवल एक रात रुकते हैं, जिससे उनका आर्थिक योगदान अपेक्षाकृत कम रहता है।
पर्यटकों की प्रतिक्रिया
बिहार से आए एक पर्यटक ने बताया कि शिमला की प्राकृतिक सुंदरता और सुहावना मौसम उन्हें बेहद पसंद आया। उनके अनुसार, हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार परिवार या दोस्तों के साथ शिमला ज़रूर आना चाहिए। वे दोस्तों के साथ क्राइस्ट चर्च और हनुमान मंदिर सहित विभिन्न दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं।
एक अन्य महिला पर्यटक, जो पहली बार शिमला आई हैं, ने बताया कि मैदानी इलाकों की तपती गर्मी के मुकाबले यहाँ का ठंडा और ताज़गी भरा मौसम उन्हें बहुत राहत दे रहा है। वे अपने दोस्तों के साथ तीन दिन शिमला में बिताने का कार्यक्रम लेकर आई हैं।
आगे का अनुमान
पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि 15 जुलाई 2025 तक शिमला में पर्यटन सीजन की यही गहमागहमी बनी रहेगी। मानसून की दस्तक के बाद भीड़ में कुछ कमी आने की संभावना है, लेकिन तब तक होटल, टैक्सी और ट्रैवल कारोबार के लिए यह सीजन अत्यंत लाभदायक रहने का अनुमान है।