शिमला में असामान्य गर्मी से परेशान पर्यटक और निवासी, 12 साल में पहली बार ऐसा बदलाव

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शिमला में असामान्य गर्मी से परेशान पर्यटक और निवासी, 12 साल में पहली बार ऐसा बदलाव

सारांश

ठंड के लिए मशहूर शिमला इस बार गर्मी से बेहाल है। स्थानीय निवासी 12 साल में पहली बार ऐसी गर्मी की बात कर रहे हैं, जबकि 22 साल के पर्यटन अनुभव वाले गाइड का कहना है कि सोलन में भी अब जैकेट की ज़रूरत नहीं पड़ती — हिमालय का मौसम बदल रहा है।

मुख्य बातें

शिमला में 21 मई 2026 को असामान्य रूप से अधिक तापमान दर्ज, पर्यटक और निवासी दोनों परेशान।
स्थानीय निवासी अरुणा शर्मा ने कहा कि पिछले 12 सालों में ऐसी गर्मी नहीं देखी।
गुजरात से आए पर्यटक जिग्नेश कुमार ने बताया कि मनाली की तुलना में शिमला में गर्मी का अहसास हुआ।
पर्यटन उद्योग से 22 साल से जुड़े पंडित बंसोड़े ने कहा कि पहले सोलन में ही स्वेटर ज़रूरी होती थी, अब नहीं।
विशेषज्ञों और पर्यटकों ने ग्लोबल वार्मिंग और पेड़ों की कटाई को मौसम बदलाव का संभावित कारण बताया।

शिमला में 21 मई 2026 को मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली — जो पहाड़ी शहर अपनी ठंडी हवाओं और सुहावने तापमान के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, वहाँ इस बार तापमान अपेक्षा से कहीं अधिक दर्ज किया गया, जिसने स्थानीय निवासियों और बाहर से आए पर्यटकों दोनों को बेचैन कर दिया। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन अपने चरम पर है।

स्थानीय निवासियों का अनुभव

शिमला की स्थायी निवासी अरुणा शर्मा ने बताया कि वे प्रतिदिन अपने बेटे के साथ लक्कड़ बाजार जाती हैं और इस बार की गर्मी उन्हें असामान्य लग रही है। उन्होंने कहा, 'पहले इतनी गर्मी नहीं होती थी, लेकिन अब गर्मी बढ़ती जा रही है, इसलिए हम अपने साथ ग्लूकोज पानी और नींबू पानी रखते हैं ताकि गर्मी से बच सकें। अब तो छाता भी साथ रखना पड़ता है।'

शर्मा ने आगे कहा कि पिछले करीब 12 सालों में उन्होंने शिमला में ऐसी गर्मी नहीं महसूस की थी। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे इस असामान्य गर्मी के कारण चिड़चिड़े हो जाते हैं।

पर्यटकों की प्रतिक्रिया

गुजरात से परिवार के साथ तीन दिन के दौरे पर आए पर्यटक जिग्नेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अमृतसर, खज्जियार और डलहौजी के बाद शिमला का रुख किया। उन्होंने कहा कि मनाली का मौसम बेहद ठंडा और सुखद था, जबकि शिमला में गर्मी का अहसास हुआ। हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि गुजरात में 40 से 45 डिग्री तापमान झेलने के अभ्यस्त होने के कारण उन्हें बहुत अधिक परेशानी नहीं हुई।

महाराष्ट्र से करीब 70 लोगों के समूह के साथ आए पर्यटक पंडित बंसोड़े ने, जो पिछले 22 सालों से पर्यटन उद्योग से जुड़े हैं, कहा कि पहले सोलन पहुँचते ही स्वेटर-जैकेट पहननी पड़ती थी, लेकिन अब वैसा मौसम नहीं रहा। उन्होंने कहा, 'हमने सोचा था कि यहाँ ठंड होगी, लेकिन अभी तो काफी गर्मी महसूस हो रही है और धूप भी तेज है।'

ग्लोबल वार्मिंग की भूमिका

बंसोड़े ने हिमाचल के मौसम में आ रहे क्रमिक बदलाव के लिए ग्लोबल वार्मिंग को एक संभावित कारण बताया। उनके अनुसार पेड़ों की कटाई और विकास के नाम पर हो रहे बदलाव इस समस्या को और गहरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति को संरक्षित रखते हुए ही वास्तविक प्रगति संभव है।

आम जनता और पर्यटन पर असर

गौरतलब है कि शिमला हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है, जिनमें से अधिकांश मैदानी इलाकों की चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए यहाँ आते हैं। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह हिमाचल प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में तापमान वृद्धि की दर मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक तेज़ है, जो चिंता का विषय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ अब छाते और ग्लूकोज पानी की ज़रूरत पड़ रही है। मुख्यधारा की कवरेज इसे 'असुविधाजनक मौसम' की तरह पेश करती है, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या हिमाचल सरकार और पर्यटन उद्योग जलवायु अनुकूलन की योजना बना रहे हैं। यदि तापमान वृद्धि का यह क्रम जारी रहा, तो हिमाचल का 'कूल डेस्टिनेशन' ब्रांड दीर्घकाल में दबाव में आ सकता है।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिमला में इस बार इतनी गर्मी क्यों है?
शिमला में इस बार तापमान सामान्य से अधिक है, जिसे स्थानीय निवासी और पर्यटक असामान्य बता रहे हैं। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग और पेड़ों की कटाई इस बदलाव के संभावित कारण हो सकते हैं।
क्या शिमला अभी भी पर्यटन के लिए उपयुक्त है?
हाँ, शिमला अभी भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है और गुजरात जैसे गर्म राज्यों से आए पर्यटकों को यहाँ का मौसम अपेक्षाकृत ठीक लग रहा है। हालाँकि मैदानी इलाकों की तुलना में राहत कम हुई है, इसलिए पर्यटकों को पानी और सनस्क्रीन साथ रखने की सलाह दी जाती है।
हिमाचल प्रदेश के मौसम में बदलाव कब से आ रहा है?
स्थानीय निवासियों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार पिछले एक से दो दशकों में हिमाचल के मौसम में क्रमिक बदलाव आया है। एक निवासी ने बताया कि पिछले 12 सालों में ऐसी गर्मी नहीं देखी, जबकि एक अनुभवी टूर गाइड ने कहा कि 22 साल पहले सोलन में ही जैकेट पहननी पड़ती थी।
ग्लोबल वार्मिंग का हिमाचल के पर्यटन पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि तापमान वृद्धि का क्रम जारी रहा तो हिमाचल प्रदेश की 'ठंडे पहाड़ों की छुट्टी' की छवि प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में तापमान वृद्धि की दर मैदानी इलाकों से अधिक तेज़ है, जो राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक चुनौती बन सकती है।
शिमला जाने वाले पर्यटकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
मौजूदा मौसम को देखते हुए पर्यटकों को पर्याप्त पानी, ग्लूकोज, और छाता साथ रखना चाहिए। धूप तेज होने के कारण सनस्क्रीन का उपयोग भी उचित रहेगा। स्थानीय निवासी खुद भी नींबू पानी और ग्लूकोज पानी साथ लेकर चलने लगे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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