तमिलनाडु में गर्मी में बढ़ोतरी की आशंका, अल नीनो से मानसून पर चिंता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तमिलनाडु में गर्मी में बढ़ोतरी की आशंका, अल नीनो से मानसून पर चिंता

सारांश

तमिलनाडु में गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है, जिससे तापमान में वृद्धि की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो के प्रभावों के कारण इस वर्ष भीषण गर्मी पड़ सकती है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु में गर्मी में वृद्धि का अनुमान है।
अल नीनो के कारण इस वर्ष भीषण गर्मी की चिंता है।
शुक्रवार को कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।
पश्चिमी घाट में मध्यम वर्षा का अनुमान है।
जलवायु परिवर्तन के कारण जल सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।

चेन्नई, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भीषण गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही तमिलनाडु में गुरुवार से तापमान में वृद्धि की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले दिनों में गर्मी के स्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।

मौसम बुलेटिन के अनुसार, तमिलनाडु और पुडुचेरी में शुक्रवार तक शुष्क मौसम रहने की उम्मीद है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में कोई महत्वपूर्ण बारिश नहीं होगी। हालांकि, शुक्रवार को कोयंबटूर और नीलगिरी के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

पश्चिमी घाट के कई जिलों में शनिवार से तीन दिनों तक मध्यम वर्षा की संभावना है, जिससे बढ़ते तापमान से कुछ हद तक राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने बताया है कि बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहेगा, लेकिन अगले तीन दिनों में इसमें ३ डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में बारिश की कोई संभावना नहीं है और दिन का तापमान ३४ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही शुष्क मौसम भी बना रहेगा।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन और संभावित शक्तिशाली अल नीनो के कारण इस वर्ष राज्य में भीषण गर्मी पड़ सकती है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव एम. राजीव ने आगाह किया है कि उभरते जलवायु संकेत आगामी मानसून ऋतु में अल नीनो के विकसित होने की प्रबल संभावना की ओर इशारा करते हैं। संकेत यह भी बताते हैं कि यह एक शक्तिशाली घटना में तब्दील हो सकता है।

हालांकि अभी भी अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन मई २०२६ तक स्पष्ट आकलन होने की उम्मीद है। उन्होंने अधिकारियों से सतर्क रहने और तैयारी के उपाय शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया।

अल नीनो घटनाएं भारत की मानसून प्रणालियों, विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी मानसून को बाधित करने के लिए जानी जाती हैं, जो तमिलनाडु की वार्षिक वर्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

एक तीव्र मौसमी घटना इन बारिशों में देरी या उन्हें कमजोर कर सकती है, जिससे लंबे समय तक सूखे और पानी की कमी का खतरा बढ़ सकता है। इस स्थिति का चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों को पेयजल आपूर्ति करने वाले जलाशयों पर काफी प्रभाव पड़ सकता है। कावेरी डेल्टा जैसे कृषि क्षेत्रों में कम वर्षा से फसल चक्र और पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जबकि भूजल पर बढ़ती निर्भरता जलभंडारों को और अधिक सुखा सकती है, जिससे दीर्घकालिक जल सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो किसानों और आम नागरिकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में गर्मी बढ़ने का क्या कारण है?
गर्मी बढ़ने का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन और अल नीनो का प्रभाव है।
क्या इस वर्ष मानसून पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो के कारण इस वर्ष मानसून प्रभावित हो सकता है।
क्या तापमान में वृद्धि सामान्य है?
तापमान में वृद्धि मौसमी परिवर्तन का हिस्सा है, लेकिन इसे अल नीनो से भी जोड़ा जा रहा है।
क्या बारिश की संभावना है?
कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन अधिकांश भागों में शुष्क मौसम रहने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस