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क्या शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोला? लालू पर तंज करते हुए कहा, 'पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बन गए'

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क्या शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोला? लालू पर तंज करते हुए कहा, 'पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बन गए'

सारांश

बिहार में राजद के अंदर जारी कलह ने तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिवानंद तिवारी ने उनकी नीतियों पर सवाल उठाते हुए खुलकर मोर्चा खोला है। क्या यह राजद के लिए नई समस्याएं लाएगा?

मुख्य बातें

बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को करारी हार मिली है।
शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोला।
राजद में अंदरूनी कलह की स्थिति है।
लालू यादव का परिवार राजनीतिक संकट में है।
तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं।

पटना, 16 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस दुर्गति के लिए तेजस्वी यादव अपने परिवार के भीतर घिरते हुए दिख रहे हैं। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में अंदरुनी कलह शुरू हो गई है। इस बीच, आरजेडी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है।

लालू यादव के करीबी शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार आंदोलन के दौरान लालू यादव और मैं फुलवारी शरीफ जेल के एक ही कमरे में रहे थे। लालू यादव उस आंदोलन का बड़ा चेहरा थे, लेकिन उनकी आकांक्षा बहुत छोटी थी। रात के भोजन के बाद जब हम अपनी-अपनी चौकी पर लेटे थे, तब लालू ने मुझसे अपने भविष्य के सपने को साझा किया था।

उन्होंने कहा कि लालू ने मुझसे कहा, 'बाबा, मैं राम लखन सिंह यादव जैसा नेता बनना चाहता हूं।' लगता है कि कभी-कभी ऊपर वाला शायद सुन लेता है। आज यह स्पष्ट हो रहा है कि उनकी वह इच्छा पूरी हो गई है। संपूर्ण परिवार ने जोर लगाया और उनकी पार्टी के मात्र पच्चीस विधायक ही जीते।

शिवानंद तिवारी ने कहा कि मन में यह सवाल उठ सकता है कि मैं तो स्वयं उस पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष था। फिर ऐसी बातें क्यों कर रहा हूं? मैं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष था, लेकिन यह अब अतीत की बात हो गई है। तेजस्वी यादव ने मुझे न केवल उपाध्यक्ष से हटाया, बल्कि कार्यकारिणी में भी स्थान नहीं दिया। ऐसा क्यों? क्योंकि मैं कह रहा था कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतंत्र के विरुद्ध साजिश है।

उन्होंने आगे कहा कि एसआईआर के खिलाफ राहुल गांधी के साथ सड़क पर उतरकर संघर्ष करो, पुलिस की मार सहो, जेल जाओ; लेकिन वह तो सपनों की दुनिया में मुख्यमंत्री का शपथ ले रहा था। मुझे उसकी सपनों में विघ्न डालना था। लालू यादव धृतराष्ट्र की तरह बेटे के लिए राज सिंहासन को गर्म कर रहे थे। अब मैं मुक्त हो चुका हूं। फुरसत पा चुका हूं। अब कहानियां सुनाता रहूंगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब परिवार के भीतर ही कलह शुरू हो जाती है, तो यह और भी गंभीर हो जाता है। शिवानंद तिवारी का तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोलना दर्शाता है कि राजद में असंतोष बढ़ रहा है। इससे राजद की स्थिति और भी कमजोर हो सकती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव के खिलाफ क्यों मोर्चा खोला?
शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव की नीतियों और नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए मोर्चा खोला है, जो पार्टी के अंदर के असंतोष को दर्शाता है।
लालू यादव का परिवार क्यों विवाद में है?
लालू यादव के परिवार में अंदरुनी कलह के चलते पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई है, जिससे तेजस्वी यादव पर दबाव बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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