12 अक्टूबर 2026
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शिवराज चौहान का कांग्रेस पर हमला: 'राम विरोधी अब शिव बारात की बात करते हैं'

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शिवराज चौहान का कांग्रेस पर हमला: 'राम विरोधी अब शिव बारात की बात करते हैं'

सारांश

शिवराज सिंह चौहान का एक बयान, दो बड़े वार — 'राम विरोधी अब शिव बारात की बात करते हैं' और 'नाच न जाने, आंगन टेढ़ा'। BJP मुख्यालय से कांग्रेस को उसकी लगातार हार और आंतरिक कलह का आईना दिखाया गया। यह महज़ तंज नहीं, बल्कि आगामी चुनावी संग्राम का सियासी ऐलान है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए।
चौहान ने कहा — जो लोग राम का विरोध करते थे, वे अब शिव बारात की बात करते हैं।
कांग्रेस की हार का कारण चुनाव आयोग (ECI) नहीं, बल्कि पार्टी का विचारशून्य नेतृत्व है — यह चौहान का आरोप।
कांग्रेस तमिलनाडु में 59 वर्ष , पश्चिम बंगाल में 49 वर्ष , उत्तर प्रदेश में 37 वर्ष और बिहार में 36 वर्ष से सत्ता से बाहर बताई गई।
कर्नाटक में सिद्धरमैया शिवकुमार और पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलाव — आंतरिक कलह का जिक्र।
चौहान ने 'नाच न जाने, आंगन टेढ़ा' कहावत से कांग्रेस की दोषारोपण की राजनीति पर व्यंग्य किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और नेता राहुल गांधी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार चुनावी पराजय के बाद अपनी असफलताओं की जिम्मेदारी संवैधानिक संस्थाओं पर थोप रही है, जबकि असली कारण उसका 'विचारशून्य और दिशाहीन नेतृत्व' है।

राम विरोध से शिव बारात तक: चौहान का तंज

चौहान ने कांग्रेस की धार्मिक सांस्कृतिक राजनीति पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि जो लोग पूरे जीवन राम का विरोध करते रहे, वे अब शिव बारात की चर्चा करने लगे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब पार्टी कपड़े बदलने की तरह मुख्यमंत्री भी बदल देती थी — एक ऐसा तथ्य जो पार्टी की आंतरिक अस्थिरता को दर्शाता है।

चुनाव आयोग पर आरोपों का खंडन

चौहान ने कहा कि कांग्रेस की पराजय के लिए चुनाव आयोग (ECI) को जिम्मेदार ठहराना सर्वथा गलत है। उनके अनुसार, पार्टी की हार का मूल कारण उसका नेतृत्व है, जो देश के लोगों और उनकी परंपराओं को समझने में विफल रहा है। उन्होंने प्रसिद्ध लोकोक्ति का सहारा लेते हुए कहा — "नाच न जाने, आंगन टेढ़ा" — इस मुहावरे के ज़रिए उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस अपनी कमियाँ स्वीकार करने के बजाय दूसरों पर दोषारोपण करती है।

राज्यों में कांग्रेस की स्थिति: चौहान के आँकड़े

चौहान ने कांग्रेस के राज्य स्तरीय पतन को संख्याओं के साथ रेखांकित किया। उनके अनुसार, कांग्रेस तमिलनाडु में लगभग 59 वर्षों, पश्चिम बंगाल में 49 वर्षों, सिक्किम में 42 वर्षों, उत्तर प्रदेश में 37 वर्षों और बिहार में 36 वर्षों से सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि तीन चार राज्यों को छोड़कर पार्टी अब अधिकतर जगहों पर एक कनिष्ठ गठबंधन भागीदार बनकर रह गई है — तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की 'बैसाखी' पर, बिहार में राजद के सहारे, और उत्तर प्रदेश में सपा बसपा के बीच झूलते हुए।

आंतरिक कलह पर निशाना

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के भीतर के कथित नेतृत्व संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी नेताओं के बीच मतभेद, पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलने और कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया तथा उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कथित नेतृत्व खींचतान का हवाला दिया। चौहान ने आरोप लगाया कि इन आंतरिक विवादों के कारण कांग्रेस जनता का भरोसा खोती जा रही है।

आगे क्या

चौहान ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर हमला बंद कर अपनी संगठनात्मक कमजोरियों की आत्म समीक्षा करनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम, त्रिपुरा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर पार्टी के भीतर भी मंथन जारी है। BJP और कांग्रेस के बीच यह जुबानी जंग आगामी चुनावी मौसम में और तेज़ होने के संकेत दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल कांग्रेस की कमज़ोरी का लाभ उठा रही है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवराज चौहान ने 'राम का विरोध और शिव बारात' वाली बात क्यों कही?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 अक्टूबर 2026 को यह बयान BJP मुख्यालय में दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी पूरे जीवन राम का विरोध करती रही और अब हिंदू मतदाताओं को लुभाने के लिए शिव बारात जैसे धार्मिक आयोजनों की बात करने लगी है। यह तंज कांग्रेस की धार्मिक सांस्कृतिक राजनीति को अवसरवादी बताने के लिए था।
चौहान ने चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोपों पर क्या कहा?
चौहान ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस की चुनावी हार के लिए चुनाव आयोग ज़िम्मेदार नहीं है। उनके अनुसार, हार का असली कारण पार्टी का विचारशून्य और दिशाहीन नेतृत्व है जो देश के लोगों और उनकी परंपराओं को समझने में विफल रहा है।
कांग्रेस कितने वर्षों से किन राज्यों में सत्ता से बाहर है?
चौहान के अनुसार, कांग्रेस तमिलनाडु में लगभग 59 वर्षों, पश्चिम बंगाल में 49 वर्षों, सिक्किम में 42 वर्षों, उत्तर प्रदेश में 37 वर्षों और बिहार में 36 वर्षों से सत्ता से बाहर है। पार्टी तीन चार राज्यों को छोड़कर अधिकतर जगहों पर एक कनिष्ठ गठबंधन भागीदार बनकर रह गई है।
चौहान ने कांग्रेस की आंतरिक कलह के बारे में क्या कहा?
चौहान ने उत्तर प्रदेश में नेताओं के बीच मतभेद, पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलाव और कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया तथा उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कथित नेतृत्व खींचतान का हवाला दिया। उनका आरोप था कि यह आंतरिक कलह पार्टी के राजनीतिक प्रदर्शन को कमज़ोर कर रही है।
'नाच न जाने, आंगन टेढ़ा' — चौहान ने यह कहावत किस संदर्भ में इस्तेमाल की?
शिवराज सिंह चौहान ने यह लोकोक्ति कांग्रेस की उस प्रवृत्ति पर व्यंग्य करने के लिए इस्तेमाल की जिसमें पार्टी अपनी चुनावी असफलताओं के लिए संवैधानिक संस्थाओं को दोष देती है, बजाय अपनी संगठनात्मक कमज़ोरियों की समीक्षा करने के।
राष्ट्र प्रेस
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