शिवराज चौहान ने बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान का लिया जायजा

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शिवराज चौहान ने बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान का लिया जायजा

सारांश

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों की स्थिति की समीक्षा का निर्देश दिया है। उन्हें किसानों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार संकट के समय उनके साथ है।

Key Takeaways

  • कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसल नुकसान की समीक्षा का निर्देश दिया।
  • केंद्र सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे संकट में उनके साथ हैं।
  • उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में फसलें प्रभावित हुई हैं।
  • ललितपुर में सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
  • कटाई में देरी हो रही है।

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि, किसान एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा करने के लिए निर्देशित किया है।

रविवार को जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में, मंत्री ने अधिकारियों को संबंधित राज्यों के अधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित करने और भारी बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी इकट्ठा करने का आदेश दिया।

बयान में कहा गया है कि चौहान ने प्रभावित राज्यों के किसानों को आश्वासन दिया है कि उन्हें चिंता की आवश्यकता नहीं है, और इस संकट के समय में केंद्र सरकार उनके साथ है। शिवराज सिंह ओलावृष्टि और भारी बारिश के कारण फसलों के नुकसान पर संबंधित राज्यों के कृषि मंत्रियों से भी चर्चा करेंगे।

उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं जैसी खड़ी रबी फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में 4,053.11 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे 14,207 किसान प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, ललितपुर जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 1,650.75 हेक्टेयर में फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 3,142 किसान प्रभावित हुए हैं। ललितपुर में मार्च में लगभग 118.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 30.3 मिमी होती है। इसके अलावा, सहारनपुर में भी फसल का नुकसान हुआ है, जहां 11 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें पांच गांवों के लगभग 44 किसान शामिल हैं।

इसी प्रकार, पंजाब में बेमौसम भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं की कटाई में बाधा उत्पन्न की है, जिससे किसानों में गंभीर चिंता है क्योंकि फसल पकने के अंतिम चरण में पहुंच गई है।

राज्य के कई हिस्सों में गेहूं की फसल पक चुकी है और अन्य क्षेत्रों में पकने के अंतिम चरण में है। लेकिन खेतों में अधिक बारिश के कारण कटाई में देरी हो रही है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण कटाई मशीनों को चलाना मुश्किल हो गया है।

भूमध्य सागर, कैस्पियन सागर और काला सागर क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह प्रतिकूल मौसम हो रहा है। पश्चिमी हवाओं के कारण भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अचानक बारिश हो रही है।

Point of View

विशेषकर उन क्षेत्रीय किसानों के लिए जिन्हें बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। केंद्रीय मंत्री का आश्वासन किसानों के लिए राहत का संकेत है, लेकिन इसे सही तरीके से कार्यान्वित करने की आवश्यकता है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

बेमौसमी बारिश का किसानों पर क्या प्रभाव है?
बेमौसमी बारिश से फसलों को नुकसान पहुँचता है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होती है।
केंद्र सरकार किसानों की मदद कैसे कर रही है?
केंद्र सरकार ने संकट के समय किसानों को समर्थन और राहत देने का आश्वासन दिया है।
कौन से राज्य बेमौसम बारिश से प्रभावित हुए हैं?
उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा मुख्य रूप से प्रभावित राज्य हैं।
ललितपुर जिले में फसलों को कितना नुकसान हुआ है?
ललितपुर में 1,650.75 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
इस मौसम में कटाई में देरी क्यों हो रही है?
बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो जाने से कटाई में देरी हो रही है।
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